दिल्ली से लापता मासूम को मां को सौंपा, पुलिस का सराहनीय कार्य

जिले में बढ़पुरा इलाके के कुंडेश्वर में 2 जून को मिले एक मासूम को उसके घर वालों के सुपुर्द कर पुलिस बेहद प्रफुल्लित बनी हुई है।

इटावा. उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में बढ़पुरा इलाके के कुंडेश्वर में 2 जून को मिले एक मासूम को उसके घर वालों के सुपुर्द कर पुलिस बेहद प्रफुल्लित बनी हुई है। इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी ने यहां बताया कि 2 जून को बढ़पुरा थाने के पास प्रधान रामकुमार को मिले बच्चे के बारे में पता चलने के बाद उसकी मां को बच्चा सुपुर्द कर दिया गया है। असल में इस बच्चे को खोजने में जितनी मदद इटावा पुलिस में की है उससे कहीं अधिक मदद दिल्ली पुलिस के प्रीति बिहार मे तैनात एसीपी दीपेंद्र यादव ने भी की है जिनकी सार्थक पहल का नतीजा यह निकला कि इटावा में मिला यह मासूम बच्चा अपने घर वालों तक सकुशल व सुरक्षित पहुंच गया है।


2 जून को इटावा जिले के बढ़पुरा इलाके के कुंडेश्वर गांव के पास प्रधान राम कुमार शर्मा को यह बच्चा मिला था। जिसकी उम्र करीब 7 या 8 साल की रही होगी। इस बच्चे ने अपना नाम देवेंद्र पुत्र पिंकू बताया। ग्राम प्रधान रामकुमार ने इसकी सूचना थाना बढ़पुरा को दी। जिस के उपरांत इटावा अशोक कुमार त्रिपाठी के मार्ग निर्देशन में मध्य प्रदेश, दिल्ली और सीमावर्ती थानों से संपर्क किया गया। इसके साथ ही सोशल मीडिया व्हाट्सएप और फेसबुक का प्रयोग एवं आधार सेंटर से फिंगरप्रिंट स्कैन करा कर बच्चे के परिजनों के बारे में जानकारी का प्रयास किया गया।


इटावा के जसवंतनगर में तैनात पुलिस उपाधीक्षक एस.एन. वैभव पांडे के करीबी मित्र और इटावा के ही रहने वाले दिल्ली में तैनात के प्रीति बिहार में तैनात एसीपी दीपेंद्र यादव, उन्होंने इटावा में मिले इस बच्चे के बारे में विशेष प्रयास खोजने की दिशा में किया जिस के नतीजे के तौर पर 3 दिन की खोजबीन पर बच्चे के बारे में जानकारी सामने निकल कर के आ गई। जिसमें कहा गया कि देवेंद्र पुत्र पिंकू खजनीनगर, जौहरीपुरी जीवनपुर थाना गोकुलपुरी दिल्ली किसी तरह से इटावा पहुंच गया है। इस बच्चे के पिता के बारे में पता चल रहा है कि वो बेहद गरीब हैं और सिलाई करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। 2 जून को इटावा मे इस बच्चे के मिलने के बाद वो मासूम की शिकायत तक अपने थाने में दर्ज कराने नहीं जा सके क्योंकि उनको इस बात का अंदाजा नही था कि यह बच्चा इटावा तक आ पहुंचेगा।


इतनी जानकारी सामने आने के बाद आज इस बच्चे की मां पूनम बढ़पुरा थाने पहुंची और उनको उनका यह बेटा सुपुर्द कर दिया गया। इस बच्चे को उनके परिजनों तक पहुंचाने की दिशा में इंस्पेक्टर बढ़पुरा सुशील कुमार योगी ने सराहनीय प्रयास किया। इसके साथ ही ग्राम प्रधान बढ़पुरा रामकुमार शर्मा ने भी बहुत-बहुत सहयोग किया गया है।इटावा मिले इस बच्चे को खोजने में अगर किसी ने सबसे अधिक मदद की है तो वह है दिल्ली के प्रीत बिहार में तैनात एसीपी दीपेंद्र यादव जो कि इटावा के रहने वाले हैं जिन्होंने अपनी ट्रेनिंग के दरम्यान लापता बच्चों के बारे में खासा प्रशिक्षण हासिल करके रखा हुआ है। इस बच्चे के इटावा में मिलने के बाद पुलिस उपाधीक्षक जसवंतनगर एस.एन.वैभव पांडे से एसीपी दीपेंद्र यादव की बात हुई बातचीत के दरम्यान बच्चे की फोटो और अन्य जानकारियां का आदान प्रदान किया गया। बच्चे के बारे में शाहदरा और नार्थ ईस्ट के होने की संभावनाएं जताई गई। इसी आधार पर इन सूचनाओं को संबंधित थानों को भेजा गया लेकिन किसी भी स्तर पर इस बच्चे के बारे में जानकारी सामने नहीं आई। एकाएक इस बात की जानकारी हुई कि गोकुलपुरी थाने से पिछले साल सितंबर माह में एक बच्चा लापता हुआ था। इसकी फाइल क्लोज कर दी गई थी। इसकी डिटेल और फोटो मिलान करने के बाद एसीपी ने इटावा पुलिस को इस बात की जानकारी तस्दीक करके दे दी इटावा में मिला बच्चा दिल्ली का रहने वाला है। इस आधार पर उसके परिजनों से संपर्क स्थापित करके आज इस बच्चे को उसकी मां पूनम के यहां पहुंचने के बाद उसको उनका बच्चा सुपुर्द कर दिया गया है। एसीपी दीपेंद्र यादव ने बताया कि लापता बच्चों को खोजने का सबसे बेहतरीन और आसान तरीका यही है कि उनका डाटाबेस तैयार किया जाए और निर्धारित वेबसाइट पर लोड किया जाए जिसके आधार पर लापता बच्चे को खोजने में मदद मिल सकती है।

आकांक्षा सिंह
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