यौन हिंसा से बचने के लिए 'नो मैन' कॉन्सर्ट का आयोजन, सिर्फ लड़कियों ने लिया हिस्सा

यौन हिंसा से बचने के लिए 'नो मैन' कॉन्सर्ट का आयोजन, सिर्फ लड़कियों ने लिया हिस्सा

Shweta Singh | Publish: Sep, 02 2018 06:57:06 PM (IST) यूरोप

27 साल की एक स्टूडेंट ने साझा किया अपना अनुभव

गुट्नबर्ग। स्वीडन में म्यूजिक फेस्टिवलों में महिलाओं पर हो रहे यौन हमले से बचने के लिए एक अनोखी तरकीब निकाली गई है। दरअसल वहां की महिलाओं ने एक ऐसे कॉन्सर्ट का आयोजन कराया है जिसमें पुरूषों की एंट्री ही बैन थी।

'सिर्फ महिलाओं' का म्यूजिक कॉन्सर्ट

मीडिया रिपोर्टों की माने तो ये कॉन्सर्ट पूरी तरह से 'सिर्फ महिलाओं' का म्यूजिक कॉन्सर्ट था। म्यूजिक फेस्टवलों में महिलाओं पर होनेवाले सेक्सुअल हमले के कारण इस कॉन्सर्ट के आयोजन जैसा ठोस कदम उठाना पड़ा है।

27 साल की एक स्टूडेंट ने साझा किया अपना अनुभव

रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि इस फेस्टिवल में बड़ी संख्या में महिलाओं ने शिरकत की। साथ उन्होंने बेफिक्र होकर जमकर इंजॉय किया और खुब मस्ती की। कॉन्सर्ट में हिस्सा लेने पहुंची एक 27 साल की एक स्टूडेंट ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, 'फेस्टिवल में पिछले साल कई सेक्सुअल असॉल्ट की घटनाएं हुईं हैं। ये आयोजन ऐसी घटनाओं के विरोध में ही किया गया है।' उस छात्रा का कहना है कि यह फेस्टिवल आज की जरूरत है और इसलिए हमने इसका आयोजन किया।'

2 दिनों का स्टेटमेंट फेस्टिवल

आपको बता दें कि स्वीडन के गुट्नबर्ग में 2 दिनों का स्टेटमेंट फेस्टिवल आयोजित किया गया। इस फेस्टिवल में पुरुषों की एंट्री बैन थी। हालांकि जानकारी के मुताबिक ट्रांसजेंडरों को इसमें भाग लेने की छूट दी गई थी।

क्राउड फंडिंग से पैसे जुटाए गए

इस फेस्टिवल की शुरुआत हास्य कलाकार एमा किनिकार ने किया। उन्होंने ट्वीट किया, 'एक ऐसा फेस्टिवल जिसमें पुरुषों की एंट्री बैन है, सोचकर कैसा लग रहा है? सिर्फ जो पुरुष नहीं हैं वही इस फेस्टिवल का हिस्सा हो सकते हैं और तब तक जब तक कि दुनिया के मर्द सभ्य व्यवहार करना नहीं सीख जाते हैं।' आपको बता दें कि इस फेस्टिवल में महिलाएं ही सुरक्षा गार्ड थे और साथ ही कार्यक्रम में महिलाओं के ही बैंड ने परफॉर्म भी किया। बताया जा रहा है कि फेस्टिवल के लिए क्राउड फंडिंग से पैसे जुटाए गए थे।

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