राजस्थान में 5 सरकारी बीएड कॉलेजों की मान्यता रद्द हुई, ये थे कारण

राज्य सरकार की उदासीनता के चलते राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने प्रदेश के सात में से ५ सरकारी बीएड कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी।

By: सुनील शर्मा

Published: 23 Oct 2018, 05:22 PM IST

राज्य सरकार की उदासीनता के चलते राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने प्रदेश के सात में से ५ सरकारी बीएड कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी। समिति ने यह निर्णय राजस्थान हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका के संदर्भ में लिया है। शैक्षणिक सत्र २०१९-२० से जयपुर के चिमनपुरा व कालाडेरा, जोधपुर के भोपालगढ़, अजमेर के नसीराबाद और उदयपुर के खेरवाड़ा स्थित सरकारी बीएड कॉलेज में प्रवेश नहीं होंगे।

एनसीटीई की उत्तर क्षेत्रीय समिति की १५ अक्टूबर को हुई २९०वीं बैठक में समिति के अध्यक्ष प्रो. जेके जोशी ने ये आदेश जारी किए। एनसीटीई के नियमानुसार बीएड कॉलेज में १६ शिक्षक और एक एचओडी होने के साथ उसकी इमारत न्यूनतम २ हजार वर्ग मीटर में होनी चाहिए। ये पांचों कॉलेज न्यूनतम मापदण्ड पूरे नहीं करते। राज्य सरकार ने ये सात बीएड कॉलेज वर्ष २०१५ में शुरू किए थे।

किसमें क्या कमी
१. बाबा भगवानदास महाविद्यालय चिमनपुरा- १ शिक्षक, एचओडी नहीं
२. आरएल सहरिया महाविद्यालय कालाडेरा- ६ शिक्षक, एचओडी नहीं, केवल ३०० वर्गमीटर में भवन
३. परसराम मदेरणा महाविद्यालय भोपालगढ़- ६ शिक्षक, एचओडी नहीं, ३६२ वर्गमीटर में भवन
४. राजकीय महाविद्यालय खेरवाड़ा- ५ शिक्षक, एचओडी नहीं, ३४२ वर्गमीटर में भवन
५. एसजीएसजी महाविद्यालय नसीराबाद- १ शिक्षक, एचओडी नहीं, १७३१ वर्गमीटर में भवन

सुनील शर्मा Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned