motivational story: ग्रामीणों की अनूठी पहल, पढ़ाई से पहले सुधारेंगे स्कूल

सरकारी स्कूलों से लोगों का मोह लगातार भंग हो रहा है। लेकिन कुछ शिक्षक ऐसे भी है जो मिसाल बन गए हैं।

By: Jitendra Rangey

Published: 18 Feb 2020, 06:04 PM IST

सरकारी स्कूलों से लोगों का मोह लगातार भंग हो रहा है। लेकिन कुछ शिक्षक ऐसे भी है जो मिसाल बन गए हैं। ऐसे में पाली के रोहट तहसील का एक गांव ऐसा है, जहां के ग्रामीणों ने अनूठी पहल की है। उन्होंने गांव के जर्जर हो चुके माध्यमिक विद्यालय में नए कक्षा कक्ष बनाकर अगले सत्र से गांव के हर बच्चे को इस स्कूल में प्रवेश कराने का संकल्प किया है। शिक्षकों ने ग्रामीणों को मॉर्डन स्कूल की तर्ज पर अध्यापन कराने का भरोसा दिलाया है। इसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से विद्यालय परिसर में 30 लाख की लागत से पांच कक्ष व मंच बनाने का कार्य शुरू करवाया गया है। जिसे जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे अगला सत्र शुरू होने पर विद्यार्थियों को अध्ययन कराने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो।

हर ग्रामीण को जोड़ेंगे: गांव व स्कूल से हर ग्रामीण को जोडऩे के लिए ग्रामीणों की ओर से एक सोशल मीडिया ग्रुप का बनाया गया। इसमें गांव में रहने वाले अभिभावकों के साथ प्रवासियों को भी जोड़ा गया।

तीन लाख रुपए की हुई घोषणा
स्कूल प्रशासन की ओर से 26 जनवरी को बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें प्रवासी ग्रामीण टीकमराम ने 50 हजार रुपए देने की घोषणा के बाद ग्रामीणों ने तीन लाख रुपए नकद देने की घोषणा की। ग्रामीण वेलाराम ने सीसीटीवी कैमरे लगाने की घोषणा की।

..तो बच्चों का प्रवेश गांव के स्कूल में ही करवाएंगे
गांव के पुणे में निवास करने वाले प्रवासियों ने भी बैठक में भाग लिया था। उनका कहना था कि शिक्षक मॉर्डन स्कूल जैसा अध्ययन कराने को तैयार है तो वे भी अगले सत्र से बच्चों का प्रवेश गांव के ही स्कूल में करवाएंगे।

अभी मात्र 97 विद्यार्थी
गांव के माध्यमिक स्कूल में अभी केवल 97 बच्चे है। स्कूल का ग्रामीणों के सहयोग से विकास करवाया जा रहा है। ग्रामीणों ने अगले सत्र से सभी बच्चों का प्रवेश यहां कराने का संकल्प किया है। अभी करीब 250 बच्चे अन्य स्कूलों में पढ़ रहे है। -जोराराम विश्नोई, प्रधानाध्यापक, राजकीय माध्यमिक विद्यालय, सरदारपुरा की ढाणी

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