लीडरशिप में न करें ये गलतियां

लीडरशिप में न करें ये गलतियां

Jamil Ahmed Khan | Publish: Sep, 03 2018 05:01:18 PM (IST) एम्प्लॉई कॉर्नर

वर्कप्लेस पर हर व्यक्ति अपना काम पूरा करता है, पर कुछ लोग अपने काम के साथ-साथ कई दूसरे कार्यों का भी खयाल रखते हैं।

वर्कप्लेस पर हर व्यक्ति अपना काम पूरा करता है, पर कुछ लोग अपने काम के साथ-साथ कई दूसरे कार्यों का भी खयाल रखते हैं। अगर वर्कप्लेस पर आप अपने जॉब टाइटल, रोल, अनुभव और दक्षता के कारण अन्य लोगों के डिसीजन्स और एक्शन्स को प्रभावित करते हैं तो आप लीडर के तौर पर काम करते हैं। बतौर लीडर आप पॉजिटिव परिणाम प्राप्त नहीं कर पारहे हैं तो कंपनी लीडर के पद से कभी भी हटा देगी। पता करते हैं कि लीडरशिप की बड़ी गलतियां क्या होती हैं।

अकाउंटेबिलिटी का अभाव
क्या अक्सर ऐसे वायदे कर देते हैं, जिन्हें पूरा करना संभव नहीं है? जब अपने शब्दों पर कायम नहीं रह पाते तो क्या एडवांस में अपनी बात सामने तक पहुंचा पाते हैं या दुबारा नया कमिटमेंट कर देते हैं? लीडर बने रहने के लिए जरूरी है कि लोग आपके ऊपर पूरा भरोसा करें। इसलिए वही वायदे करने चाहिए, जिन्हें पूरा कर सकें। आप उन्हें समय पर पूरा करें। समयपर पूरा न कर पाने की स्थिति में फ्रेश डेडलाइन के लिए कम्यूनिकेशन करें।

कम्यूनिकेशन का अभाव
बिना संवाद के लीडरशिप का अस्तित्व संभव नहीं है। अगर आप और आपकी टीम के पास संवाद के लिए समय या स्पेस नहीं है तो आप असली लीडर नहीं है। पता करें कि क्या आपने अपनी टीम के साथ कनेक्ट होने के लिए समय तय कर रखा है या आप गैरजरूरी कार्यों को ज्यादा समय दे रहे हैं। टीम के संवाद को रूटीन कार्यों के बजाय सर्वोच्च प्राथमिकता दें। जब टीम मेंबर्स से बात कर रहे हों तो पूरा फोकस संवाद पर रखें।

फीडबैक न देना
क्याआप सिर्फ वार्षिक अप्रैजल के दौरान ही अपने टीम मेंबर्स को परफॉर्मेंस फीडबैक देते हैं? इससे लोग परेशान रहते हैं और उनमें सुधार या विकास के लिए गुंजाइश नहीं होती। एक अच्छा लीडर तुरंत और लगातार फीडबैक देता है। नेगेटिव फीडबैक सीखने के लिए प्रेरित करता है, जबकि पॉजिटिव फीडबैक सही काम और व्यवहार के लिए प्रेरित करता है।

बहुत ज्यादा दोस्ताना व्यवहार
क्या आप ऑफिस में सबसे दोस्ताना व्यवहार रखते हैं? अगर आप टीम मेंबर्स के साथ जरूरत से ज्यादा दोस्ताना व्यवहार रखते हैं तो आपके लिए कठोर फैसले लेना काफी कठिन हो जाता है। कई बार लोग आपके साथ रिश्तों का फायदा उठाना शुरू कर देते हैं। इससे काम को नुकसान पहुंचता है। दोस्ताना व्यवहार रखें, पर प्रोफेशनल सीमाओं का खयाल भी रखें।

माइक्रो मैनेजमेंट
अगर आप माइक्रो मैनेजमेंट करते हैं या काम का सही तरह से बंटवारा नहीं करते हैं तो इससे आपकी और टीम की ग्रोथ रुक सकती है। हर व्यक्ति पर व्यक्तिगत रूप से मॉनीटर करने पर आपका काफी समय खर्च होता है। इससे लोगों के सीखने की प्रक्रिया धीमी होती है और आउटकम्स प्रभावित होते हैं। लगातार आगे बढऩे के लिए काम के बजाय परिणामों पर फोकस करें। आपको काम को बांटने की कला सीखनी चाहिए। काम को अच्छी तरह से बांटने के लिए अपने विजन के बारे में मेंबर्स को सही तरह से समझाएं और जिम्मेदारियां निभाने के लिए अच्छी ट्रेनिंग दें।

रोल की समझ न होना
एक टीम लीडर के तौर पर क्या आपके पास हर समस्या का झटपट समाधान मौजूद रहता है? क्या टीम लीडर बनने के बाद भी आपका वर्क रूटीन नहीं बदला है? अगर ऐसा है तो शायद आप अपने रोल को सही तरह से समझ नहीं पाए हैं। टीम लीडर के रूप में आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप टीम गोल्स को समय पर पूरा करें और कामकाजी माहौल को अच्छा बनाए रखें। लॉन्ग टर्म समस्याओं को खत्म करने पर फोकस करना चाहिए।

मोटिवेशन को न समझना
क्या आपने कभी सोचा है कि अच्छे बोनस के वायदे के बावजूद आपकी टीम के सदस्य बेहतर प्रदर्शन क्यों नहीं कर पा रहे हैं? पैसे को मोटिवेशन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आपको अपनी टीम को मोटिवेट रखने के लिए उनके साथ पॉजिटिव बातचीत करनी चाहिए। उनके अचीवमेंट्स को पहचान देनी चाहिए। आपको खुद कभी टीम मेंबर्स के साथ कंपीटिशन नहीं करना चाहिए। आपको रोल कोच की तरह होना चाहिए।


लीडर हैं तो इनसे बचें

बात-बात पर गुस्सा आना
क्या आप अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख पाते हैं? इससे आपकी लीडरशिप को नुकसान होगा। आपको अपनी बात लोगों को समझाते समय भावनाओं को काबू में रखना चाहिए। बात-बात पर गुस्सा करने से बचना चाहिए।

गलतियां न मानना
अगर आप अपनी गलतियों के लिए टीम मेंबर्स को दोष देते हैं, तो आप अपनी टीम का सम्मान खो देते हैं। उनका भरोसा बनाए रखने के लिए आपको अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए और उससे सीखना चाहिए, तभी वे आपका साथ देंगे।

खराब रिजल्ट सहना
अगर आप अपनी टीम के खराब परिणामों के बारे में कुछ नहीं कहते हैं तो आपकी लीडरशिप पर सवाल उठते हैं। आपको टीम और खुद के रिजल्ट्स पर फोकस करना चाहिए। आपको खराब परिणामों को सुधारने के लिए टीम मेंबर्स को सचेत करना चाहिए।

सबके सामने अपमान करना
अगर आप अपने टीम मेंबर्स का सार्वजनिक रूप से अपमान करते हैं तो उनका जोश खत्म हो जाता है। अगर लोग आत्म-सम्मान बचाने के लिए आपका सामना करने से डरने लगें, तो समझें कि आपका प्रभाव खत्म हो रहा है।

निर्णय न करना
अगर कोई व्यक्ति आपके पास कोई समस्या लेकर आए और आप उसके बारे में कोई निर्णय न लें, तो आप एक खराब लीडर साबित होंगे। आपको बिना किसी से डरे हुए तुरंत निर्णय लेने चाहिए। इससे टीम के बाकी सदस्यों तक पॉजिटिव सदस्य जाता है और वे भी तुरंत काम पूरे करते हैं।

मुश्किल वक्त में भागदौड़
क्याआपका मानना है कि संकट के समय ही चीजों का ध्यान देना चाहिए? अगर कंपनी में रिजल्ट मॉनीटर करने का मैकेनिज्म नहीं है तो मुश्किल वक्त में परेशानी हो सकती है। अगर टीम के साथ नियमित संवाद नहीं करेंगे तो उनकी परफॉर्मेंस में खराबी आ सकती है। फीडबैक लूप कायम रहने से सबको फायदा पहुंचता है।

लक्ष्य निर्धारित न करना
अगर टीम मेंबर्स को पता नहीं है कि उनसे क्या अपेक्षाएं हैं, तो वे सही तरह से काम नहीं कर पाएंगे। पता करें कि हर सदस्य काम के प्रति समॢपत है या नहीं। कॉमन विजन के प्रति टीम को सिंक करें। टीम के टारगेट के साथ टीम के सदस्यों के व्यक्तिगत लक्ष्यों को अलाइन करें।

उत्तराधिकारी न होना
क्या एक लीडर के रूप में आपका कोई विकल्प मौजूद नहीं है? अगर ऐसा है तो आप गलत राह पर हैं। आपको लीडरशिप की नई लाइन तैयार करनी चाहिए। अगर आप निर्णय लेने की शक्ति को सिर्फ खुद तक ही सीमित रखेंगे तो परिणामों पर नकारात्मक असर पड़ेगा। पता लगाएं कि आपकी गैरमौजूदगी में किस तरह से काम पूरे होंगे। अगर आपकी गैरमौजूदगी में चीजें फेल होती हैं, तो मान लीजिए कि आपने लीडर्स का नया बैच तैयार नहीं किया है।

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