UP : 37 सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों का वेतन रोका, वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले मे यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर बरती जा रही लापरवाही के मद्देनजर 37 स्कूलों के प्रधानाचार्यों का वेतन रोक दिया गया है।

By: जमील खान

Updated: 03 Jan 2019, 02:15 PM IST

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले मे यूपी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर बरती जा रही लापरवाही के मद्देनजर 37 स्कूलों के प्रधानाचार्यों का वेतन रोक दिया गया है। इटावा के जिला विघालय निरीक्षक राजू राणा ने बुधवार को बताया कि यूपी बोर्ड की परीक्षा की तैयारियों को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसे लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। इस कारण परीक्षा केन्द्र बनाए जिन विद्यालयों में तैयारियां पूरी नहीं हैं, उनके प्रधानाचार्यों का वेतन रोक दिया गया है। यह वेतन तब तक के लिए रोका गया है जब तक सभी तैयारियां दुरस्त नहीं हो जाती।

उन्होंने बताया कि गया प्रसाद वर्मा स्मारक इंटर कॉलेज बिजपुरी खेड़ा, बीएसटी इंटर कॉलेज बलरई इटावा, जिला पंचायत उच्च माध्यमिक विद्यालय सरसईनावर, बलबंत शहीद इंटर कॉलेज नगरिया यादवान, जनसहयोगी बालिका इंटर कॉलेज बसरेहर, लाला सियाराम इंटर कॉलेज सरसईनावर, कलावती रामप्यारी बालिका इंटर कॉलेज लखना, कर्मक्षेत्र इंटर कॉलेज इटावा, सनातन धर्म इंटर कॉलेज इटावा, शिवनारायण इंटर कॉलेज इटावा, जनता इंटर कॉलेज इटावा, तिवारी ज्वाला प्रसाद आर्यकन्या इंटर कॉलेज इटावा, शीतल प्रसाद शोराबाल बालिका इंटर कॉलेज इटावा, सर्वाेदय इंटर कॉलेज लौंगपुर, मुलायम सिंह इंटर कॉलेज रायनगर, हिन्दू विद्यालय इंटर कॉलेज जसवंतनगर, अशोक इंटर कॉलेज अंडावली कोकावली, जनता इंटर कॉलेज पूठन सकरौली, महात्मा गांधी सैनिक इंटर कॉलेज पछायगांव, जनता इंटर कॉलेज बकेवर, लोकमान्य रूरल इंटर कॉलेज महेवा, बिहारी जी इंटर कॉलेज अहेरीपुर, चो. जवाहर सिंह इंटर कॉलेज सुतियानी, इंदिरा गांधी इंटर कॉलेज खरगपुर सरैया, जनसहयोगी इंटर कॉलेज मोढ़ी भरथना, एसएवी इंटर कॉलेज भरथना, आर्यश्यामा इंटर कॉलेज भरथना, जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज बुआपुर, डॉ. राममनोहर लोहिया इंटर कॉलेज धनुआ, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जसवंतनगर और अमिताभ बच्चन राजकीय इंटर कॉलेज सैफई के प्रधानाचार्यों का वेतन रोकने के आदेश दिए गए हैं।

उन्होंनेे बताया कि इटावा जिले में इस वर्ष 74 विद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। सरकार के निर्देश के मुताबिक इस वर्ष यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई जाएंगी। इसके साथ ही वॉयस रिकॉर्डर भी लगाए जाएंगे। जिन कक्षों में बैठकर विद्यार्थी परीक्षा देंगे उन सभी कमरों में सीसीटीवी और वायस रिकॉर्डर होना जरूरी है। इस संबंध में पहले ही निर्देश दे दिए थे। इसके बाद डीआईओएस ने नोडल अधिकारी बनाकर इन स्कूलों में परीक्षा से संबंधित तैयारियों की जांच कराई तो परीक्षा केन्द्र बनाए गए 37 विद्यालय ऐसे मिले जिनके सभी कमरों में सीसीटीवी और वायस रिकॉर्डर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीआईओएस ने इन सभी 37 विद्यालयों में न सिर्फ सीसीटीवी तथा वॉयस रिकॉर्डर लगवाने के निर्देश दिए, बल्कि इन विद्यालयों के प्रधानाचार्यो का वेतन भी रोके जाने के आदेश दे दिए हैं।

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