इस मशहूर पार्क में इस बीमारी से मरे 23 शेर, इटावा सफारी पार्क में हाई अलर्ट

गुजरात के जूनागढ़ में बवेसियोसिस सक्रंमण से 23 शेरों की मौत को लेकर उत्तर प्रदेश कीे इटावा सफारी पार्क हाईएलर्ट पर है। सफारी प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सभी शेरों के ब्लड सैम्पल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजे हैं। इनमें बवेसियोसिस के साथ ही कैनाइन डिस्टेम्पर की भी जांच कराई जाएगी। फिलहाल सभी शेर स्वस्थ हैं।

By: Mahendra Pratap

Published: 16 May 2020, 08:34 PM IST

इटावा. गुजरात के जूनागढ़ में बवेसियोसिस सक्रंमण से 23 शेरों की मौत को लेकर उत्तर प्रदेश कीे इटावा सफारी पार्क हाईएलर्ट पर है। सफारी प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए सभी शेरों के ब्लड सैम्पल जांच के लिए आईवीआरआई बरेली भेजे हैं। इनमें बवेसियोसिस के साथ ही कैनाइन डिस्टेम्पर की भी जांच कराई जाएगी। फिलहाल सभी शेर स्वस्थ हैं।

इटावा सफारी पार्क के उपनिदेशक सुरेश चंद्र राजपूत ने आज बताया कि पिछले दिनों जूनागढ में बवेसियोसिस बीमारी ने शेरों को अपनी चपेट में ले लिया और इसके चलते 23 शेरों की मौत हो गई। इसके बाद सफारी प्रशासन ने इटावा लाॅयन सफारी में मौजूद सभी 16 शेर शेरनी और शावकों की टेस्टिंग कराने का निर्णय लिया और इनके ब्लड सैम्पल भी भेज दिए गए।

फिलहाल सभी शेर स्वस्थ :- राजपूत ने बताया कि इंडियन वैटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट बरेली में इन ब्लड सैम्पल की जांच होगी और वहां से रिपोर्ट आ जाएगी। फिलहाल सभी शेर स्वस्थ हैं लेकिन सतर्कता बरतते हुए टेस्टिंग कराई गई है। सफारी के वन्यजीवों के पास किसी को जाने की अनुमति नहीं है। कोरोना संक्रमण को लेकर सीजेडए तथा शासन की ओर से जो निर्देश जारी किए गए हैं उनका पूरा पालन किया जा रहा है। सफारी के मुख्य गेट पर ही टायर बाथ व सेनेटाइजेशन की व्यवस्था है। सफारी को वायरस प्रूफ बनाया गया है।

बवेसियासिस बीमारी :- बवेसियासिस बीमारी एक संक्रमण है। यह शेरों की लाल रक्त कणिकाओं में इंफेक्शन की वजह से हो जाती है। इसमें शेरों को काफी तेज बुखार आता है और उनकी मौत भी हो जाती है।

इसका उपचार भी संभव :- इटावा के सफारी के चिकित्सक डा. गौरव श्रीवास्तव ने बताया कि खास बात है कि यह बीमारी छूने से नहीं होती और इसका उपचार भी संभव है। ज्यादातर जंगलों में खुले में रहने वाले शेरों को यह बीमारी हो जाती है और उनका उपचार भी नहीं हो पाता लेकिन सफारी में इस तरह का संक्रमण होने की आशंका नगण्य है फिर भी सतर्कता बरतते हुए ब्लड टेस्ट कराया जा रहा है।

सात शेर जूनागढ़ सफारी से आए :- सफारी में गुजरात के जूनागढ़ से ही सात शेरों को इटावा सफारी में लाया गया है। अच्छी बात यह है कि इन्हे 26 सितम्बर को सफारी में लाया गया था और जूनागढ में बवेशिया बीमारी इन्हे लाए जाने के 6 माह बाद अप्रैल के अंतिम दिनों में आई। फिर भी सफारी प्रशासन ने सभी की टेस्टिंग कराई है। जूनागढ़ से आई शेरनी जेनिफर ने ही 15 अप्रैल को एक शावक को जन्म दिया है ।

Show More
Mahendra Pratap
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned