तकनीक से बदलेगी एजुकेशन, स्टूडेंट्स को होंगे ये फायदे

ब्लॉकचेन नेटवर्क्स, कम्प्यूटर सिम्युलेशन्स और एआइ से शिक्षा के क्षेत्र में इनोवेशन हो रहे हैं। जानते हैं इनके बारे में-

By: सुनील शर्मा

Published: 08 Apr 2020, 07:00 PM IST

एक लडक़ी अपनी ड्राइवरलेस कार में बैठकर कॉलेज आती है। कॉलेज की हर कक्षा के अंदर दीवारों पर नोट्स प्रोजेक्टेड किए जा रहे हैं। लडक़ी अपने आर्किटेक्चरल प्रोजेक्ट के लिए एक 3डी होलोग्राफिक मॉडल बनाने के लिए अपने हाथों से जेस्चर करती है। आपको यह विज्ञान फंतासी की तरह लग रहा होगा। लेकिन यह परिदृश्य पहले से मौजूद टेक्नोलॉजी पर आधारित है। साउदर्न न्यू हैंपशायर यूनिवर्सिटी की इनोवेशन युनिट सैंडबॉक्स कोलाबोरेटिव एक ऐसा स्थान है, जहां पर कॉलेज की शिक्षा को आकार प्रदान करने के लिए विशेषज्ञ इनोवेशन का परीक्षण कर रहे हैं। इसके लिए ब्लॉकचेन नेटवक्र्स, कम्प्यूटर सिम्युलेशन्स और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को काम में लिया जा रहा है।

नए विचारों का परीक्षण
पूरी दुनिया में अब विद्यार्थी अपने कन्वर्सेशन पार्टनर्स के अवतार के साथ मिलकर वर्चुअल रियलिटी फॉरेन स्ट्रीटस्कैप्स में भाषाओं को सीख सकेंगे। यह एक अलग तरह का अनुभव होगा। विद्यार्थियों के सवालों का जवाब एआइ टीचिंग असिस्टेंट्स देंगे। विद्यार्थी अपनी खुद की डिजिटल ट्रांसक्रिप्ट्स को नियंत्रित कर पाएंगे।

जोखिम से मुक्त कैंपस
उच्च शिक्षा में उन्नति और संभावनाओं का काफी विस्तार हो सकता है। आइडाहो में स्थित बोइसे स्टेट यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इनोवेशन एंड डिजाइन के संस्थापक डीन जॉर्डन जॉन्स कहते हैं कि भविष्य में उच्च शिक्षा के कैंपस जोखिम से पूरी तरह से मुक्त होंगे। यहां पर विद्यार्थी अपने हर तरह के शोध कार्यों को पूर्ण कर सकेंगे।

कॉलेज का सब्स्क्रिप्शन
महाविद्यालयों में शिक्षा ग्रहण का तरीका भी तेजी से बदलने वाला है। अब विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की महंगी फीस भरने से मुक्ति मिल जाएगी। विद्यार्थी कॉलेज में एनरोल होने के बजाय कॉलेज का सब्स्क्रिप्शन ले सकेंगे। इसके लिए मासिक फीस देनी होगी। विद्यार्थी अपनी जरूरत के हिसाब से पाठ्यक्रम का चयन कर सकेंगे। जार्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सब्स्क्रिप्शन मॉडल को बढ़ावा दे रहा है।

रोबोट टीचर
जार्जिया टेक एक वर्चुअल टीचिंग असिस्टेंट जिल वॉटसन के साथ प्रयोग कर रहा है। यह आइबीएम वॉटसन सुपर कम्प्यूटर प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। यह किसी विचार-विमर्श के दौरान सवालों के जवाब दे सकता है। यह इंसानों को पढ़ाने में मदद कर सकता है। यूनिवर्सिटी अब वर्चुअल ट्यूटर विकसित करने में लगी हुई है।

Show More
सुनील शर्मा Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned