इटावा जेल से फरार हुए उम्रकैद की सजा काट रहे दो कैदी, फिल्मी स्टाइल में ट्रेन के पीछे दौड़े, एक की कटकर मौत और दूसरा फरार

- इटावा जिला जेल से फरार हुए उम्रकैद की सजा काट रहे दो अपराधी

- सुबह जेल की दीवार फांदकर भागे, जेल प्रशासन में हड़कंप

- एक कैदी की संगम एक्सप्रेस के नीचे आने से मौत, एक फरार

इटावा . उत्तर प्रदेश के इटावा जिला जेल से रविवार तड़के उम्र कैद की सजा काट रहे दो कैदियों के फरार होने से हडकंप मच गया। जब तक जेलकर्मी दोनों कैदियों को पकड़ने की दिशा मे सक्रिय होते, तब एक की रेलवे स्टेशन पर संगम एक्सप्रेस में चढते समय कटकर मौत हो गई। जबकि दूसरा उसी में सवार होकर चला गया। दोनों कैदी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे। वहीं कैदियों के फरार होने के मामले में पुलिस अधीक्षक नगर डा. रामयश सिंह ने जेल में फरारी वाले स्थल का बारीकी से मुआयना किया।

 

जेल से कैदियों के फरार होने से मचा हड़़कंप

दरअसल, डिप्टी जेलर जगदीश प्रसाद जब जेल में गश्त पर थे तो दो कैदियों के मजार की ओर से गायब होने की उनको जानकारी मिली। जिसके बाद जेल प्रशासन एर्लट मोड में आया तो देखा कि हकीकत में ऐसा हुआ है। फिर जेल अमला दोनों कैदियों की तलाश में जुटने के लिहाज से इटावा रेलवे स्टेशन की ओर गया, तो मालूम हुआ कि संगम एक्सप्रेस में चढ़ने के दरमियान एक कैदी की मौत हो गई। जबकि एक कैदी की ट्रेन पर बैठकर फरार हो गया।

 

एक कैदी की ट्रेन से कटकर मौत

इटावा जेल अधीक्षक राजकिशोर सिंह ने इस मामले में जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही स्वीकार की। उन्होंने बताया कि यह दोनों कैदी जिला जेल की बैरक-5 में कैद थे और वह जेल से फरार हो गए। डिप्टी जेलर जगदीश प्रसाद जब राउंड पर आए थे, तब इस घटना का पता चला। उन्होंने बताया कि जब कैदियों की तलाश के लिए पुलिस रेलवे स्टेशन पर गई तो वहां कैदी रामानंद की ट्रेन के नीचे आने से मौत होने की जानकारी मिली। यह दोनों कैदी जेल की दीवार कूदकर फरार हुए हैं। उन्होंने दीवार फांदने के लिए पेड़ की टहनियों और चादर का इस्तेमाल किया था।

 

जेल प्रशासन की बड़ी चूक

जेल अधीक्षक ने माना कि जेल के अंदर से इस तरह कैदियों के भागने की घटना प्रशासन की बड़ी चूक है। इस मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि संगम एक्सप्रेस से कटकर मौत का शिकार हुए रामानंद 45 वर्ष, पुत्र गोरेलाल निवासी दशहरा थाना फंफूद जिला औरैया का मूल निवासी था। जबकि दूसरा चंद्रप्रकाश उर्फ चंदुआ 49 पुत्र रामभरोसे निवासी महानेपुर इकदिल इटावा का रहने वाला है।

 

नितिन श्रीवास्तव
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