जॉब एग्जाम में पूछे जाने वाले इन सवालों के जवाब नहीं जानते होंगे आप

जॉब एग्जाम में पूछे जाने वाले इन सवालों के जवाब नहीं जानते होंगे आप

Sunil Sharma | Publish: Aug, 04 2018 04:26:52 PM (IST) शिक्षा

रोजमर्रा के जीवन में हमारे साथ कई वैज्ञानिक घटनाएं घटती हैं, जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं या फिर हमें उनका पता ही नहीं चलता।

रोजमर्रा के जीवन में हमारे साथ कई वैज्ञानिक घटनाएं घटती हैं, जिन्हें हम नजरअंदाज कर देते हैं या फिर हमें उनका पता ही नहीं चलता। इन चीजों के बारे में अक्सर कॉम्पीटिशन एग्जाम में भी पूछा जाता है। हम ऐसी ही कुछ चीजों के पीछे छिपे विज्ञान के बारे में यहां जानेंगे।

1. थर्मामीटर को ऊनी कोट में लपेट कर रखें। कुछ घंटे बाद थर्मामीटर के तापमान में कुछ अंतर आएगा? अब बर्फ के दो टुकड़े लें। उनमें से एक को तश्तरी में रखें और दूसरे को कोट में लपेट दें। जब तश्तरी वाला टुकड़ा पिघल जाए तो कोट वाला टुकड़ा निकालें। यह पिघला या नहीं?
थर्मामीटर का ताप बिल्कुल वही रहेगा, जो पहले था क्योंकि न तो कोट ने उसे गर्म किया है और न ही खुद थर्मामीटर ने गर्मी पैदा की। कोट में रखा टुकड़ा भी लगभग नहीं के बराबर पिघलेगा। इन दोनों प्रभावों से साफ जाहिर है कि कोट ऊष्मा का कुचालक है। वह गर्मी को किसी भी ओर जाने से रोकता है। इसीलिए कोट हमें गर्म रखने में सहायक होता है। शरीर जो गर्मी पैदा करता है, कोट उस गर्मी को आस-पास की हवा में निकल जाने से रोकता है।

2. रात के समय बिल्ली या चीते की आंखें हल्की सी रोशनी पडऩे पर भी अंगारे की तरह चमकती हैं। ऐसा मनुष्य की आंखों के साथ नहीं होता। इसका क्या कारण है?
मनुष्य की आंखों के विपरीत बिल्ली या शेर की आंखों में टेपेटम ल्यूसिडम की एक परत होती है, जो प्रकाश को परावर्तित करती है। बिल्ली और शेर की आंखों में इस पदार्थ की परत एक अर्ध पारदर्शी, गोलाकार, उत्तल दर्पण की तरह काम करती है, जो आने वाले प्रकाश को एक चमकने वाले शंकु के रूप में परावर्तित करती है। यदि आप इस शंकु के बाहर हैं, तब आप उसकी आंखों को बिल्कुल भी नहीं देख पाएंगे। शायद इसी वजह से बाघ, बिल्ली या चीते को रात में अपने शिकार को अच्छी तरह से देखने में मदद मिलती है।

3. आपने चिडिय़ों को बिजली के खतरनाक तारों पर आराम से बैठे देखा होगा। वे बिजली के झटके से मरती क्यों नहीं, क्या आपको कभी यह सोचकर हैरानी नहीं हुई?
ऊंचे वोल्टेज वाले तार पर बैठ पक्षी के दोनों पैरों के बीच वोल्टेज में गिरावट बहुत कम होती है। साथ-साथ पक्षी के शरीर का विद्युत प्रतिरोध काफी अधिक होता है। इन दोनों कारणों से पक्षी के शरीर में विद्युत धारा लगभग नहीं के बराबर बहती है लेकिन अगर दुर्भाग्य से कोई पक्षी ऊंचे वोल्टेज वाले तार पर बैठकर बिजली के खंभे को छू लेता है तो तार और जमीन के बीच शॉर्ट सर्किट हो जाता है। पक्षी के शरीर में तेज करंट बहता है और बिजली के झटके से वह मर जाता है।

4. आपने ऑस्कर विजेता रिचर्ड एटेनबरो की फिल्म गांधी देखी है? उसमें एक दृश्य में गांधीजी अपनी सूती चादर एक गरीब औरत की ओर एक पोटली जैसी बनाकर नदी में फेंक देते हैं। तैरती जा रही चादर धीरे-धीरे फैल जाती है। चादर पानी में क्यों फैल जाती है? रुमाल का कोना पानी में डुबोने से रुमाल पूरा क्यों गीला हो जाता है?
यदि आप रुमाल का एक सिरा पानी में डुबो दें तो धीरे-धीरे उसका एक बड़ा हिस्सा गीला हो जाएगा। ऐसा केशिका नली क्रिया के कारण होता है। रुमाल या कपड़े कोई भी टुकड़ा, सूक्ष्म छिद्र वाली केशिका नलियों से भरा होता है। इन नलियों में सतही तनाव की क्रिया से पानी ऊपर चढ़ता है और अंत में कपड़े के एक बड़े हिस्से को गीला कर देता है। जब मुड़े-तुड़े कपड़े को पानी में फेंका जाता है, तब भी ऐसा ही होता है। जैसे ही वह पानी सोखना शुरू करता है, उसके वे हिस्से जो सूखे और पानी के ऊपर होते हैं, गीले और भारी हो जाते हैं। तब गुरुत्वाकर्षण बल उन हिस्सों को नीच खींच लेता है। गुरुत्व और कैपिलेरिटी के मिले-जुले प्रभाव के कारण कपड़ा आखिर में फैल जाता है।

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