Janta Karfu : इटावा में कोरोना के खिलाफ जनता कर्फ्यू का व्यापक असर, स्वेच्छा से पीएम मोदी की अपील का सभी कर रहे पालन

राममनोहर लोहिया पार्क के मुख्य गेट पर ही आज बंदी का नोटिस चस्पा

By: Neeraj Patel

Updated: 22 Mar 2020, 09:28 AM IST

इटावा. जनता कर्फ्यू का असर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में व्यापक तौर पर देखा जा रहा है। सड़कों पर पूरी तरह से सन्नाटा नजर आ रहा है। इटावा के एसएसपी चौराहे पर इक्का दुक्का वाहन ओर लोग निकलते हुए दिख रहे हैं। इस चौराहे पर सैकड़ों की तादाद में लोगों की आवाजाही प्रतिदिन सुबह से ही देखी जाती रही है लेकिन आज जनता कर्फ्यू का असर इस चौराहे पर भी खासी तादात में पड़ा है यहां लोगों ने स्वेच्छा से न आ करके बता दिया है कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के साथ में खड़े हुए दिख रहे हैं।

इटावा के प्रमुख डॉ. राममनोहर लोहिया पार्क के मुख्य गेट पर ही आज बंदी का नोटिस चस्पा करने के साथ ताला भी लगा दिया गया है। जिससे कोई भी पार्क के भीतर प्रवेश न कर सके। यह पार्क इटावा में कंपनी बाग पार्क के नाम से जाना जाता है। डॉ राम मनोहर लोहिया पार्क में वैसे तो सामान्यता प्रतिदिन करीब 10000 लोगों की आवाजाही होती है लेकिन जनता कर्फ्यू के अलावा कोरोना वायरस के कारण लोगो ने इस पार्क से दूरी बना ली है।

उत्तर रेलवे का प्रमुख इटावा रेलवे स्टेशन आज जनता कर्फ्यू के चलते पूरी तरीके से आम जनता से महरूम नजर आ रहा है। रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे के अधिकारी ऐसा बताते हैं कि ऐसा मंजर रेलवे स्टेशन पर पहली दफा देखा गया है जहां पूरी तरह से सन्नाटा ही सन्नाटा दिख रहा है। हर किसी की चाहत है कि कोरोना संक्रमण पूरी तरीके से देश से समाप्त हो और इसी के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर जनता कर्फ्यू में आम जनमानस साथ हो लिया है। उत्तर प्रदेश का इटावा रेलवे जंक्शन दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग का प्रमुख रेलवे जंक्शन है। इस रेलवे जंक्शन पर प्रतिदिन 2 सैकड़ा के आसपास यात्री ट्रेनें रुका करती है करीब 50,000 के आसपास रेल यात्रियों की आवाजाही इस रेलवे जंक्शन के जरिए उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में होती है।

इटावा के सभी पेट्रोल पंपों को भी बंद करके रखा गया है असल में पेट्रोल पंप बंद करने के निर्देश पहले से ही शासन स्तर पर जनता कर्फ्यू के लिए आज से दिए गए थे। ऐसा ही कुछ हाल इटावा के रोडवेज बस स्टैंड पर भी देखा गया है जहां बड़ी तादात में रोडवेज की बसें खड़ी हुई दिख रहीं हैं। पूरे रोडवेज बस स्टेंड परिसर में सिर्फ सन्नाटा ही सन्नाटा दिख रहा है।

इटावा का प्रमुख पक्का तालाब चौराहा भी सन्नाटे में ही नजर आ रहा है। इस चौराहे के मध्य में स्थापित सरदार वल्लभभाई पटेल की मूर्ति लगी हुई। जनता कर्फ्यू के निर्देशों के क्रम में कोई भी प्रतिष्ठान नहीं खुला है न ही किसी भी शख्स की आवाजाही यहां पर दिख रही है। चंबल के बीहड़ों में स्थापित माने जाने वाले इटावा सफारी पार्क को वैसे तो 31 मार्च तक सफारी प्रशासन ने बंद कर दिया है लेकिन आज जनता कर्फ्यू को लेकर के सफारी प्रशासन ने विशेष प्रबंध किए हुए हैं सफारी प्रशासन ने सुबह 7 बजे से लेकर के रात में 9 बजे तक सफारी के मुख्य द्वार को पूरी तरीके से बंद किया हुआ है।

सफारी के अधिकारियों की तरफ से जो जानकारी दी जा रही है उसमें कहा जा रहा है कि जिन अधिकारियों और कर्मियों की ड्यूटी सुबह से शुरू होगी अगर दोपहर बाद उनकी ड्यूटी खत्म भी हो जाती है तो वह सफारी परिसर से रात 9 बजे से पहले किसी भी सूरत में बाहर नहीं निकल सकता है सभी अधिकारियों और कर्मियों के इस बात के निर्देश दे दिए गए हैं भले ही उनकी ड्यूटी दोपहर या देर शाम किसी भी वक्त खत्म हो लेकिन वह सफारी परिसर से रात 9 बजे के बाद ही बाहर जा पाएंगे। ऐसा कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने के लिहाज से उठाए गए कदमों के तहत किया गया है।

इटावा सफारी में करीब एक सैकड़ा से अधिक अधिकारी और कर्मियों की तैनाती है। जब इटावा सफारी पार्क आम जनमानस के लिए खोल कर के रखा गया था तो उस वक्त कम से कम दो हजार के आस-पास बाहरी लोगों की भी आमद हुआ करती थी लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण के बाद इटावा सफारी पार्क को बंद कर दिया गया है। पहले 23 मार्च तक यह बंदी की गई थी लेकिन राज्य के प्रमुख वन संरक्षक के निर्देश के क्रम में इस बंदी की अवैध को बड़ा करके 31 मार्च तक कर दिया गया है अगर और भी जरूरत पड़ेगी तो अवधि को बढ़ाया जाएगा।

Neeraj Patel
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