गणेश महोत्सव को लेकर इस जिले में दिख रहा है व्यापक असर, जोरों से चल रहीं तैयारियां

गणेश महोत्सव को लेकर इस जिले में दिख रहा है व्यापक असर, जोरों से चल रहीं तैयारियां

Mahendra Pratap Singh | Publish: Sep, 11 2018 02:24:45 PM (IST) | Updated: Sep, 11 2018 04:11:22 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

यूपी में दस दिवसीय गणेश महोत्सव इस बार 13 सितम्बर से शुरू हो रहा है, यह महोत्सव 23 सितम्बर तक चलेगा।

इटावा. यूपी में दस दिवसीय गणेश महोत्सव इस बार 13 सितम्बर से शुरू हो रहा है। यह महोत्सव 23 सितम्बर तक चलेगा। गणेश महोत्सव की तैयारियां शहर में जोरशोर के साथ शुरु हो गई हैं। पंडालों के साथ घरों में भी गणपति बप्पा की प्रतिमाएं स्थापित की जा रही हैं। महोत्सव को लेकर शहर में कई स्थानों पर छोटी व बड़ी प्रतिमाएं बिक्री के लिए मूूर्तिकारों ने सजाई गई हैं।

विभिन्न मुद्राओं में प्रतिमाएं तैयार

इस बार महोत्सव को लेकर लोगों में अधिक उत्साह दिखाई दे रहा है। लाल बाग के राजा, महाराजा गणेश, बालगणेश के साथ दगडू सेठ की मूर्तियों की मांग सर्वाधिक है। एक फुट की मूर्ति से लेकर 11 फुट तक की मूर्तियों की लोग खरीदारी कर रहे हैं। वैसे तो गणेश उत्सव महाराष्ट्र के प्रमुख पर्वों में एक है लेकिन जिले में भी पिछले सात-आठ वर्षों से जिले में उत्सव मनाने की लोगों में होड़ मची रहती है। गणेश महोत्सव को लेकर शहर में जगह-जगह तैयारियां शुरु हो गई हैं। मूर्तिकारों ने पिछले एक महीने से लगातार विभिन्न प्रकार की आकर्षक भगवान गजानन की विभिन्न मुद्राओं में प्रतिमाएं तैयार की हैं।

प्रतिमाओं को बिक्री के लिए सजाकर रखा गया

इटावा शहर के हर क्षेत्र में भगवान की प्रतिमाओं को बिक्री के लिए सजाकर रखा गया है। शहर के कबीरगंज में कई स्थानों पर छोटी व बड़ी आकर्षक प्रतिमाएं सजाकर तैयार की गई हैं। इन प्रतिमाओं को जहां वस्त्र धारण कराए गए हैं, वहीं जरकिन व नगों से भी मूर्तियों को विशेष ढंग से सजाया गया है। मूर्तिकार धर्मेन्द्र प्रजापति ने बताया कि वस्त्र व नगों से सजी मूर्तियों को लोग अधिक पसंद कर रहे हैं। 1100 से लेकर 15 हजार तक की प्रतिमाओं की लोग खरीददारी कर रहे हैं।

राजस्थान के मूर्तिकार मूर्तियों को कर रहे तैयार

इटावा जिले ही नहीं बल्कि आस-पास के क्षेत्रों से भी लोग मूर्तियों को खरीदने के लिए आ रहे हैं। शहर के कचौरा रोड पर राजस्थान के मूर्तिकार पिछले एक महीने से अपने परिवारों के साथ मूर्तियों को तैयार करने में जुटे हुए थे। इन मूर्तिकारों के द्वारा लाल बाग के राजा दगडू सेठ, मोर, सिंघासन, हाथी, चूहा, कमल के फूल व सेट्टी व रथ पर विराजमान भगवान गणेश की प्रतिमा तैयार की गई हैं। इसके अलावा भगवान की सवारी मूसक को भी अलग से बनाया गया है।

मूर्तियों के साथ मूसक की भी खरीद रहे लोग

मूर्तियों के साथ लोग मूसक की भी खरीदारी कर रहे हैं। मूर्तिकार मन्नाराम, अन्नावाई व मेहराराम ने बताया कि उनके पास एक फुट से लेकर नौ फुट तक की प्रतिमाएं मौजूद हैं। इसके अलावा शहर में राजागंज बाजार, पक्का तालाब चौराहा, कचौरा रोड, शास्त्री चौराहा, नौरंगाबाद चौकी, भरथना चौराहा आदि स्थानों पर लोग भगवान की प्रतिमाओं को खरीद रहे हैं।

प्लास्टर और पेरिस से बनाई गई मूर्तियां

गणेश महोत्सव के लिए जो प्रतिमाएं बिक्री की जा रही हैं वह सभी प्लास्टर और पेरिस से बनाई गई है इनमें नारियल का जूट भी प्रयोग किया गया है। मूर्ति बनाने वालों का कहना है कि मूर्तियों को सजाने में केमिकल युक्त रंग प्रयोग नहीं किए गए। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए हर्बल कलर प्रयोग किए गए है। पीओपी से बनी सभी मूर्तियां पानी में आसानी से विर्सजन के दौरान घुल जाएगी। पर्यावरण को ध्यान में रखकर मूर्तियां बनाई गई हैं।

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