16 वर्ष के बच्चों को 8वीं की परीक्षा के अयोग्य मानने का मामला, हाईकोर्ट ने मांगी गाइड लाइन

16 वर्ष के बच्चों को 8वीं की परीक्षा के अयोग्य मानने का मामला, हाईकोर्ट ने मांगी गाइड लाइन

Sunil Sharma | Updated: 23 Oct 2018, 03:50:39 PM (IST) शिक्षा

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अब तक राज्य सरकार 16 वर्ष की आयु के बच्चों को 8वीं की परीक्षा में शामिल करने के बारे में गाइड लाइन नहीं बना सकी है।

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी अब तक राज्य सरकार 16 वर्ष की आयु के बच्चों को 8वीं की परीक्षा में शामिल करने के बारे में गाइड लाइन नहीं बना सकी है। 16 वर्षीय प्रियंका की याचिका पर सोमवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार से पूछा कि कोर्ट के निर्देश पर गाइड लाइन का क्या हुआ? इस पर एएजी ने कहा कि प्रियंका को आठवीं की परीक्षा देने की अनुमति दे दी गई है लेकिन, गाइड लाइन की जानकारी उनके पास नहीं है।

यह था मामला
16 वर्षीय प्रियंका को आठवीं की परीक्षा के अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इस पर प्रियंका ने राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नन्द्राजोग को लिखे पत्र में सवाल किया कि क्या उम्र अधिक होने के कारण वह पढ़ नहीं सकेगी? जबकि शिक्षा ग्रहण करने से किसी को रोका नही जा सकता। मुख्य न्यायाधीश ने पत्र को जनहित याचिका मानते हुए सरकार से जवाब मांगा था और इस मामले में गाइड लाइन बनाने के आदेश दिए थे। इसके बाद सरकार ने प्रियंका को आठवीं कक्षा की परीक्षा में बैठने की अनुमति दे दी थी। उल्लेखनीय है कि सरकार ने एक नियम बनाकर 16 वर्ष की उम्र के बच्चों को आठवीं की परीक्षा के अयोग्य करार दिया था।

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