ब्रेग्जिट: ब्रिटिश संसद ने डील को टालने के लिए किया वोट, दूसरे जनमत संग्रह की मांग खारिज

ब्रेग्जिट: ब्रिटिश संसद ने डील को टालने के लिए किया वोट, दूसरे जनमत संग्रह की मांग खारिज

Siddharth Priyadarshi | Publish: Mar, 15 2019 11:01:59 AM (IST) | Updated: Mar, 15 2019 02:05:02 PM (IST) यूरोप

  • ब्रिटिश संसद ने किया ब्रेग्जिट डील टालने के लिए वोट
  • 29 मार्च की निर्धारित तिथि से लागू न हो ब्रेग्जिट
  • फैसले को यूरोपीय संघ के समर्थन की दरकार

लंदन। ब्रिटिश संसद ने गुरुवार को ब्रेग्जिट डील को कुछ समय तक टालने का प्रस्ताव किया है। संसद ने अपील की है कि ब्रेग्जिट को 29 मार्च की निर्धारित तिथि से लागू न किया जाए। सदन ने ब्रेग्जिट प्रक्रिया में देरी के पक्ष में मतदान किया और साथ ही एक दूसरे जनमत संग्रह की मांग को खारिज कर दिया। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने में देरी का प्रस्ताव हाउस ऑफ कॉमन्स में 202 के मुकाबले 412 वोट से पारित किया गया। ब्रिटिश सांसदों ने स्वीकार किया कि ब्रेग्जिट को लेकर जारी गतिरोध को तोड़ने के लिए और अधिक समय की आवश्यकता है।

डील को टालने के लिए वोट

ब्रिटिश संसद का यह प्रस्ताव अब ब्रिटिश प्रधानमंत्री थेरेसा मे को अनुच्छेद 50 के तहत अन्य विकल्पों को खोजने का निर्देश देता है। कानूनी प्रक्रिया जिसके तहत ब्रिटेन यूरोपीय संघ छोड़ रहा है, उस पर यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से सर्वसम्मत अनुमोदन की आवश्यकता है। अगर यूरोपीय संघ के सदस्य इस बात का अनुमोदन करते हैं तो ब्रेग्जिट की सीमा 29 मार्च से आगे बढ़ाई जा सकेगी। मंगलवार को दूसरी बार हाउस ऑफ कॉमन्स द्वारा पीएम मे के विवादास्पद सौदे को खारिज किए जाने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। 21 मार्च को ब्रसेल्स में एक यूरोपीय परिषद के शिखर सम्मेलन में अब नए प्रस्ताव पर विचार होगा। इससे पहले सांसदों ने ब्रेक्सिट प्रक्रिया को नियंत्रित करने के लिए ब्रिटिश संसद को शक्ति देने वाले एक संशोधन को भी अस्वीकार कर दिया था।

दूसरे जनमत संग्रह की मांग खारिज

ब्रिटिश सांसदों ने दूसरे जनमत संग्रह की मांग खारिज कर दी। इससे पहले बुधवार को ब्रिटिश सांसदों ने नो-डील ब्रेग्जिट को अस्वीकार करने के पक्ष में मतदान किया। नो डील ब्रेग्जिट यूके को बिना किसी समझौते के यूरोपीय संघ छोड़ने की अनुमति देता है। पीएम थ्रेसा मे ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर समझौते को तीसरी बार खारिज कर दिया गया तो ब्रेक्सिट प्रक्रिया लंबी खिंच जाएगी। अगर ऐसा होता है, तो यह ब्रिटेन मई में होने वाले चुनावों में यूरोपीय संसद के सदस्यों का चुनाव करने के लिए मजबूर हो जाएगा। इससे उनके यूरोपीय संघ से बाहर निकलने की कानूनी छूट को गहरा धक्का लगेगा।

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