Anupama 23 September 2021 Written Update: अनुपमा अनुज कपाड़िया के साथ मुंबई जाने के लिए तैयार, घर वाले हैं नाराज़

By: Payal Tomar
| Published: 23 Sep 2021, 11:15 AM IST
Anupama 23 September 2021 Written Update: अनुपमा अनुज कपाड़िया के साथ मुंबई जाने के लिए तैयार, घर वाले हैं नाराज़

Anupama 23 September 2021: अनुज कपाड़िया शाह परिवार के लिए नाश्ता बनाता है। सभी घर वाले एके की तारीफ करते हैं। वनराज ये सब देख कर जलने लगता है। बाद में एके और वनराज के बीच प्रतियोगिता होती है। एके अनुपमा के लिए जान कर हार जाता है। अनुपामा और एके काम के सिलसिले के लिए मुंबई जाएंगे।

नई दिल्ली। एके शाह परिवार को नाश्ता परोसता है। किंजल उसकी मदद करना चाहती है, लेकिन एके उसे बैठने के लिए कहता है। समर नंदिनी से कहता है कि कोई पहली बार मम्मी की सेवा कर रहा है। सभी को पाश्ता पसंद आता है। वो पूछते है कि खाना किसने बनाया है। एके बताता है कि ये पाश्ता उसने तैयार किया बा बिना नाश्ता किए गुस्से में बैठी है। जीके उसे मनाता है। समर का कहना है कि उसने बाहर एक गिटार देखा। जीके बताता है कि वो गिटार एके का है और वो काफी अच्छा गिटार बजा लेता है। बाद में वनराज तोशु के साथ वहां आता है और वो समर को एके के साथ देखता है और याद करता है कि वो उसे पापा नहीं कहेगा।

पाखी का कहना है कि उसने बाहर हॉकी स्टिक देखी, क्या वो हॉकी भी खेलता है। अनुज बताता है कि वो कॉलेज के दिनों में इसका इस्तेमाल कॉलेज के उन लड़कों को डराने के लिए करता था जो लड़कियों को धमकाते थे। जीके कहते हैं कि एके अभी भी कुश्ती लड़ सकते हैं और मामाजी से पूछते हैं कि क्या वह एके के साथ लड़ना चाहेंगे। मामाजी ना लड़ने के लिए बहाना बनाते है। वही वनराज कहता है कि वो एके के साथ लड़ना चाहेगा। एके ने उसे जीके की बातों पर ध्यान न देने के लिए कहा। पाखी का कहना है कि एके कॉलेज में ऑलराउंडर था, लेकिन वह उसके पापा को नहीं हरा सकता। एके मान जाता है।

प्रतियोगिता शुरु होती है।जहां तोशु और काव्या वनराज को चीयर करते हैं जबकि समर और किंजल एके को चीयर करते हैं। एके वनराज पर हावी हो जाता है, फिर वनराज उस पर हावी हो जाता है और कहता है कि वो अब तक कभी नहीं हारा। अनुपामा तनाव में आ जाती है और पीछें की तरफ मुंह कर लेती है। एके ये देख लेता है और हार जाता है।

एके को एक कॉल आता है और अनु को बताता है कि उनकी टीम सेलेक्ट हो गई है और उन्हें अपने मुंबई होटल प्रोजेक्ट के लिए जाना पड़ेगा। बापूजी कहते हैं कि जब काम की मांग होती है, तो उन्हें जाना पड़ता है। समर और किंजल बापूजी का समर्थन करते हैं। बा कहते हैं कि जब अहमदाबाद में काम है तो मुंबई क्यों जाना। काव्या ताना मार कर बोलती है जो कभी अहमदाबाद से बाहर नहीं गई थी, वो मुंबई जा रही है। तब तोशु कहता है कि अनु बाहर नहीं जाएगी तो एके कहता है कि उसकी माँ अपने निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र है। अनु जाता के लिए हां कर देती है। शाह परिवार घर पहुंचा। अनु बापूजी की दवा देती है। बा उससे दवा का डिब्बा छीन लेती है और कहती है कि अनु छुट्टी पर जा सकती है, वह अपने पति और घर को संभाल लेगी।