अनामिका शुक्ला कांड के बाद हर अध्यापक के मूल अभिलेखों की जांच के आदेश

उत्तरप्रदेश में शिक्षा विभाग में एक नाम से कई स्कूलों में नौकरी कर करोड़ो रूपये का वेतन लेने वाले अनामिका शुक्ला कांड से शासन ने शिक्षा विभाग के समस्त विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के मूल अभिलेखों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

By: Abhishek Gupta

Published: 30 Jun 2020, 06:56 PM IST

इटावा. उत्तरप्रदेश में शिक्षा विभाग में एक नाम से कई स्कूलों में नौकरी कर करोड़ो रूपये का वेतन लेने वाले अनामिका शुक्ला कांड से शासन ने शिक्षा विभाग के समस्त विद्यालयों में तैनात शिक्षकों के मूल अभिलेखों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में समाजकल्याण विभाग के अधीन आश्रम पद्धति के विद्यालयों के शिक्षकों के मूल अभिलेखों की जांच करवाई जा रही हैं। जिलाधिकारी ने जांच के लिए अपर जिलाधिकारी, समाजकल्याण अधिकारी, और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी की तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है।

समाजकल्याण अधिकारी शिशुपाल सिंह ने बताया कि यूपी में अनामिका शुक्ला के नाम से एक साथ कई विद्यालयों में नौकरी कर शिक्षा विभाग को करोड़ो रूपये का चूना लगाने का मामला सामने आने के बाद सरकार से शासनादेश जारी करते हुए समस्त अध्यापकों के मूल अभिलेखों की बारीकी से जांचकर रिपोर्ट मांगी है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग से इतर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जनपद में आश्रम पद्धति के दो विद्यालय संचालित हैं, जिनमें प्रधानाचार्य, अध्यापक, फार्मासिस्ट समेत 33 लोग नौकरी कर रहे हैं। शासनादेश आने के बाद जिलाधिकारी जेबी सिंह द्वारा सभी के मूल अभिलेखों की जांच के तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।

इस कमेटी में अपर जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, जिला समाज कल्याण अधिकारी शिशुपाल सिंह और पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी प्रशांत को नामित किया गया है। हम लोगों द्वारा आश्रम पद्धति में तैनात सभी अध्यापकों के मूल अभिलेखों की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच के बाद इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी महोदय द्वारा शासन को भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जनपद में संचालित आश्रम पद्धति के दोनों विद्यालय कांधनी और नगला हीरालाल में स्थित है।

Abhishek Gupta Desk/Reporting
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