गांव-गांव साफ पानी के लिए आरओ प्लांट लगाने वाला पहला जिला बना इटावा, 15 अगस्त से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

गांव-गांव साफ पानी के लिए आरओ प्लांट लगाने वाला पहला जिला बना इटावा, 15 अगस्त से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

Nitin Srivastva | Updated: 17 Jul 2019, 10:47:48 AM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

- गांवों के लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए मुहैया कराया जायेगा पीने का साफ पानी

- गांव-गांव आरओ प्लांट (RO Plant) लगाने की कार्ययोजना को मूर्त रूप देने का खाका तैयार

- 15 अगस्त (15 August) स्वतंत्रता दिवस (Swatantrata Diwas) तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद

दिनेश शाक्य
इटावा . उत्तर प्रदेश के इटावा जिले मेें गांवों के लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए अब पीने का साफ पानी मुहैया कराया जायेगा। इसके लिए गांव-गांव आरओ प्लांट लगाने की कार्ययोजना को मूर्त रूप देने का खाका तैयार कर लिया गया है। जिसके 15 अगस्त (15 August) स्वतंत्रता दिवस (Swatantrata Diwas) तक हर हाल मे पूरा हो जाने की उम्मीद है। इस महत्वाकांक्षी योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तहत लागू करने की पहल इटावा के आईएएस अफसर मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने तैयार किया है। इसके पहले चरण में जिले के सभी ब्लाकों की पांच-पांच ग्राम पंचायतों में आरओ प्लांट लगवाए जाएंगे। इस तरह जिले के आठ ब्लाकों के कुल 40 ग्राम पंचायतों में आरओ प्लांट लग जाएंगे। जिससे इन गांवों के लोगों को शुद्ध पानी मिलेगा। यह आरओ प्लांट पंचायतघर में लगवाए जाने की योजना है। जिससे कमरा बनवाने के लिए अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। पंचायतघर में ही एक स्थान पर आरओ प्लांट लग जाएगा। ग्राम पंचायतों से यह भी कहा गया है कि वे इसे अपनी कार्य योजना में शामिल करें और निर्धारित मूल्य पर कहीं से भी खरीद लें।


आरओ से ग्रामीणों को शुद्ध पानी

इटावा के मुख्य विकास अधिकारी राजा गणपति आर ने बताया कि इसके संबंध में आरईएस से इस्टीमेट बनवाया गया है, जिसके हिसाब से 2 से ढाई लाख के बीच का खर्च करके आरओ प्लांट (RO Plant) लगाया जा सकता है। रकम की बचत के लिए पंचायतघर में ही इसे लगाने का सुझाव दिया गया है। हालांकि ग्राम पंचायतें किसी अन्य स्थान पर भी कमरा बनवाकर आरओ प्लांट लगवाने के लिए स्वतंत्र हैं। ग्राम पंचायतों से यह भी कहा गया है कि चूंकि इस पर लगभग दो लाख की रकम खर्च की जानी है, इसलिए टेंडर प्रक्रिया अपनाएं और टेंडर के बाद कामकाज शुरू करें। आरओ प्लांट लग जाने से जहां लोगों को शुद्ध पानी मिलेगा। वहीं पंचायत इससे धन अर्जन भी कर सकती हैं। आरओ का पानी निर्धारित शुल्क पर गांव वालों को दिया जा सकता है। शुल्क निर्धारण में जिला प्रशासन का कोई दखल नहीं होगा।


योजना पर तेजी से काम

राजा गणपति के मुताबिक गांव में आरओ प्लांट लगाए जाने की योजना को लेकर तेजी से काम किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों से भी तेज गति से काम करने के लिए कहा गया है। प्रयास यह है कि 15 अगस्त तक चिन्हित किए गए गांवों में आरओ प्लांट लग जाए और गांव के लोगों को उसका लाभ भी मिलने लगे। उन्होंने बताया कि पानी की शुद्धता बेहद जरूरी है। आरओ के माध्यम से गांवों में भी शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा और शुद्ध पानी न मिलने से होने वाली बीमारियों से भी बचा जा सकेगा। इस योजना से जुड़े हुए कर्मियों को भुगतान करने के लिहाज से कुछ पैसा भी लेने का इरादा है, जो दो रूपये प्रति बीस लीटर रहेगा। इस ढंग से आरओ प्लांट को चलाने वाले कर्मी के प्रतिमाह वेतन का भुगतान भी होता रहेगा।


दूषित पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

इटावा जिले के चंबल नदी के आसपास के तकरीबन दो सौ गांवों के ग्रामीण अपना हलक तर करने के लिए चंबल नदी का वह पानी पीने को बाध्य हो गए हैं, जहां जानवर अपनी प्यास बुझाते हैं व शरीर की गर्मी शांत करते हैं। किसी भी गांव वाले को इससे मतबल नहीं है कि यह पानी साफ है या नहीं। लेकिन उसको तो सिर्फ प्यास बुझाने से मतलब है। चंबल फाउंडेशन के संस्थापक शाह आलम का कहना है कि इटावा में गांव वालों को साफ पानी मुहैया कराने की जिस तरह की मुहिम इटावा के सीडीओ ने शुरू की है, यह निश्चित है एक न एक दिन पूरे देश भर में लागू होगी। क्योंकि हर आदमी आज साफ पानी पीना चाहता है। हैंडपंप या फिर नदियों के पानी पीने से बीमारियो के होने की संभावनाएं रहती हैं।


हर आठवें मिनट एक मौत

डा. भीमराव अंबेडकर राजकीय सयुक्त चिकित्सालय के पूर्व सीएमएस डा. वी.एस. अग्निहोत्री का कहना है कि एक रिर्पाेट के मुताबिक हर आठ सेकेंड में एक बच्चा पानी से संबधित बीमारी से मर जाता है। हर साल 50 लाख से अधिक लोग असुरक्षित पानी के पीने, अशुद्ध घरेलू वातावरण और मलमूत्र का अनुचित ढंग से निपटान करने से जुडी बीमारियों से मर जाते हैं। पीने के साफ पानी की गंभीर समस्या का मुद्दा विधाानसभा से लेकर संसदीय चुनाव तक में राजनेताओ के समक्ष उठता रहा है, लेकिन किसी के भी पास कोई ठोस और कारगर उपाय नहीं है। ऐेसे में आईएएस अफसर सीडीओ राजा गणपति आर की यह मुहिम कहीं न कहीं उन राजनेताओं पर चोट करती है, जो सुनते तो जनता की बात हैं, लेकिन उनके पास जबाब कोई नहीं होता।

 

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