‘आज मेरे यार की शादी है..’ गीत के जनक यहां बेच रहे पान

कासगंज शहर में रहते हैं प्यारे लाल, जो ‘आज मेरे यार की शादी है’ गीत के जनक हैं। आज वे एक छोटे से कस्बे में पान की दुकान चलाते हैं।

By: मुकेश कुमार

Published: 30 Apr 2018, 06:24 PM IST

एटा। शख्सियत का जन्म होते ही छोटे से छोटे शहर भी मशहूर हो जाते हैं, बशर्ते है कि हम उन्हें कितना जानते हैं। वर्ष 1977 में आई फिल्म ‘आदमी सड़क का’ की तो आपको याद होगी। इस फिल्म में मशहूर अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने अभिनय किया है। जिसमें महशूर गीत ‘आज मेरे यार की शादी है’ आज भी लोगों की जुबान पर है। ये गीत बारात की जान होता है। इस गीत के जनक प्यारेलाल छोटे से शहर कासगंज के हैं। दरअसल फिल्म के संगीतकार रवि और वर्मा मलिक शादी के गीत के लिए मंथन कर रहे थे कि तभी अचानक तबला वादक प्यारेलाल ने उन्हें बीच में ही टोक दिया और आज मेरे यार की शादी है जैसे शब्दों को ही गीत बना देने की बात कह दी। यह सुनते ही दोनों संगीतकरों को पल भर भी नहीं लगा और उन्होंने इसे गीत बनाने की सहमति दे दी।

हर बारात की शान बना

आज मेरे यार की शादी है लगता है जैसे सारे संसार की शादी है ...... गीत हर बारात की शान बना हुआ है। इसके आलावा बैंडबाजों में भी काफी लोकप्रिय हो चुका है। लगभग हर बैंडबाजे वाले इस गीत को शादियों में गाते हैं और लोगों की भी खूब पसंद बनी हुई है।

बेटे की मौत ने मोड़ दिया रुख

बकौल प्यारे लाल आज बड़ी खुशी होती जब वह इस गीत को सुनते हैं, लेकिन जब उनके बेटे की मौत हो गई तो वह बॉलीवुड छोड़कर वापस अपने परिवार के पास आ गए और उन्होंने पान की दुकान खोल ली। हालांकि आज वह पान की दुकान के साथ जनरल स्टोर भी चलाते हैं। उन्होंने बताया कि वह बॉलीवुड से इतनी जल्दी लौटते नहीं, लेकिन उनके परिवार को उनकी जरूरत थी।

नाती को सिखा रहे है संगीत

प्यारेलाल का कहना कि भले उन्होंने अपने करियर को त्याग दिया है, लेकिन वह अपने नाती शशांक को जरूर संगीत की दुनिया में बुलंदी तक पहुंचाएंगे। आज भी उनके कई शिष्य जैसे विष्णु नारायण आदि ने संगीत में मुकाम हासिल किया। उनका कहना है कि बॉलीवुड में तमाम लोग आज भी उन्हें याद करते हैं।

मुकेश कुमार
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