West Bengal Assembly Elections 2021: ममता पर चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, किसी भी तरह के प्रचार पर रोक

West Bengal Assembly Elections 2021: चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी पर कार्रवाई करते हुए 12 अप्रैल (सोमवार) की रात 8 बजे से 13 अप्रैल (मंगलवार) की रात 8 बजे तक किसी भी तरह के प्रचार करने पर रोक लगा दी है।

By: Anil Kumar

Updated: 12 Apr 2021, 09:20 PM IST

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 ( West Bengal Assembly Elections 2021 ) के लिए चार चरण के मतदान समाप्त हो चुके हैं। अब बाकी बचे चार चरणों के मतदान बाकी हैं। इससे पहले चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है।

चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी पर कार्रवाई करते हुए 12 अप्रैल (सोमवार) की रात 8 बजे से 13 अप्रैल (मंगलवार) की रात 8 बजे तक किसी भी तरह के प्रचार करने पर रोक लगा दी है। बता दें कि केंद्रीय चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 2 बयानों को लेकर यह कार्रवाई की है। चुनाव आयोग ने सात अप्रैल को अल्पसंख्यक वोटों के बंटवारा ना होने वाले ममता के बयान को लेकर नोटिस भेजा था।

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नोटिस में कहा गया था कि चुनाव आयोग को भाजपा प्रतिनिधिमंडल की ओर से शिकायत मिली है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि तीन अप्रैल को हुगली के ताराकेश्वर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने मुस्लिम मतदाताओं से एकजुट होकर TMC के लिए वोट करने की अपील की है। उन्होंने मुस्लिम मतदाताओं से कहा कि उनका वोट सभी दलों में न बंटने दें।

नोटिस में लिखा गया कि ममता ने मतदाताओं से कहा “विश्वविद्यालयों तक के लिए कन्याश्री छात्रवृत्ति है। अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए शिक्षाश्री है। सामान्य वर्ग के लिए स्वामी विवेकानंद छात्रवृत्ति है। अल्पसंख्यक समुदाय के मेरे भाइयों और बहनों के लिए एक्यश्री है और मैंने इसे दो करोड़ 35 लाख लाभार्थियों को दिया है। मैं हाथ जोड़कर अपने अल्पसंख्यक भाई-बहनों से अपने मत शैतान को नहीं देने और अपने मत को बंटने नही देने की अपील करती हूं जिसने बीजेपी से पैसे लिए हैं।”

वहीं, केंद्रीय सुरक्षा बलों के ऊपर सवाल उठाते हुए ममता ने कहा था कि वह बीजेपी के इशारे पर राज्य में लोगों को मतदान नहीं करने दे रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो लोग घरों से लाठी-डंडे लेकर निकले और उनको सबक सिखाएं। इस मामले पर भी चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा था। ममता ने इन दोनों नोटिसों का जवाब दिया था, लेकिन चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं दिखा और यह बड़ी कार्रवाई की है।

चुनाव आयोग के फैसले पर ममता ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

अब चुनाव आयोग ने अपनी जांच में पाया कि ममता का भाषण जन प्रतिनिधित्व कानून और आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन करता है। लिहाजा, कार्रवाई करते हुए 24 घंटे (12 अप्रैल रात आठ बजे से 13 अप्रैल रात आठ बजे तक) के लिए प्रचार करने पर रोक लगा दी।

चुनाव आयोग के इस बयान पर टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ममता ने ट्वीट करते हुए लिखा ''निर्वाचन आयोग के अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक निर्णय के विरोध में, मैं कल (मंगलवार) दोपहर 12 बजे कोलकाता के गांधी मूर्ति के पास धरने पर बैठूंगी।''

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बता दें कि इससे पहले आज (सोमवार) एक रैली के दौरान ममता ने चुनाव आयोग पर फिर से निशाना साधा था। ममता ने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा, 'मैं चुनाव आयोग से हाथ जोड़कर निवेदन करती हूं कि सिर्फ भाजपा की न सुनें, सभी की सुनें, पक्षपाती न बनें'।

158 सीटों पर मतदान बाकी

मालूम हो कि बंगाल की 158 सीटों पर अभी मतदान होना बाकी है। इन सभी सीटों पर बाकी के चार चरणों में वोटिंग होगी। पांचवें चरण में विधानसभा की 45 सीटों पर 17 अप्रैल को मतदान होने वाले हैं। जबकि, 43 सीटों पर 22 अप्रैल को छठे चरण में मतदान होने वाला है।

इसके अलावे 26 अप्रैल को सातवें चरण में विधानसभा की 35 सीटों पर मतदान होने वाला है, जबकि 29 अप्रैल को आठवें और आखिरी चरण में 35 सीटों पर मतदान होने वाला है। बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम बाकी के अन्य तीन राज्यों (असम,तमिलनाडु और केरल) व एक केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी विधानसभा के चुनाव परिणाम के साथ ही 2 मई को घोषित किए जाएंगे।

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