दीवारों पर चित्र बनाकर दिखाई जा रही रामलीला टूट रहे मंदिरों पर भी ध्यान दे सरकार

दीवारों पर चित्र बनाकर दिखाई जा रही रामलीला टूट रहे मंदिरों पर भी ध्यान दे सरकार

Anoop Kumar | Publish: Oct, 13 2018 03:34:24 PM (IST) | Updated: Oct, 13 2018 03:34:25 PM (IST) Faizabad, Uttar Pradesh, India

रामकथा के प्रसंगों पर चित्र बनाना अच्छी बात पर रामकथा से जुड़ी अयोध्या की प्रचीन इमारतों पर क्यूँ नही जाता सरकार का ध्यान

अनूप कुमार
अयोध्या : शुक्रवार से धार्मिक नगरी अयोध्या में अयोध्या आर्ट फेस्टिवल के जरिए नगर की दीवारों पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन चरित्र से जुड़े प्रसंगों का चित्रांकन करने की एक प्रतियोगिता चल रही है | जिसमें सबसे सुंदर चित्र बनाने वाले चित्रकार को पुरस्कृत भी किया जाएगा | इस पूरे आयोजन के पीछे मंशा है कि देश के कोने-कोने से अयोध्या आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भगवान श्री राम के जीवन से जुड़ी विभिन्न लीलाओं को आसानी से देख और समझ सके और उनके चरित्र को अपने जीवन में आत्मसात कर उसका अनुसरण कर सकें | इस पूरी योजना में 3 निजी संस्थाओं के अलावा नगर निगम अयोध्या का भी प्रमुख योगदान है |अयोध्या आर्ट फेस्टिवल के जरिए अयोध्या नगर की लगभग 100 दीवारों पर श्रीरामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों से जुड़े चित्र बनाए जा रहे हैं | जाहिर तौर पर यह प्रयास अयोध्या के सौंदर्य को बढ़ाएगा और भगवान राम की महिमा से हर कोई और बेहतर तरीके से रूबरू हो सकेगा |

रामकथा के प्रसंगों पर चित्र बनाना अच्छी बात पर रामकथा से जुड़ी अयोध्या की प्रचीन इमारतों पर क्यूँ नही जाता सरकार का ध्यान

अयोध्या के संतों ने इस योजना की सराहना तो जरूर की है लेकिन यह सवाल भी उठाए हैं कि अगर भगवान राम के जीवन से जुड़ी हुई कथा को चित्रों के जरिए अयोध्या की दीवारों पर दिखाने की कोशिश की जा रही है तो भगवान राम की कथा से जुड़े अयोध्या के तमाम ऐतिहासिक मंदिरों और पौराणिक स्थलों की तरफ सरकार का ध्यान क्यों नहीं जाता | सिर्फ सड़क बना देने से और लाइटें लगा देने से भगवान राम की लीला श्रद्धालुओं तक नहीं पहुंच सकती | राम जन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि जाहिर तौर पर इस प्रयास से अयोध्या को एक और पहचान मिलेगी और अयोध्या के सौंदर्य में बढ़ावा होगा | लेकिन आवश्यकता है कि अयोध्या के उन प्राचीन मंदिरों और भवनों की मरम्मत और उनके सौंदर्यीकरण की तरफ भी प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ध्यान दें | जिससे इन ऐतिहासिक इमारतों का अस्तित्व बना रहे और भगवान राम की लीला को चित्रों के जरिए दिखाने की कोशिश की जा रही है उन लीलाओं से जुड़े अयोध्या के प्राचीन भावनाओं का साक्षात दर्शन श्रद्धालु कर सकें |

संतों ने कहा सड़क बना देने और लाईट लगवा देने से नही होगा भगवान श्री राम के आदर्शों का प्रचार प्रसार

वहीं रंग महल मंदिर के महंत रामशरण दास ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के विकास के लिए करोड़ों रुपए की धनराशि अवमुक्त की है | जिसके जरिए अयोध्या में साफ-सफाई विद्युत व्यवस्था और सड़कों को बनाने का काम किया जा रहा है | मेरा आग्रह है कि जिस प्रकार से अयोध्या आर्ट फेस्टिवल के जरिए भगवान राम के जीवन चरित्र से जुड़े प्रसंगों को चित्रों के जरिए दीवारों पर चित्रित किया जा रहा है | उसी प्रकार भगवान राम के जीवन से जुड़े अयोध्या के प्राचीन भवनों में सीता रसोई, कनक भवन, नागेश्वर नाथ मंदिर ,प्राचीन सरयू घाट सहित अयोध्या के तमाम ऐतिहासिक स्थलों के जीर्णोद्धार और उनके सौंदर्यीकरण सरकार ध्यान दें | जिससे इनका अस्तित्व बना रहे | बताते चलें कि अयोध्या आर्ट फेस्टिवल के जरिए तीन दिवसीय आयोजन में अयोध्या की 100 दीवारों पर श्रीरामचरितमानस के विभिन्न प्रसंगों से जुड़े चित्र बनाए जा रहे हैं | इसके लिए देश के अलग-अलग राज्यों से 150 चित्रकार छात्र और छात्राएं अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं |14 अक्टूबर को भव्य समारोह के दौरान इन चित्रों को आम जनता के अवलोकनार्थ कर दिया जाएगा |

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned