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मुद्दे की बात: मथुरा तक हाथरस कांड की गूंज, आवारा गोवंश व महंगाई चुनावी मुद्दा

मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि के समीप रहने वाले चतुर्भुज गुप्ता से विकास पर चर्चा शुरू हुई, तो वह कहने लगे कि एक आया सड़क बना दी और दूसरे ने पाइप लाइन, सीवरेज लाइन के लिए सड़क खोद दी। इसे विकास थोड़े ही कहते हैं। महंगाई का चौतरफा वार है। सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पर गुप्ता ने खुलकर कहा कि आप और हमारी कमी के चलते ही नेता ऐसा कर पाते हैं। सोशल मीडिया पर अंकुश लगाने की जरूरत है। इस पर वीडियो और संदेश वायरल होने के चलते ही दंगे होते हैं।

Updated: November 18, 2021 01:10:01 pm

शादाब अहमद

मथुरा. उत्तर प्रदेश का मथुरा जिला जहां भगवाल श्री कृष्ण का जन्म हुआ था अपनी परम्पराओं व आस्था के लिए विश्व प्रसिद्ध है। धार्मिक नगरी होने के बावजूद भी जिला पिछड़ा है मथुरा को जैसे विकास की जरूरत है वैसा विकास यहां नहीं किया गया है। अब जब विधानसभा चुनाव करीब है ऐसे में मथुरा के लोग क्या सोचते हैं विकास का मुद्दा उनके लिए कितना महत्वपूर्ण है इस बात को समझने के लिए हमने यहां के लोगों से बात चीत की उनके चुनावी मुद्दों को समझने की प्रयास किया। हम जैसे मथुरा और आस-पास के गांवों में पहुंचे और लोगों से बाचचीत की हमें पता चला कि आवारा पशु भी चुनावी मुद्दा बन रह है। मतदाता मथुरा-वृंदावन के विकास की बात तो करते हैं, लेकिन लावारिस गोवंश की परेशानी बताने से भी नहीं चूकते। लोगों का कहना है कि आवारा गोवंश के चलते झगड़े भी हो चुके हैं। कृष्ण जन्म भूमि विवाद फिलहाल चुनावी चर्चा से दूर है। समीप के हाथरस इलाके में एक साल पहले दलित युवती से बलात्कार व हत्याकांड के मामले की गूंज यहां पर भी सुनाई देती है।
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मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि के समीप रहने वाले चतुर्भुज गुप्ता से विकास पर चर्चा शुरू हुई, तो वह कहने लगे कि एक आया सड़क बना दी और दूसरे ने पाइप लाइन, सीवरेज लाइन के लिए सड़क खोद दी। इसे विकास थोड़े ही कहते हैं। महंगाई का चौतरफा वार है। सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पर गुप्ता ने खुलकर कहा कि आप और हमारी कमी के चलते ही नेता ऐसा कर पाते हैं। सोशल मीडिया पर अंकुश लगाने की जरूरत है। इस पर वीडियो और संदेश वायरल होने के चलते ही दंगे होते हैं। इसके बाद वृंदावन में पिछले दिनों तैयार हुए टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर में युवाओं से चुनावी चर्चा शुरू की तो धार्मिक नगरी में किए विकास कार्यों की फेहरिस्त गिना दी। महेश चौधरी ने टूरिस्ट फैसिलिटी सेंटर दिखाते हुए कहा कि यह भाजपा सरकार ने ही बनवाया है। कुंभ मेले की जमीन से कब्जे हटवाए हैं। बस स्टैंड भी बनवाया और कई नई सड़कें बनवाई हैं। हालांकि खेती की बात करते ही महेश का दर्द फूटने लगा और कहने लगे कि उनका आलू 300 रुपए प्रति कट्टा बिका है, जबकि व्यापारी इससे तीन गुनी कीमत पर बेचकर लाभ कमा रहे हैं। किसानों की आय में बढ़ोतरी के सरकारी दावे खोखले हैं। मथुरा क्षेत्र में किसान आंदोलन का चुनाव पर असर दिख रहा है। इस बीच अंबिका प्रसाद द्विवेदी भी चर्चा में शामिल हुए उन्होंने बताया कि कि सरकार ने किसानों और शहर के लिए अच्छा काम किया है। लोगों के घरों में शौचालय बना दिए गए हैं। किसानों के खातों में रुपए आ रहे हैं। महंगाई के लिए पहले वाली सरकारें जिम्मेदार है।
अंबिका की बात काटते हुए प्रीतम सिंह कहने लगे कि यह सही है कि विकास कार्य हुए हैं, लेकिन पुलिस व नेताओं की दादागिरी भी बढ़ी है। लखीमपुर और हाथरस की घटनाओं का यहां असर दिखेगा। इसके बाद हम हाथरस की ओर बढऩे लगे। मथुरा से करीब 10 किलोमीटर दूर एक खेत में चौपाल लगी मिली। वहां करीब आधा दर्जन किसानों से चुनाव पर चर्चा शुरू हुई। यह देखकर वृद्धा देवेन्द्री बाई भी वहां आर्इं और कुर्सी पर बैठते हुए तपाक से कहा, 'पिछले साढ़े चार साल में सरकार ने 'बुरो कर दयो है। आलू-बाजरा गइया खा रही हैं और हमें 920 रुपए में गैस सिलेंडर मिल रयो है’ अब राम मंदिर बनाने के लिए नंबर लेने आ गवे भइया। भूदेव सिंह चौधरी उनकी बात को आगे बढ़ाते हुए कहने लगे, 'सरकार ने कुछ न कियो, डंडा और पड़े हैं। रातभर गाय खेत में घूमकर फसल का नुकसान करती है। किसानों को रातभर सर्दी में जागकर फसलों को बचाने के लिए गायों को भगाना पड़ता है। जोगेन्द्र सिंह का कहना है कि गौशालाएं पर्याप्त संख्या में नहीं खोली गईं यही वजह है कि शहर हो या गांव गाय लावारिस घूमती रहती हैं। रात में सड़कों पर गायों के झुंडों के कारण वाहन चलाने में परेशानी होती है। कुछ साल पहले हुए दंगों का जिक्र करते हुए राजेश सिंह और रफीक खान कहने लगे कि नेता अपने फायदे के लिए दंगे करवाते हैं। अब इस तरह के कोई हालात नहीं हैं। गांवों में सभी लोग मिलजुल कर रहते हैं।
इसके बाद हम इगलास कस्बे में ठहरे, जहां युवा विशाल सिंघल से चर्चा शुरू हो गई। सरकार के वादे पूरे करने पर मुहर लगाते हुए सिंघल ने कहा कि कोविड से हालात बिगड़े। अब इसमें सुधार के लिए कदम उठाए हैं तो थोड़ी महंगाई तो बढ़ेगी ही। आरसी गुप्ता ने प्राइवेट सेक्टर की समस्याओं पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनियों में कर्मचारियों के शोषण पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। इसके बाद हम हाथरस के समीप एक गांव में बलात्कार पीडि़ता के घर पहुंच गए, जहां आज भी सीआरपीएफ के जवान तैनात है। इतनी सुरक्षा के बावजूद परिजन आज भी डरे-सहमे हैं और कहते हैं कि वे इन सुरक्षाकर्मियों पर भरोसा करते हैं, लेकिन ये कब तक रहेंगे। एक-ना-एक दिन तो सरकार उन्हें हटा ही लेगी। साथ ही ये लोग काम धंधा नहीं मिलने से भी परेशान हैं। गौरतलब है कि मथुरा जिले की पांचों ओर हाथरस की तीनों विधानसभा सीटों पर 2017 में भाजपा ने अपना परचम फहराया था।

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