scriptKnow about Varanasi City Southern Assembly Constituency | Uttar Pradesh Assembly Elections 2022: शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र, जिसने यूपी को डॉ संपूर्णानंद के रूप में मुख्यमंत्री दिया | Patrika News

Uttar Pradesh Assembly Elections 2022: शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र, जिसने यूपी को डॉ संपूर्णानंद के रूप में मुख्यमंत्री दिया

वाराणसी शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र जहां बाबा विश्वनाथ का दरबार है जो ये इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण तीर्थ व अब महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में तब्दील हो चुका है। मां गंगा तट पर बसी प्राचीन काशी इसी शहर दक्षिणी में ही बसती है। यहां से फिलहाल भाजपा के डॉ नीलकंठ तिवारी विधायक हैं जिन्होंने 2017 के चुनाव में कांग्रेस के पूर्व सांसद डॉ राजेश मिश्र को 17 हजार मतों से हराया था। यही वो क्षेत्र है जहां से भाजपा के श्यामदेव राय चौधरी ने लगातार सात बार बीजेपी को जीत दिलाई।

वाराणसी

Published: December 18, 2021 11:40:51 am

वाराणसी. पतित पावनी मां गंगा के तट पर बसी प्राचीन काशी को समेटे, गंगा जमुनी तहजीब वाला क्षेत्र ही शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र है। आजादी के बाद इसी क्षेत्र के विधायक रहे डॉ संपूर्णानंद प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री बने। ये वो इलाका है जहां इस काशी नगरी को बसाने वाले बाबा विश्वनाथ का धाम है। जगत का पालन-पोषण करने वाली मां अन्नपूर्णा का विशाल प्रांगण भी इसी क्षेत्र में है। काशी के ज्यादातर तीर्थ स्थल और पर्यटन स्थल भी इसी क्षेत्र में हैं। अब तो यहां विशाल विश्वनाथ धाम भी बन कर तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को लुभा रहा है। ये वो क्षेत्र है जहां से भाजपा के वरिष्ठ नेता श्याम देव राय चौधरी सात बार विधायक बने। फिलहाल यहां से भाजपा के डॉ नीलकंठ तिवारी विधायक हैं और यूपी मंत्रिमंडल के सदस्य भी हैं। जानते हैं विधानसभा क्षेत्र का समीकरण…
वाराणसी शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के योद्धा
वाराणसी शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के योद्धा
डॉ संपूर्णानंद जो दो बार विधायक बने पर कभी प्रचार नहीं किया

दक्षिणी विधानसभा से 1957 में विधायक रहे डॉ. संपूर्णानंद उत्तर प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री रह चुके हैं। बतौर मुख्यमंत्री डॉ. संपूर्णानंद ने काशी के विकास को एक नया आयाम दिया। काशी की धरोहर पक्के घाट का पुनर्निर्माण कराया। उन्हें नया जीवन दिया। खास यह कि शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से डॉ संपूर्णानंद दो बार विधायक चुने गए, लेकिन किसी चुनाव में अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार को नहीं निकले।
विधानसभा क्षेत्र का चुनावी अतीत

दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से आजादी के बाद के शुरुआती दौर में कांग्रेस और सीपीआई के बीच जोरदार मुकाबला रहा है। दो चुनावों (1951 और 1957) में संपूर्णानंद के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले सीपीआई के रुस्तम सैटिन को पराजय का समाना करना पड़ा। फिर 1962 में कांग्रेस के गिरधारी लाल ने रुस्तम सैटिन को पराजित किया। इस क्षेत्र से रुस्तम सैटिन को तीन पराजय के बाद 1967 में जीत हासिल हुई। उसके बाद अगले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनसंघ के सचिंद्र नाथ बख्शी ने उन्हें मात दी।
वाराणसी के दक्षिणी विधानसभा चुनाव क्षेत्र में 1980 और 1985 के चुनाव में कांग्रेस ने फिर से वापसी की। पहले कांग्रेस के कैलाश टंडन उसके बाद डॉ. रजनी कांत दत्ता चुनाव जीते। लेकिन इसके बाद से दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र पर भाजपा ने पूरी तरह से कब्जा जमा लिया।
लगातार सात बार विधायक बने चौधरी

1989 से 2012 तक लगातार सात बार बीजेपी के जुझारू और लोकप्रिय नता श्यामदेव राय चौधरी "दादा' चुनाव जीते। लेकिन जब नरेंद्र मोदी के रूप में वाराणसी को नया और कद्धावर सांसद और देश का प्रधानमंत्री मिला तब यूपी ही नहीं बनास की राजनीति में भी बड़ा बदलाव आया। भाजपा ने सात बार के अपने अजेय विधायक का टिकट काट कर डॉ नीलकंठ तिवारी एक नए चेहरे के रूप में चुनाव मैदान में उतारा। इसका भाजपा के अंदर भी विरोध हुआ। आम जनमानस के मन में भी यह सवाल उठने लगा कि क्या इस बार बीजेपी अपनी सीट बचा पाएगी। कारण साफ था कि दादा के नाम से विख्यात श्यामदेव राय चौधरी का टिकट कटने से शुरुआती दौर में बीजेपी कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी थी क्योंकि इसे एक कद्दावर नेता के अपमान के तौर पर देखा गया। लेकिन चुनाव आते-आते बीजेपी अपने कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने में कामयाब रही। नतीजे आएं तो बीजेपी के डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने कांग्रेस के बड़े नेता और वाराणसी से पूर्व सांसद राजेश मिश्र को 17 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। डॉ तिवारी को 92,560 वोट मिले (51.76%) जबकि कांग्रेस उम्मीदवार डॉ मिश्र को 75,334 (42.12%) वोट से संतोष करना पड़ा। डॉक्टर नीलकंठ तिवारी योगी सरकार में पर्यटन, संस्कृति, धर्मार्थ कार्य और प्रोटोकॉल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं।
आजादी के बाद से अब तक कब किसने मारी बाजी

वाराणसी के दक्षिण विधानसभा पर 2017 में डॉ नीलकंठ तिवारी 92560 मत पाकर जीत हासिल की। 1989 से 2012 तक श्यामदेव राय चौधरी इस सीट पर अपना कब्जा बनाए रखे। वहीं 1985 में डॉ. रजनीकांत दत्ता कांग्रेस से जीते थे तो 1980 में कैलाश टंडन (19048) कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की थी। उससे पहले 1977 में राजबली तिवारी (36016) जनता पार्टी से विजयी हुए थे। 1974 में चरणदास सेठ (19826) जनसंघ से विधायक बने थे। 1969 में सचिंद्र नाथ बख्शी (20896) जनसंघ से जीते थे। 1967 में रुस्तम सैटिन (24983) सीपीआई से जीते दर्ज की. 1962 में गिरधारी लाल (20244) कांग्रेस से जीते थे. 1957 में डॉ. संपूर्णानंद (29002) भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे. इसके पहले 1951 में भी डॉ. संपूर्णानंद (12170) कांग्रेस से विधायक बने थे।
मतदाता

कुल मतदाताओं की संख्या – 272845
पुरुष मतदाता – 151589
महिला मतदाता – 121256

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

ससुराल में इस अक्षर के नाम की लडकियां बरसाती हैं खूब धन-दौलत, किस्मत की धनी इन्हें मिलते हैं सारे सुखGod Power- इन तारीखों में जन्मे लोग पहचानें अपनी छिपी हुई ताकत“बेड पर भी ज्यादा टाइम लगाते हैं” दीपिका पादुकोण ने खोला रणवीर सिंह का बेडरूम सीक्रेटइन 4 राशियों की लड़कियां जिस घर में करती हैं शादी वहां धन-धान्य की नहीं रहती कमीकरोड़पति बनना है तो यहां करे रोजाना 10 रुपये का निवेशSharp Brain- दिमाग से बहुत तेज होते हैं इन राशियों की लड़कियां और लड़के, जीवन भर रहता है इस चीज का प्रभावमौसम विभाग का बड़ा अलर्ट जारी, शीतलहर छुड़ाएगी कंपकंपी, पारा सामान्य से 5 डिग्री नीचेइन 4 नाम वाले लोगों को लाइफ में एक बार ही होता है सच्चा प्यार, अपने पार्टनर के दिल पर करते हैं राज

बड़ी खबरें

India-Central Asia Summit: सुरक्षा और स्थिरता के लिए सहयोग जरूरी, भारत-मध्य एशिया समिट में बोले पीएम मोदीAir India : 69 साल बाद फिर TATA के हाथ में एयर इंडिया की कमानयूपी चुनाव से रीवा का बम टाइमर कनेक्शननागालैंड में AFSPA कानून को खत्म करने पर विचार कर रही केंद्र सरकारजिनके नाम से ही कांपते थे आतंकी, जानिए कौन थे शहीद बाबू राम जिन्हें मिला अशोक चक्रUP Election 2022: भाजपा सरकार ने नौजवानों को सिर्फ लाठीचार्ज और बेरोजगारी का अभिशाप दिया है: अखिलेश यादवतमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, खत्म होगा नाईट कर्फ्यू और 1 फरवरी से खुलेंगे सभी स्कूल और कॉलेजपीएम नरेंद्र मोदी कल करेंगे नेशनल कैडेट कॉर्प्स की रैली को संभोधित, दिल्ली के करियप्पा ग्राउंड में होगा कार्यक्रम
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.