JEE Exam: जॉइंट काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, स्टूडेंट्स चुन सकेंगे इंस्टीट्यूट और ब्रांच

JEE Exam: जॉइंट काउंसलिंग के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, स्टूडेंट्स चुन सकेंगे इंस्टीट्यूट और ब्रांच

Sunil Sharma | Publish: Jun, 16 2019 12:21:30 PM (IST) शिक्षा

22 जून को डिस्प्ले होगा पहला मॉक सीट अलोकेशन

देशभर की आइआइटी, एनआइटी, ट्रिपलआइटी व गवर्नमेंट फंडेड इंस्टीट्यूशन की जॉइंट काउंसलिंग के लिए जॉइंट सीट अलोकेशन अथोरिटी (जोसा) की ओर से शनिवार से रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं। स्टूडेंट्स अपनी रैंक के आधार पर इंस्टीट्यूट और ब्रांच की चॉइस फिलिंग कर सकेंगे। जिन स्टूडेंट्स ने आर्किटेक्चर एप्टीट्यूड टेस्ट दिया है, वे 21 जून से टेस्ट रिजल्ट के बाद अपनी चॉइस फिल कर सकते हैं। सात राउंड के जोसा की ओर से कंडक्ट किए जा रहे ऑनलाइन काउंसलिंग प्रोसेस में दो तरीके से स्टूडेंट्स को सीट्स अलॉट होंगी। पहले सिस्टम में सभी आइआइटी होंगे और दूसरे सिस्टम में एनआइटी व एसोसिएट इंस्टीट्यूट्स, जिसे एनआइटी प्लस सिस्टम नाम दिया गया है।

स्टूडेंट्स की ओर से भरी गई चॉइस के आधार पर 22 जून को पहला मॉक सीट अलोकेशन डिस्प्ले कर दिया जाएगा। इसके बाद स्टूडेंट्स अपनी चॉइस में चेंज कर सकेंगे। दूसरा मॉक सीट अलोकेशन 24 जून को डिस्प्ले होगा, इसके आधार पर स्टूडेंट्स को सलेक्ट की गई चॉइस में चेंज कर लॉक कर सकेंगे। इसके बाद 27 जून को फाइनल सीट अलोकेशन राउंड-1 डिस्प्ले होगा। जोसा की ओर से सीट अलोकेशन के सात राउंड डिस्प्ले किए जाएंगे। स्टूडेंट्स के चॉइस लॉक नहीं करने पर आखिरी सेव्ड चॉइस की लिस्ट को ऑटोमैटिकली लॉक करके राउंड-1 के लिए कंसीडर किया जाएगा। लॉक होने के बाद चॉइस में चेंज नहीं किया जा सकेगा।

19 से 23 जुलाई तक फाइनल रिपोर्टिंग
एक्सपट्र्स के अनुसार, सीट एक्सेप्टेन्स फीस जमा कराने के बाद स्लाइड या फ्लोट ऑप्शन चुनने के बाद 3 जुलाई को राउंड-2 का सीट अलोकेशन डिस्प्ले होगा। इसी तरह से 18 जुलाई तक 7 राउंड पूरे होंगे। किसी भी राउंड के बाद अगर स्टूडेंट्स अपनी सीट को फ्रीज करते हैं, तो सीट एक्सेप्टेन्स के लिए रिपोर्टिंग सेंटर पर रिपोर्ट करना होगा। साथ ही सीट विड्रॉ करके स्टूडेंट्स काउंसलिंग प्रोसेस से बाहर भी हो सकते हैं। सातवें राउंड के बाद सेंटर्स पर फाइनल रिपोर्टिंग 19 से 23 जुलाई के बीच होगी।

दोबारा करनी होगी रिपोर्टिंग
वहीं किसी भी राउंड में स्टूडेंट को एनआइटी प्लस सिस्टम में सीट अलॉट होती है और स्टूडेंट्स रिपोर्टिंग सेंटर पर रिपोर्ट करते हैं एवं बाद में अगर अगले किसी भी राउंड में आइआइटी सिस्टम में सीट चेंज होती है, तो स्टूडेंट को दोबारा सेंटर पर झाकर रिपोर्टिंग करनी होगी। इसी तरह पहले आइआइटी व बाद में एनआइटी प्लस सिस्टम की सीट के लिए भी दोबारा सेंटर रिपोर्टिंग करना जरूरी होगा। एक्सेप्ट की गई आइआइटी की सीट को स्टूडेंट्स काउंसलिंग राउंड-6 तक विड्रॉ कर सकते हैं।

चुनना होगा स्लाइड या फ्लोट
एक्सपर्ट आशीष अरोरा ने बताया कि स्टूडेंट को सीट अलॉट होने पर उसे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए 28 जून से 2 जुलाई के बीच रिपोर्टिंग सेंटर पर फिजिकली रिपोर्ट करना होगा। साथ ही सीट एक्सेप्टेंस फीस भी ऑनलाइन जमा करानी होगी। आगे के राउंड में पार्टिसिपेट करने के लिए स्टूडेंट्स को अपनी अलॉटेड सीट को स्लाइड या फ्लोट को सेलेक्ट करना होगा। अगर स्टूडेंट अपनी अलॉटेड सीट पर एडमिशन लेना चाहता है, तो इसे फ्रीज कर सकता है। वहीं स्टूडेंट अलॉटेड कॉलेज में ही रहना चाहता है और दूसरी ब्रांच के लिए अपग्रेड ट्राई करना चाहता है, तो स्लाइड ऑप्शन को सेलेक्ट करना होगा। कॉलेज अपग्रेड के लिए फ्लोट ऑप्शन सेलेक्ट करना होगा।

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