यूरोपीय संघ की नई प्रवासीय नीतियों पर उठे सवाल, इस शख्स ने उठाया पर्दा

यूरोपीय संघ ने अपनी प्रवास नीतियों की कमियों को स्वीकार किया है और प्रवासन पर एक नई रणनीति को लागू करने का निर्णय लिया है, लेकिन यह यूनान में मानवीय स्थिति में सुधार करने में सक्षम नहीं है।

By: Saurabh Sharma

Published: 16 Feb 2021, 08:42 AM IST

ब्रसेल्स। यूरोपीय संघ ने अपनी प्रवास नीतियों की कमियों को स्वीकार किया है और प्रवासन पर एक नई रणनीति को लागू करने का निर्णय लिया है, लेकिन यह यूनान में मानवीय स्थिति में सुधार करने में सक्षम नहीं है, जहां पर काफी संख्या में प्रवासी हैं। यह कहना है कि ऑक्सफर्म चैरिटी के सलाहकार राफेल शिल्हव का।

उन्होंने सोमवार को कहा कि यूरोपीय आयोग ने सितंबर में यूरोपीय संघ की प्रवासन नीतियों में सुधार के लिए प्रवासन एवं शरण पर एक नया समझौता का प्रस्ताव किया था। नया विनियमन कुशल सीमा प्रक्रियाओं को लागू करने और सभी यूरोपीय संघ के राज्यों को माइग्रेशन सिस्टम में योगदान करने के लिए तैयार किया गया है।

उन्होंने कहा, "यूरोपीय संघ ने अपनी पुरानी नीतियों की विफलता को स्वीकार किया है। जबकि नए प्रवासन समझौते का उद्देश्य यूरोपीय संघ में जिम्मेदारी-साझेदारी को संतुलित करना है, यह पिछली कई त्रुटिपूर्ण नीतियों की नकल कर रहा है, जिसके उद्देश्य पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं।"

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