Exit poll 2019 यूपी की इस सीट पर तगड़ी फाइट, इनकी साख लगी दांव पर

Exit poll 2019 यूपी की इस सीट पर तगड़ी फाइट, इनकी साख लगी दांव पर

Amit Sharma | Publish: May, 19 2019 08:14:04 PM (IST) Etah, Etah, Uttar Pradesh, India

आइए जानते हैं कि एग्जिट पोल के अनुसार अलीगढ़ मंडल की अलीगढ़, हाथरस और एटा संसदीय क्षेत्र से कौन सा प्रत्याशी चुनाव जीत रहा है और कौन हार रहा है।

अलीगढ़। लोकसभा चुनाव 2019 का आखिरी चरण पूरा होने जाने के बाद चर्चा इस बात की है कि अबकी बार किसकी सरकार। सरकार बनाते हैं सांसद। इसलिए किस सीट से कौन जीतेगा, इस पर चर्चा हर कोई कर रहा है। आइए जानते हैं कि एग्जिट पोल के अनुसार अलीगढ़ मंडल की अलीगढ़, हाथरस और एटा संसदीय क्षेत्र से कौन सा प्रत्याशी चुनाव जीत रहा है और कौन हार रहा है।

अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र
अलीगढ़ संसदीय सीट को संवेदनशील माना जाता है। यहां दो धाराएं चलती हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) हर चुनाव के केन्द्र में रहता है। यहां से भाजपा ने एक बार फिर सांसद सतीश गौतम को प्रत्याशी बनाया है। गठबंधन की ओर से बसपा ने डॉ. अजीत बालियान को प्रत्याशी बनाया। दोनों के बीच कांटे की टक्कर है। गौर करने वाली बात यह है कि शुरू में कल्याण सिंह ने सतीश गौतम को टिकट देने का विरोध किया था। बाद में समर्थन किया, लेकिन समर्थक कुछ और ही समझे। इससे भ्रम की स्थिति बना रही। यहां से गठबंधन प्रत्याशी के चुनाव जीतने के आसार हैं। जीत-हार का अंतर कम रहेगा।

हाथरस लोकसभा सीट
हाथरस लोकसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है। फिर से चुनाव जीतने के लिए पार्टी ने यहां से राजेश दिलेर को प्रत्याशी बनाया है। गठबंधन की ओर से समाजवादी पार्टी ने कद्दावर नेता रामजीलाल सुमन को टिकट दिया। हाथरस सीट पर बसपा नेता रामवीर उपाध्याय खासी पकड़ रखते हैं। उन्होंने चुनाव में सपा प्रत्याशी के लिए काम नहीं किया। अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा के लिए काम किया। हाथरस सीट पर भाजपा का वोट बैंक भी है। इससे यहां भाजपा के चुनाव जीतने के आसार हैं।

एटा लोकसभी सीट
एटा लोकसभा सीट पर भाजपा के राजवीर सिंह राजू भैया और सपा के देवेन्द्र सिंह यादव से सीधी टक्कर है। बाबू सिंह कुशवाह की पार्टी ने भाजपा का शाक्य वोट काटा है। राजवीर सिंह के प्रति लोगों में शुरू में नाराजगी थी, जो उन्होंने समय रहते दूर कर ली है। यूं तो राजवीर सिंह के पिता कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल है, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग तो रहता ही है। सपा के देवेन्द्र सिंह यादव यहां मुश्किल में दिखाई दे रहे हैं।

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