हंगरी: यहां सरकार ने किया बड़ा ऐलान, चार बच्चों की मां को जिंदगीभर नहीं देना होगा इनकम टैक्स

हंगरी: यहां सरकार ने किया बड़ा ऐलान, चार बच्चों की मां को जिंदगीभर नहीं देना होगा इनकम टैक्स

Shweta Singh | Publish: Feb, 12 2019 02:41:05 PM (IST) यूरोप

दक्षिणपंथी विचारधारा के पक्षधर ओरबन ने अपने भाषण में प्रवासी संबंधित संकट पर जोर दिया।

बुडापेस्ट। भारत में इस वक्त बढ़ती जनसंख्या देश के कई गंभीर समस्याओं में से एक है, लेकिन एक देश ऐसा भी है जो ज्यादा बच्चे पैदा करनेवालों को शाबासी दे रहा है। यही नहीं सरकार ने अब उन्हें टैक्स से भी छूट देने का भी ऐलान किया है। ये ऐलान चीन की सरकार ने बल्कि यूरोप के एक देश में किया गया है। हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबन ने देशभर के लोगों से विवाह करने और ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की है।

यूरोप में प्रवासी संकट और कम होती जनसंख्या की समस्या

आपको बता दें कि यूरोप के कई देशों में प्रवासी संकट और कम होती जनसंख्या की समस्या बनी हुई है। हंगरी के प्रधानमंत्री का फैसला इसी समस्या के समाधान की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। पीएम ने प्रवासियों की लगातार बढ़ रही आबादी की ओर इशारा करते हुए कहा कि देश की जनसंख्या के लिए हमे प्रवासियों के नहीं बल्कि हंगरी के बच्चे चाहिए।

आजीवन इनकम टैक्स से राहत

पीएम विक्टर ने देश की महिलाओं से बच्चे पैदा करने की अपील करते हुए ऐलान किया कि जिन महिलाओं के 4 बच्चे होंगे, उन्हें आजीवन इनकम टैक्स से राहत दे दी जाएगी। यहीं नहीं ऐसे युवा जोड़ें जिनके 3 बच्चे होंगे उनके कर्ज में ब्याज मुक्त होगा। इसके साथ ही 40 से कम उम्र की महिलाओं को भी पहली बार शादी करने पर पहले लोन में ऋण से छूट दी जाएगी। इस विषय पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 'यूरोप में बच्चों की संख्या और आबादी तो बढ़ रही है। लेकिन ये प्रवासियों की आबादी है, जो खासकर मुस्लिम देशों से आ रहे हैं। हमे ऐसी आबादी नहीं बढ़ानी, हम चाहते हैं कि हंगरी के लोगों से बच्चों की संख्या बढ़े।' दक्षिणपंथी विचारधारा के पक्षधर ओरबन ने अपने भाषण में प्रवासी संबंधित संकट पर जोर दिया।

वामपंथी नेताओं पर निशाना

अपने भाषण में उन्होंने वामपंथी नेता को निशाना बनाते हुए दक्षिणपंथी विचारधारा के ओरबन ने कहा, 'यूरोप के वामपंथी नेता प्रवासियों के लिए जो उदारता दिखाते है उस वजह से मिश्रित जनसंख्या का संकट बढ़ रहा है। पता नहीं वो लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं।' देश में इसी साल चुनाव भी होने वाले हैं, जिसके ऑपिनियन पोल में ओरबन के प्रवासी विरोधी नीतियों की आलोचना के बाद भी दक्षिणपंथी पार्टी को ही लीड लेते बताया जा रहा है।

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