फर्जी आईआरएस अधिकारी गिरफ्तार, करोड़ों रुपए की संपत्ति का निकला मालिक

इटावा में पुलिस टीम का पकड़ा फर्जी आईआरएस अधिकारी करोड़ों रुपए की संपत्ति का मालिक निकला है। पुलिस की जांच में आरोपी फर्जी अधिकारी के पास ग्वालियर और नोयडा में करोड़ो रुपए की कीमत के फ्लैट है। पुलिस टीम गिरफ्तार अधिकारी के बारे में और जानकारी इकट्ठा करने में जुटी है।

 

By: Mahendra Pratap

Published: 14 Jun 2020, 11:03 AM IST

इटावा. इटावा में पुलिस टीम का पकड़ा फर्जी आईआरएस अधिकारी करोड़ों रुपए की संपत्ति का मालिक निकला है। पुलिस की जांच में आरोपी फर्जी अधिकारी के पास ग्वालियर और नोयडा में करोड़ो रुपए की कीमत के फ्लैट है। पुलिस टीम गिरफ्तार अधिकारी के बारे में और जानकारी इकट्ठा करने में जुटी है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि शुक्रवार देर रात वाहन चेकिंग के दौरान पकड़े गए फर्जी आईआरएस अधिकारी के ठग गिरोह के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है। आरोपी अधिकारी ने अधिकारी बनकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी कर सम्पत्ति बनाई है। गिरफ्तार फर्जी आईआरएस अधिकारी मनीष कुमार जाटव जो कि थाना जसवन्तनगर क्षेत्र के जगसौरा गांव का रहने वाला है गिरफ्तारी के बाद जांच में उसकी करोड़ो रुपए की सम्पत्ति होने का भी खुलासा हुआ है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि प्राप्त जानकारी के अनुसार फर्जी अधिकारी मनीष जाटव ने ग्वालियर स्थित जीवाजी यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में एमएससी किया था। वह अपने आपको वर्ष 2012 बैच का आईआरएस अधिकारी बताता था वह नोयडा में पारसनाथ प्रेस्टीज सेक्टर 93 A फ्लैट नम्बर F-417 में फर्जी रॉ अधिकारी बनकर रहता था उन्होंने बताया कि उसके नाम पर ग्वालियर में दैनिक भास्कर सिटी सिटी सेंटर में भी एक फ्लैट है। मनीष जाटव सिंडिकेट बैंक में 2008 में भर्ती हुआ था वह (मुरादाबाद,ग्वालियर,भोपाल,अहमदाबाद में तैनात रहा लेकिन फर्जी लोन देने के कारण उसका डिमोशन हुआ था और 2017 से अक्टूबर 2018 तक उसने कैनरा और सिंडिकेट बैंक में काम किया। उसके बाद वह बिना अनुमति गैर हाजिर हो गया मनीष जाटव के खिलाफ डिपार्टमेंटल इन्क्वायरी में चार्जशीट लग चुकी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार मनीष जाटव आईआरएस के साथ-साथ सीबीआई एवं अन्य विभागों का अधिकारी बनकर ठगी किया करता था।

फर्जी बेबसाइट भी बनवा रखी :- वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि मनीष जाटव ने अपने नाम से एक फर्जी बेबसाइट भी बनवा रखी थी। जिसमें केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ कि तस्वीर और अन्य कई लोगो के साथ ली हुई तस्वीरे अपलोड की हुई है। गिरफ्तार फर्जी अधिकारी पत्रकारों के साथ टीम बनाकर रेड डाला करता था, पहले वह किसी के भी खिलाफ राज्य सरकार के जनशिकायत पोर्टल आईजीआरएस पर झूठी शिकायत दर्ज करवाकर फिर खुद को सरकार का अधिकारी बताते हुए शिकायत का विवेचक बनकर लोगों के साथ ठगी किया करता था।

करोड़ों रुपए की ठगी :- एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार ठगी गिरोह के लोग करोड़ों रुपए की ठगी कर चुके है, जिनसे करोड़ों रुपए की सम्पत्ति बनाई है। गिरफ्तार फर्जी अधिकारी के पास से करोड़ो रूपये की चल-अचल संपत्ति के साथ साथ लग्जरी कार लाखों रुपए के हथियार और नौ करोड़ रुपए की चेक बरामद हुई है। चेक देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने किसी बड़े व्यक्ति के साथ ठगी को अंजाम दिया है।

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