वित्त विहीन शिक्षिकों ने दिया अल्टीमेटम, मांगें पूरी नहीं हुईं तो घेरेंगे विधानसभा

वित्त विहीन शिक्षिकों ने दिया अल्टीमेटम, मांगें पूरी नहीं हुईं तो घेरेंगे विधानसभा
Finance Unless Teacher Union

Shatrudhan Gupta | Updated: 17 Oct 2017, 07:36:30 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

शिक्षकों ने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करती हम आंदोलन करते रहेंगे।

इटावा. पूरे देश में जहां लोग धनतेरस और दीपावली का त्यौहार बड़ी धूम-धाम से मना रहे हैं, वहीं इटावा में वित्त विहीन विद्यालय के शिक्षिकों ने जुलूस निकाल कर प्रदेश की योगी सरकार पर हमला बोला। सैकड़ों की संख्या में वित्त विहीन शिक्षिक और शिक्षिकाएं मुख्यालय पर मंगलवार को एकत्रित हुए।

इन शिक्षिकों ने नारेबाजी करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर हमला बोला। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि समान कार्य का समान वेतन हमें मिलना चाहिए, लेकिन सरकार की अनदेखी के कारण ऐसा संभव नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों ने कहा कि जब तक सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करती हम आंदोलन करते रहेंगे। सभा व प्रदर्शन के बाद शिक्षिकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सिटी मंजिस्ट्रेट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपा।

यह है पूरा मामला

उत्तर प्रदेश में 80 फीसदी शिक्षा में भागीदारी करने के लिए वित्त विहीन मान्यता प्राप्त हाईस्कूल और इंटरमीडियट कॉलेज संचालित किए गए। इन विद्यालय में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर काफी लम्बे समय से सरकार को ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन सरकार का इन वित्त विहीन कॉलेजों की तरफ कोई ध्यान नहीं जा रहा है। वित्त विहीन शिक्षिकों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार को चेतावनी दी कि यदि 21 नवंबर तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो शिक्षक विधान सभा का घेराव कर उग्र प्रदर्शन करेंगे।

ये हैं मुख्य मांगें

उत्तर प्रदेश के वित्त विहीन मान्यता प्राप्त हाईस्कूल और इंटरमीडियट कॉलेज में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारियों को समान कार्य का समान वेतन दिया जाए। वहीं, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार 2 दिसम्बर 2009 को उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूल को अनुदानित किया जाए आदि मांगें शामिल हैं।

फिर जेल भरो आंदोलन होगा शुरू

वित्तविहीन शिक्षिक संघ के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष सतीश चन्द्र राजपूत ने बताया कि यह आंदोलन हमारा वित्तीय शिक्षिकों के लिए है, जो पूरे आठ घंटे पढ़ाने वाले शिक्षिकों को अंशकालिक रूप में सरकार मानती है। पिछली समाजवादी सरकार ने हम शिक्षिकों को विशेष सुविधा दी, लेकिन इस सरकार द्वारा कोई भी सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही है। यह सरकार न तो हां करती है और न ही ना करती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार समान कार्य का समान वेतन दे। 20 नवंबर तक अगर सरकार हमारी समस्या का निदान नहीं करती है तो 21 नवंबर को हम विधान सभा घेरेंगे। इसके बाबजूद अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो हम प्रत्येक जनपदों में जेल भरो आन्दोलन करेंगे।

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