ब्रिटेन: संसद ने खारिज किया नो-डील ब्रेग्जिट का प्रस्ताव, पीएम थेरेसा मे की मुश्किलें बढ़ीं

ब्रिटेन: संसद ने खारिज किया नो-डील ब्रेग्जिट का प्रस्ताव, पीएम थेरेसा मे की मुश्किलें बढ़ीं

Siddharth Priyadarshi | Publish: Mar, 14 2019 08:23:58 AM (IST) | Updated: Mar, 14 2019 01:08:03 PM (IST) यूरोप

  • ब्रेग्जिट पर ब्रिटेन सरकार की एक और हार
  • यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते के बाहर निकलने का प्रस्ताव 308 के मुकाबले 312 वोटों से गिरा
  • पीएम थेरेसा मे को एक और झटका

लंदन। ब्रिटिश सरकार को संसद में एक और महत्वपूर्ण हार का सामना करना पड़ा। ब्रेग्जिट की समय सीमा से केवल दो सप्ताह पहले ब्रिटिश संसद बिना किसी सौदे के यूरोपीय संघ छोड़ने का प्रस्ताव खारिज कर किया है। राजनेताओं द्वारा ब्रिटिश प्रधान मंत्री थेरेसा के प्रस्ताव को मंगलवार को दूसरी बार खारिज करने के बाद सरकार ने बुधवार को 29 मार्च को लागू होने वाली "नो-डील" ब्रेग्जिट की वर्तमान समय सीमा तय करने के लिए एक प्रस्ताव रखा।

नो-डील ब्रेग्जिट मंजूर नहीं

सांसदों ने यूरोपीय संघ से बिना किसी समझौते से बाहर निकलने के प्रस्ताव को 308 के मुकाबले 312 वोटों से नकार दिया।हालांकि यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, लेकिन इससे थेरेसा मे को गहरा झटका लगा है। इसका मतलब यह नहीं है कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बाहर नहीं निकलेगा। लेकिन अब सांसद इस मुद्दे का निर्धारण कर सकते हैं कि क्या ब्रेक्सिट को टाल दिया जाए। इस मुद्दे पर गुरुवार को होगा। अगर गुरुवार को ब्रेग्जिट को लागू करने पर मतदान होगा, अगर सदन में इसे टालने का प्रस्ताव पारित हो गया तो इसे यूरोपीय संघ के पास भेजा जाएगा। अगर यूरोपीय संघ भी इसके लिए तैयार हो जाता है तो ब्रिटेन ईयू से बाहर नहीं जाएगा।

जल्द होगा अंतिम फैसला

सरकार ने बिना किसी समझौते के 29 मार्च को यूरोपीय संघ से निकलने का प्रस्ताव रखा था मगर सांसदों ने इस बात को लेकर वोट दिया है कि वे किसी भी शर्त पर बिना समझौते के ब्रेक्सिट से बाहर नहीं जाएंगे। बुधवार का वोट कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है, लेकिन यह पूरी तरह से नो-डील ब्रेक्सिट को खारिज भी नहीं करता है। बुधवार को प्रधानमंत्री ने पुष्टि की कि ब्रेग्जिट से संबंधित अनुच्छेद 50 का विस्तार करने पर वोट अपने पूर्व निर्धारित समय के अनुसार होगा। आशंका है कि "नो-डील" ब्रेग्जिट से यूके की अर्थव्यवस्था और यूरोपीय संघ के लिए गंभीर परिणाम हो सकते हैं। छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय नो-डील ब्रेग्जिट के लिए तैयार नहीं हैं।

Read the Latest World News on Patrika.com. पढ़ें सबसे पहले World News in Hindi पत्रिका डॉट कॉम पर.

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned