UP Assembly Elections 2022 : बसपा ने चुनाव के लिए बनाया मास्टर प्लान, मायावती अब नहीं करेंगी ये काम

UP Assembly Elections 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार बसपा भी घोषणाओं का सहारा लेगी। मायावती ने कहा के सरकार बनी तो नहीं करवायेंगी स्मारक और गुरुओं के नाम पर पार्क का निरमाड़, सिर्फ विकास पर रहेगा फोकस। जानिए बसपा का क्या है मास्टर प्लान

By: Arsh Verma

Updated: 14 Sep 2021, 03:32 PM IST

लखनऊ।(UP Assembly Elections 2022 ) यूपी चुनाव को लेकर बसपा एक्शन में आ गई है, यूं तो बसपा कोई घोषणा पत्र जारी नही करती है लेकिन इस बार प्लानिंग है कि बसपा चुनाव में रोजगार और विकास के मुद्दे जोर शोर से उठाएगी। बसपा ने हाल ही में हुए सम्मेलन में ये साफ कर दिया था के वो इस बार के विधानसभा चुनाव अपने दम पर ही लड़ेगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने ये साफ कर दिया है कि इस बार उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी और किसी भी अन्य दल के साथ हाथ नही मिलेंगी।

मायावती ने बसपा उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देने का काम शुरू कर दिया गया है। खबर है कि कानपुर देहात, प्रयागराज, कौशांबी, मऊ और आजमगढ़ की अधिकतर सीटों पर टिकट फाइनल किए जा चुके हैं। इनके उम्मीदवारों की घोषणा भी शुरू कर दी गई है।

घोषणाओं का चिट्ठा तैयार

चुनावी मैदान में मायावती भी उतर गईं है और चुनावों से पहले की जाने वाली घोषणाएं भी लगभग बसपा द्वारा फाइनल कर ली हैं।

अभी तक की गई घोषणाएं:

मायावती बसपा प्रबुद्ध सम्मेलन के समापन पर सत्ता में आने पर वित्त विहीन शिक्षकों के हितों पर विचार करने के लिए आयोग बनाने और प्रदेश के सभी संस्कृत स्कूलों को सरकारी सुविधाएं देने की घोषणा कर चुकी हैं। इसके साथ ही मायावती ने यह साफ कर दिया है कि इस बार सत्ता में आने पर वे दलित समाज के महापुरुषों, गुरुओं के नाम पर पार्क, संग्रहालय और प्रेरणा स्थल का निर्माण नहीं कराएंगी।

बसपा पर है स्मारक घोटाले का आरोप

सन् 2007–2011 में बसपा सरकार पर आरोप लगा था कि

स्मारकों एवं उद्यानों के निर्माण में लगने वाले पत्थरों की खरीद में घोटाला किया गया था, जिसकी अभी जांच जारी है और पुलिस द्वारा कई चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई हैं। स्मारकों में अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल, मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल, गौतम बु़द्ध उपवन, ईको पार्क व नोएडा का अंबेडकर पार्क शामिल हैं।

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मायावती की पार्टी बसपा पर आरोप है कि इनके लिए 42 अरब 76 करोड़ 83 लाख 43 हजार का बजट आवंटित हुआ था। जिसमें सिर्फ 41 अरब 48 करोड़ 54 लाख 80 हजार की धनराशि ही खर्च की गई। लोकायुक्त की जांच में पाया गया कि खर्च की गई धनराशि का 34 प्रतिशत जो तकरीबन 14 अरब 10 करोड़ 50 लाख 63 हजार दो सौ रुपये की थी वो राशि विभागीय मंत्रियों व अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।

ब्राह्मण चेहरा

चुनावों में ब्राह्मण वोटर को साथ लाने के लिए मायावती का ब्राह्मण चेहरा सतीश चंद्र मिश्रा राज्यसभा के सदस्य हैं। जिनकी प्रदेश में पकड़ आने वाले चुनावों में बसपा के लिए किसी संजीवनी की तरह मानी जा रही है।

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बसपा सुप्रीमो के एजेंडे पर इस पर अपर कास्ट के साथ यूथ होगा। यूथ को साथ लाने के लिए चुनावी मैदान से मायावती कई बड़ी घोषणाएं करने की तैयारियों में जुटी हैं। इसके साथ ही वह यह भी बताएंगी कि प्रदेश की तरक्की के लिए और क्या-क्या करेंगी।

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