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Electric Scooters में आग लगने की सामने आई वजह, वाहन कंपनियों ने इस्तेमाल किए जीरो क्वालिटी प्रोडक्ट, जानिए पूरा मामला

ध्यान दें, कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अप्रैल में कहा था कि सुरक्षा मानकों को लागू करने में लापरवाही बरतने वाली कंपनियों को दंडित किया जाएगा और सभी खराब वाहनों को वापस बुलाने का आदेश दिया जाएगा।

नई दिल्ली

Updated: May 24, 2022 03:49:51 pm

Electric Scooter Fire Reasons : बीते कुछ महीनों में इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में आग की घटनाओं ने जबरदस्त हंगामा किया है, एक के बाद एक लगातार लगी ई-स्कूटर में आग ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया है, जिसके चलते इन स्कूटर्स में आगे लगने के कारण का पता लगाने के लिए DRDO को जांच के आदेश दिए गए। वहीं अब रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सेंटर फॉर फायर एक्सप्लोसिव एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी (सीएफईईएस) विंग ने एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें इन स्कूटर्स में आग क्यों लगी इस बात से पर्दा उठ गया है। दरअसल, अंग्रेजी वेबसाइट की रिर्पोट में कहा गया कि वाहनों के बैटरी पैक और मॉड्यूल के डिजाइन में गंभीर खामियां रही और लागत में कटौती करने के लिए कंपनियों द्वारा जानबूझकर जीरो क्वालिटी कंपोनेंट्स का उपयोग किया गया।

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Ola Scooter Fire


इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए DRDO ने इलेक्ट्रिक वाहन कंपनियों के लिए नियमों को सख्त करने का सुझाव दिया है। बता दें, बीते महीने ईवी स्कूटर ब्रांडों ने अपने वाहनों का रिकॉल भी जारी किया। हालांकि, यह फैसला सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा आग में शामिल इलेक्ट्रिक दोपहिया निर्माताओं से दोषपूर्ण मॉडलों को तुरंत वापस बुलाने का आग्रह करने के बाद किया गया था। नितिन गड़करी ने कहा था, कि इस प्रक्रिया में लापरवाह पाए जाने वाले किसी भी निर्माता को भारी जुर्माने के माध्यम से सजा मिलेगी।








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वहीं रिपोर्ट देखने वाले एक व्यक्ति ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि आग की घटनाएं बैटरी कोशिकाओं की क्वालिटी और विभिन्न तापमानों के तहत बैटरी पैक के पर्याप्त परीक्षण की कमी का परिणाम थी। अब इससे यह तो साफ हो गया है, कि ई-स्कूटर में आग की घटना का जिम्मा सिर्फ बैटरी के सिर नहीं है। ध्यान दें, कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अप्रैल में कहा था कि सुरक्षा मानकों को लागू करने में लापरवाही बरतने वाली कंपनियों को दंडित किया जाएगा और सभी खराब वाहनों को वापस बुलाने का आदेश दिया जाएगा।






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इसके साथ ही जनवरी 2023 से भारत ईवी निर्माताओं के लिए AIS-156 नियमों का पालन करना अनिवार्य हो जाएगा। जो मौजूदा AIS-048 नियमों से काफी सख्त होंगे। एआईएस-156 सभी परीक्षणों के लिए बेहतर नियम लागू करता है, इसमें शॉर्ट सर्किट, ओवरचार्जिंग, कंपन, शॉक के साथ इसमें एक अग्नि प्रतिरोध परीक्षण भी शामिल है, जो बैटरी को 70 सेकंड के लिए सीधी लौ के अधीन करता है, ताकि बैटरी की सुरक्षा की जांच की जा सके।

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