इटावा पुलिस की ईमानदार चेहरा: सड़क हादसे में कोक कंपनी के वितरण के घायल होने के बाद रुपये किये गये वापस

इटावा पुलिस की ईमानदार चेहरा: सडक हादसे में कोक कंपनी के वितरण के घायल होने के बाद रुपये किये गये वापस

By: Ruchi Sharma

Published: 07 Jun 2018, 02:43 PM IST

इटावा. उत्तर प्रदेश की इटावा पुलिस का एक बार फिर से ईमानदार चेहरा नजर आया है। असल में इटावा की कोतवाली पुलिस को बुधवार देर रात एक सड़क हादसे के बाद एक बैग मिला। जिसमें करीब चौंसठ हजार छह सौ पांच रुपए निकले । ३७, 000 की चेक के अलावा एक ब्लैंक चेक व दो मोबाइल बरामद हुए । पुलिस ने हादसे के बाद इसके असल मालिक का पता लगा कर के आज बैग में मिली रकम,चेक और मोबाइल फोन को सुपुर्द कर दिया।


इटावा पुलिस उपाधीक्षक डॉ. अंजनी कुमार चतुर्वेदी ने आज यहां बताया कि बुधवार देर रात इटावा के कोतवाली इलाके में रामलीला मैदान के पास मोटर बाइक की टक्कर लगने से कोक एजेंसी के वितरक किशन सिंह सेंगर घायल हो गए थे । जिन को उपचार के लिए इटावा के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर राजकीय चिकित्सालय में दाखिल कराने के बाद सैफई मेडिकल कॉलेज में बेहतर उपचार के लिए दाखिल करा दिया गया है। जब इस हादसे के बाद मौके पर पुलिस कर्मी पहुंचे तो उनको एक ट्रक के नीचे एक काला बैग मिला । कोतवाली आ करके चेक किया गया तो उसके अंदर से नगदी के अलावा 35000 की एक चेक के अलावा एक ब्लैंक चेक भी मिली इसके साथ ही बैंक से तीन अन्य मोबाइल भी बरामद किए गए।


उन्होंने बताया कि बैग में मिले दस्तावेजों को देखने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि मोटर बाइक की टक्कर लगने से घायल हुए किशन सिंह सेंगर के ही यह रुपए ओर चेक के अलावा मोबाइल फोन है । इसी आधार पर पुलिस ने किशन सिंह सेंगर के परिजनों से संपर्क स्थापित किया जिस पर किशन सिंह सेंगर की पत्नी बिंदु आज पूर्वाहन कोतवाली पहुंची और उन्होंने बैग में मिली रकम पर अपना दावा जताया ।

संतुष्ट होने के बाद पुलिस उपाधीक्षक डॉक्टर अंजनी कुमार चतुर्वेदी, कोतवाल राकेश भारती ने अन्य पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में बैग में मिली रकम, चेक अन्य मोबाइल फोन आदि बिंदु के सुपुर्द कर ईमानदारी का परिचय दिया।

उन्होंने बताया कि कोतवाली इलाके की तकिया चौकी के कांस्टेबल सोनू को यह बैग मिला था जिसमे रकम के साथ-साथ चैक और मोबाइल फोन बरामद किए गए थे सोनू ने अपने चौकी इंचार्ज भानु प्रताप सिंह को इस बात की जानकारी दी और कोतवाली आकर के पूरे घटनाक्रम को लिखित तौर पर कोतवाली में देने के साथ साथ में मालखाने में इस रकम को जमा कराया।

बिंदु को रकम चेक और मोबाइल फोन देने के दरमियान कांस्टेबल सोनू भी सीओ सिटी और कोतवाल के साथ मौजूद रहा। कांस्टेबल सोनू बताता है कि उसको ईमानदारी सिखाई गयी है जिसका वो पूरी तरह से पालन कर रहा है इसी कारण उसके रकम मिलने के सभी अफसरों की जानकारी में लाना मुनासिब समझा ।


सीओ सिटी ने बताया कि इटावा के एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी के निर्देशन में पूरी की पूरी पुलिस ईमानदारी का परिचय देने में जुटी हुई है अमूमन देखा गया कि पुलिस की छवि हमेशा दूसरी तरह की मानी जाती है। मौजूदा समय में बदलाव देखने को मिलना है इससे पहले भी सामने आ चुके हैं जिनमे पुलिसकर्मियों को मिली हुई रकम को उनके मूल स्वामियों को वापस की जा चुकी है।

पुलिस की ओर से रकम चेक और मोबाइल फोन मिलने के बाद बिंदु ने रोते हुए बताया कि आज की तारीख मे पुलिस पर जहां पर तमाम तरह के आरोप लगते है, लेकिन यहां पर पुलिस का बदला हुआ स्वरूप देखने को मिल रहा है । इससे उनके मन मे पुलिस के प्रति सहानुभूति का भाव बना है ।

Ruchi Sharma
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