ब्रिटेन: स्पीकर जॉन बर्कोव ने प्रस्ताव में बदलाव के बिना ब्रेग्जिट खारिज किया

ब्रिटेन: स्पीकर जॉन बर्कोव ने प्रस्ताव में बदलाव के बिना ब्रेग्जिट खारिज किया

Anil Kumar | Updated: 19 Mar 2019, 11:12:44 AM (IST) यूरोप

  • ब्रेक्जिट को लेकर यूके में गतिरोध जारी।
  • 29 मार्च की निर्धारित तिथि से ब्रेक्जिट को लागू होना है।
  • इससे पहले संसद में ब्रेक्जिट के लिए दो बार पेश कर चुका है मोशन।

ब्रिटेन। ब्रिटिश संसद ने बीते हफ्ते गुरुवार को ब्रेक्जिट डील को कुछ समय तक टालने का प्रस्ताव किया था, लेकिन अब सोमवार को ब्रिटिश संसद के स्पीकर जॉन बर्कोव ने संसद में पेश मोशन में बदलाव के बिना ब्रेक्जिट के वोटों को खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि जबतक पेश किए गए मोशन में बदलाव नहीं किया जाता है, तब तक ब्रेक्जिट के लिए आगे के वोट नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह एक आश्चर्य करने वाला फैसला है, लेकिन वे नहीं चाहते कि जिस तरह से बीते हफ्ते सांसदों ने इसे रिजेक्ट किया था, वैसे ही इस बार हो। उन्होंने कहा कि आप 11 दिन पहले देखें तो यूरोपियन युनियन से यूके के अलग होने के कारण मंत्रियों ने साफ चेतावनी दी है कि संवैधानिक संकटों का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि ब्रेक्जिट को 29 मार्च की निर्धारित तिथि से लागू् किया जाना है। इससे पहले सदन ने ब्रेग्जिट प्रक्रिया में देरी के पक्ष में मतदान करते हुए एक दूसरे जनमत संग्रह की मांग को खारिज कर दिया था। ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने में देरी का प्रस्ताव हाउस ऑफ कॉमन्स में 202 के मुकाबले 412 वोट से पारित किया गया था। ब्रिटिश सांसदों ने स्वीकार किया कि ब्रेक्जिट को लेकर जारी गतिरोध को तोड़ने के लिए और अधिक समय की आवश्यकता है।

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बता दें कि यूपोरियन यूनियन से अगल होने के पक्ष में प्रधानमंत्री थेरेसा मे रही हैं। वे चाहती हैं कि यूरोपियन यूनियन के साथ वापसी के लिए समझौते पर बातचीत हो, लेकिन इसके लिए सभी सांसदों की भी समहति जरूरी है। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने रविवार को बागी सांसदों से ब्रेक्जिट पर समझौता करके देशभक्ति निभाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि वह संसद में अगले सप्ताह वह एक बार फिर ब्रेक्जिट समझौता पेश करने जा रही है जो पहले ही दो बार विफल हो चुका है। उन्हें उम्मीद है कि तीसरी बार यह उनके लिए सफल साबित होगा। उनका कहना कि सभी सांसद एकजुट होकर इस समझौते का समर्थन जरूर करें। अगर ऐसा नहीं होता है तो बड़ा नुकसान सहना पड़ सकता है। सोमवार को स्पीकर बर्कोव ने 1604 के एक सम्मेलन का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई प्रस्ताव सदन में गिर जाता है तो उसे फिर से संसद सत्र में उसी स्वरूप में नहीं लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री के साथ सौदे पर जो दूसरा वोट था वह क्रम में था, जो कि पहले वाले से अलग था, लेकिन अब कोई भी वोट को टेस्ट के बाद ही पास होना चाहिए, जिसे उन्होंने अनुमति दी थी। हालांकि स्पीकर के इस बयान के बाद प्रधानमंत्री के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा है कि उनके किसी भी बयान पर कोई चेतावनी नहीं दी गई है। यह वास्तव में तथ्य है या फिर वे खुद बनाकर बोल रहे हैं, उन्हें नहीं पता।

 

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