गांधी की तरह वेशभूषा पहने बुजुर्ग को ट्रेन में चढ़ने से रोकने का मामला, जंक्शन अधीक्षक निलंबित, CCTV खंगाल रही Indian Railway की जांच टीम

उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि Shatabdi Express की घटना से Indian Railway की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है...

By: Hariom Dwivedi

Published: 07 Jul 2019, 04:37 PM IST

इटावा . वैध टिकट के बाद भी महात्मा गांधी की तरह धोती पहने राम अवधदास को अपमानित कर शताब्दी एक्सप्रेस (Shatabdi Express) में सवार न होने देने के मामले में इटावा जंक्शन अधीक्षक पूरनमल मीना को निलंबित कर दिया गया है। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि इस घटना से भारतीय रेलवे (Indian Railway) की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। मामले को इटावा रेलवे अधीक्षक ठीक से हैंडल नहीं कर पाए। इसी कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस मामले में मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ने भी प्रयागराज मंडल को रिपोर्ट दी है। उस दिन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। इलाहाबाद मंडल एडीआरएम, आरपीएफ व कोच कंडक्टर की काउंसलिंग करेंगे ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

इटावा जंक्शन पर गुरुवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह धोती और रबर की चप्पल पहने बुजुर्ग रामअवध दास का उपहास उड़ाने और उसे ट्रेन में नहीं बैठने देने का मामला सामने आया था। इटावा में इस मामले में कानपुर सेंट्रल स्टेशन प्रशासन में भी जांच तेज कर दी है। स्टेशन डायरेक्टर हिमांशु शेखर उपाध्याय ने घटना से संबंधित रेलवे स्टाफ से पूछताछ की। उन्होंने टीटीई रूपेश कुमार और आरपीएफ सिपाही दलबीर सिंह के बयान लिए। दोनों ही घटना के समय मौजूद बताए जा रहे हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में स्टाफ ने यही बताया है कि बाराबंकी जिले के मूसेपुर थुरतिया गांव निवासी बुजुर्ग जेनरेटर यान में चढ़े थे। उन्हें पीछे कोच में जाने को कहा गया, जिसे शायद वह पीछे आ रही ट्रेन समझ बैठे। हालांकि, अभी इन बयानों का परीक्षण किया जाना बाकी है।

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उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यालय स्तर से इस प्रकरण में जांच कराई जा रही है। रेलवे और आरपीएफ अलग-अलग जांच करेंगे। रेलवे की ओर से सीनियर डीसीएम नवीन दीक्षित और आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अमरेश कुमार सिंह जांच करेंगे। चूंकि रिवर्स शताब्दी कानपुर से चलती है और ट्रेन में आरपीएफ व कामर्शियल स्टाफ सेंट्रल रेलवे स्टेशन से ही जाता है, इसलिए स्टेशन डायरेक्टर भी जांच कर रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही जांच टीम
सीपीआरओ के मुताबिक, त्रिस्तरीय जांच में पहले सभी संबंधित स्टाफ के लिखित बयान लिए जाएंगे। दूसरा, ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद ली जाएगी। यह जानने की कोशिश की जाएगी कि बुजुर्ग अपने कोच में चढ़े थे या जेनरेटर यान में। इसके बाद इटावा के स्टेशन मास्टर व अन्य स्टाफ से भी पूछताछ की जाएगी। उन्होंने कहा कि मामले में मुख्य वाणिज्य निरीक्षक ने भी प्रयागराज मंडल को रिपोर्ट दी है। उस दिन के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। इलाहाबाद मंडल के एडीआरएम आरपीएफ व कोच कंडक्टर की काउंसिलिंग करेंगे ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। जांच में प्रयागराज मंडल के अधिकारियों की सक्रियता से लग रहा है कि वह रिवर्स शताब्दी के स्टाफ को संवेदनहीन मान रहे हैं। उच्चाधिकारी के निर्देशन में जांच की रफ्तार तेज है। बार-बार दिल्ली-प्रयागराज से उच्चाधिकारियों के फोन आने से स्थानीय अफसरों में बेचैनी बढ़ी है और वह चुप्पी साधे हैं।

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Pooran Lal Meena

बुजुर्ग बाबा ने आरपीएफ पर लगाये गंभीर आरोप
शताब्दी एक्सप्रेस (Shatabdi Express) में कोच अटेंडेंट नहीं होते हैं, इसमें कानपुर सेंट्रल का रेलवे स्टाफ तथा आरपीएफ का स्क्वाड चलता है। एक कोच कंडक्टर पर तीन कोच संभालने की जिम्मेदारी होती है। जांच के दौरान उच्चाधिकारी ने जानकारी ली तो पता चला कि उस दिन शताब्दी में कानपुर का स्टाफ ऑन ड्यूटी था। बुजुर्ग बाबा ने रेलवे (Indian Railway) और आरपीएफ स्टाफ को आरोपित किया है। इससे ड्यूटी पर तैनात अब कानपुर के टीटी और आरपीएफ स्टाफ से पूछताछ की जाएगी।

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