
फ्रांसः राष्ट्रपति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव संसद में गिरा
पेरिस। फ्रांस की संसद ने मंगलवार को राष्ट्रपति इमानुएल मैक्रों की सरकार के खिलाफ लाए गए दो अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया। यह उनके पूर्व अंगरक्षक के एक स्कैंडल में शामिल होने से जुड़ा था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पहला प्रस्ताव कंजर्वेटिव रिपब्लिकन द्वारा नेशनल एसेंबली में लाया गया, जिसे 143 वोट मिले। यह पारित होने के लिए जरूरी 289 वोटों के से कुछ कम था। दूसरे प्रस्ताव को सिर्फ 74 सांसदों ने समर्थन दिया। इसे सोशलिस्ट, कम्युनिस्ट और वामपंथियों की फ्रांस इंसौमेज पार्टी ने लाया था। हालांकि, कंजर्वेटिव और वामपंथी एक दूसरे के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान गैर हाजिर रहे, लेकिन फिर भी उनकी संयुक्त संख्या 217 रही, जो जरूरी 289 वोटों से काफी कम थी।
इस वजह से लाया गया था अविश्वास प्रस्ताव
मैक्रों के सेंट्रल ला रिपब्लिक एन मार्चे (द रिपब्लिक ऑन द मूव) को एसेंबली में पूर्ण बहुमत होने से इस अविश्वास प्रस्ताव को व्यापक तौर पर प्रतीकात्मक रूप से देखा गया। मतदान से पहले बहस के दौरान प्रधानमंत्री इडोआर्ड फिलिपे ने मैक्रों सरकार का ली मोंडे द्वारा प्रकाशित वीडियो फूटेज को लेकर बचाव किया, जिसमें राष्ट्रपति का अंगरक्षक अलेक्जेंड्रे बेनाला (26) 2018 के मई दिवस प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को पीट रहा था। ली मोंडे के वीडियो जारी करने के बाद मैक्रों ने बेनाला को बर्खास्त कर दिया था।
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मैक्रों के पास है बहुमत
बता दें कि साल 2017 में मई में हुए राष्ट्रपति चुनावों में 39 साल के मैक्रों को 66.06 फ़ीसदी वोट मिले थे। मैरीन राष्ट्रपति चुनाव में भी उतरी थीं उन्हें मैक्रों के 66.06 फ़ीसदी वोट के मुक़ाबले 33.94 फ़ीसदी वोट मिले थे। मैंक्रों की लॉ रिपब्लिक एन मार्श और सहयोगी डेमोक्रेटिक मूवमेंट पार्टी को तीन सौ से अधिक सीटों पर जीत मिली थी। 577 सीटों वाली नेशनल असेंबली में ये सुरक्षित आंकड़ा माना जाता है।
Published on:
1 Aug 2018, 8:50 PM IST
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