भर्थना के पूर्व सांसद की हुई गिरफ्तारी, जमकर हुआ बवाल, पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को खदेड़ा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद इटावा में सपाइयों ने जमकर हंगामा काटा।

By: shatrughan gupta

Published: 18 Aug 2017, 07:11 PM IST

इटावा. उन्नाव में गुरुवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद इटावा में सपाइयों ने जमकर हंगामा काटा। अखिलेश की गिरफ्तारी के बाद कार्यकर्ता इस कदर भड़क गए कि उन्होंने इटावा के भर्थना शहर की सभी दुकानें बंद करा दीं। सपा कार्यकर्ता जहां अखिलेश की गिरफ्तारी के विरोध में दुकानें बंद करा रहे थे, वहीं भाजपा नेता और भर्थना की विधायक सावित्री कठेेरिया ने दुकानें खुलवाने का प्रयास कर रही थीं।

इस दौरान सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं में तनातनी की स्थिति बन गई। इसको लेकर कार्यकर्ता आपस में भीड़ गए। सूचना पर मौके पर पहुंची भर्थना पुलिस ने पहले तो कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं मानें। मामला बढ़ता देख भर्थना पुलिस ने मुख्यालय पर इसकी सूचना दी। सूचना पाकर इटावा मुख्यालय से एसएसपी वैभव कृष्ण सहित एएसपी और बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने सपा और भाजपा समर्थकों को लाठियों के बल पर खदेड़ा।

अखिलेश की गिरफ्तारी को लेकर भड़के सपा कार्यकर्ता
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कीगिरफ्तारी के विरोध में सपा कार्यकर्ताओं ने बाजार बन्द कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालकर योगी सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, जिसका विरोध भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। इस दौरान सपा और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भीड़ गए। वहीं, कुछ कार्यकर्ताओं ने पथराव शुरू कर दिया, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। सूचना पर बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस ने भाजपा-सपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करते हुए खदेड़ दिया।

यह है मामला
सपा के पूर्व सांसद प्रदीप यादव औरैया में पेशी पर गए थे। पुलिस प्रशासन के अफसर यह नहीं चाहते थे कि अखिलेश यादव की मुलाकात प्रदीप यादव से हो सके। जब अखिलेश यादव लखनऊ से औरैया के लिए रवाना हुए तो उन्हें उन्नाव में ही आगरा एक्सप्रेस वे पर पुलिस ने हिरासत में ले किया। इस कारण अखिलेश यादव की मुलाकात पूर्व सांसद प्रदीप यादव से नहीं हो सकी। इसके बाद अखिलेश को कानपुर पुलिस लाइन ले जाया गया, उन्हें तब तक नजरबंद रखा गया, जब तक की प्रदीप यादव को इटावा नहीं ले जाया गया। इसके बाद अखिलेश को रिहा कर दिया गया। अखिलेश यादव को पुलिस ने भरोसा दिलाया कि प्रदीप यादव के खिलाफ जिन अतिरिक्त धाराओं का प्रयोग किया गया है, उसको हटाया जाएगा।

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