National Law University, Odisha : 25 प्रतिशत सीटें स्टेट के स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित

National Law University Odisha : नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिशा (National Law University Odisha) (एनएलयूओ) (NLUO) में 25 प्रतिशत सीटें ओडिशा के स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित होंगी। यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि हृरुह्र की सामान्य परिषद की बैठक में प्रदेश के सभी श्रेणी के मूल निवासी स्टूडेंट्स को स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में आरक्षण देने पर मुहर लगाई गई।

By: Jitendra Rangey

Published: 06 Jan 2020, 03:59 PM IST

National Law University Odisha : नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ओडिशा (National Law University Odisha) (एनएलयूओ) (NLUO) में 25 प्रतिशत सीटें ओडिशा के स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित होंगी। यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि हृरुह्र की सामान्य परिषद की बैठक में प्रदेश के सभी श्रेणी के मूल निवासी स्टूडेंट्स को स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में आरक्षण देने पर मुहर लगाई गई। परिषद ने आरक्षण लेने के लिए पात्रता मानदंड भी तय कर दिए हैं। undergraduate programme में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों ने क्लास 12 या समकक्ष प्रदेश से कम से कम 60 प्रतिशत अंकों के साथ किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज/यूनिवर्सिटी से पास की हो।

वहीं, post-graduate programme के लिए जिन उम्मीदवारों ने राज्य के किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज/यूनिवर्सिटी से कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ undergraduate law programme या समकक्ष परीक्षा पास की हो, वे आरक्षण पाने के पात्र होंगे। हालांकि, लॉ यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने बताया कि आरक्षण clat (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट) (Common Law Admission Test) स्कोर के अधीन होगा। उन्होंने आगे कहा कि शनिवार को परिषद की हुई बैठक में लंबे समय से यूनिवर्सिटी में आरक्षण की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा किया गया है।

NLUO के कुलपति प्रोफेसर श्रीकूष्णा देवा राव ने बताया कि डोमिसाइल रिजर्वेशन सभी श्रेणियों के लिए 2020-21 शैक्षणिक वर्ष से प्रभावी होगा। उल्लेखनीय है कि कटक में स्थापित, NLUO में शैक्षणिक सत्र वर्ष 2009 में शुरू हुआ था और वर्तमान में वहां undergraduate programme के लिए 180 सीटें हैं और post-graduation course के लिए 50 सीटें हैं। इससे पहले, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने केंद्र को पत्र लिखकर यूनिवर्सिटी में प्रदेश के स्टूडेंट्स के लिए आरक्षण की मांग की थी। मामले को राज्य विधानसभा के साथ साथ राज्यसभा में भी उठाया गया था।

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