scriptExtreme cold snap sweeps across Europe | यूरोप में ठंड का कहर, कई देशों में माइनस 22 से भी नीचे लुढ़का पारा | Patrika News

यूरोप में ठंड का कहर, कई देशों में माइनस 22 से भी नीचे लुढ़का पारा

यूरोपीय देशों में ठंड के कारण 35 लोगों के मारे जाने की भी खबर है।

नई दिल्ली

Published: March 02, 2018 02:40:50 pm

भारत में जहां गर्मी दस्तक दे रही है, वहीं यूरोप के कुछ देशों में ठंड अपना रौद्र रूप दिखा रही है। पूरा यूरोप इस समय बर्फीले तूफान की चपेट में है। कुछ देशों में तो आर्कटिक से भी ज्यादा ठंड है, जिससे जन-जीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले दो दिनों में 200 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल किए जाने की खबर है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से ठप है। यह भी बताया जा रहा है कि ठंड की वजह से अब तक 35 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
europe
खबरों के अनुसार- उत्तरी नीदरलैंड में तापमान माइनस 43 डिग्री तक पहुंच चुका है, वहीं ब्रिटेन में तापमान माइनस 23 डिग्री दर्ज किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि यह 55 साल में सबसे कम है। एहित्यात के तौर पर स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। स्कॉटलैंड में लोगों की सुरक्षा को देखते रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
पोलैंड में केवल बुधवार को ही ठंड के कारण 8 मौतें होने का समाचार है। सड़कों पर बर्फ में फंसे लोगों को निकालने और बर्फ हटाने के लिए सेना तक को लगाना पड़ा है। रूस में समुद्र तट जम चुकें हैं। देश की राजधानी मॉस्को का तापमान माइनस 21 डिग्री दर्ज किया गया है।
ये है वजह

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसा आर्कटिक में लो प्रेशर जोन बनने के कारण हो रहा है। इस वजह से ध्रुवों से ठंडी हवाएं यूरोप की तरफ बह रही हैं। इसे आर्कटिक ब्लास्ट कहा जाता है। आर्कटिक में अभी औसत तापमान माइनस 20 डिग्री है।
इटली में 90 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

इटली के नेपल्स में 50 साल की बर्फबारी का रिकॉर्ड तोड़ा है। वहीं इटली की राजधानी रोम में बर्फबारी से जन-जीवन अस्तव्यस्त है। एक मीडिया रिपोर्ट में गांव कैपराकोटा में पिछले 18 घंटे में 8 फीट तक बर्फ गिरने का दावा किया गया है। एलिप्टिक एंफीथियेटर कोलोसियम की इमारत के बाहर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। कहा जा रहा है कि बर्फबारी का 90 साल पुराना रिकार्ड टूटा है। शहर में एमरजेंसी लगा दी गई है। स्कूल और कॉलेजों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। सार्वजनिक परिवहन को भी सीमित कर दिया गया है। मार्गों से बर्फ हटाने के लिए कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है।
इससे पहले 2012 में भी इसी तरह की बर्फबारी हुई थी, लेकिन उससे पुराना निकॉर्ड नहीं टूटा था। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार- आर्कटिक ब्लास्ट की वजह से भारी बर्फबारी हुई है। इससे पूरा यूरोप सर्दी की चपेट में है। पूरे 26 साल बाद सबसे ज्यादा कम टेम्प्रेचर दर्ज किया गया है। बर्फबारी को देखकर प्रमुख टूरिस्ट प्लेस कोलेजियम, फोरी इम्पीरियल और ट्रेवी फाउंटेन में लोग पहुंचने शुरू हो गए।
 

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

नाइजीरिया के चर्च में कार्यक्रम के दौरान मची भगदड़ से 31 की मौत, कई घायल, मृतकों में ज्यादातर बच्चे शामिल'पीएम मोदी ने बनाया भारत को मजबूत, जवाहरलाल नेहरू से उनकी नहीं की जा सकती तुलना'- कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मईमहाराष्ट्र में Omicron के B.A.4 वेरिएंट के 5 और B.A.5 के 3 मामले आए सामने, अलर्ट जारीAsia Cup Hockey 2022: सुपर 4 राउंड के अपने पहले मैच में भारत ने जापान को 2-1 से हरायाRBI की रिपोर्ट का दावा - 'आपके पास मौजूद कैश हो सकता है नकली'कुत्ता घुमाने वाले IAS दम्पती के बचाव में उतरीं मेनका गांधी, ट्रांसफर पर नाराजगी जताईDGCA ने इंडिगो पर लगाया 5 लाख रुपए का जुर्माना, विकलांग बच्चे को प्लेन में चढ़ने से रोका थापंजाबः राज्यसभा चुनाव के लिए AAP के प्रत्याशियों की घोषणा, दोनों को मिल चुका पद्म श्री अवार्ड
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.