मिशन 2019 फतह करने के लिए पिछड़ा वर्ग वोट बैंक को सहेजने निकली अनुप्रिया पटेल

Satya Prakash | Publish: Sep, 07 2018 07:26:48 PM (IST) | Updated: Sep, 07 2018 09:42:06 PM (IST) Faizabad, Uttar Pradesh, India

अयोध्या में कार्यकर्त्ता सम्मलेन के दौरान अपना दल की मुखिया और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कार्यकर्ताओं को सौंपी नयी ज़िम्मेदारी

सत्य प्रकाश
अयोध्या : 2019 चुनाव को लेकर एनडीए सरकार के सभी पार्टीयों ने अपनी नीति तय करने का कार्य शुरू कर चुकी हैं इस दौरान अपना दल भी 2019 चुनाव में महत्वपूर्ण भागीदारी के लिए बैठको का आयोजन किया जा रहा हैं अयोध्या के साकेत महाविद्यालय में भी हुए बैठक दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, कारागार राज्यमंत्री जय सिंह व अपना दल(एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष सिंह रहे.

देश में पिछड़ा वर्ग का बने कानून
अयोध्या में अपना दल द्वारा आयोजित मासिक बैठक में संगठन का विस्तार व साथ ही एनडीए की सरकार पर कुछ मांगो को लेकर दबाव बनाने की लिए रणनीति को लेकर चर्चा किया गया इस दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने पत्रिका टीम से ख़ास बातचीत में बताया कि संगठन के विस्तार के दृष्टि से आने वाले चुनाव में प्रत्येक बूथ पर पार्टी के कार्यकर्ता आम जनता के बीच पार्टी के नीति व विचार धारा को पहुचाने को लेकर यह बैठक आयोजित किया गया हैं. इसके साथ सरकार से कई मांगो को उठाने जा रहे हैं कि जिस तरह से अल्पसंख्यक कल्याण, आदिवाशी कल्याण का मंत्रालय अलग बना हुआ है. उसी तर्ज पर पिछड़ा वर्ग का एक अलग मंत्रालय गठित किया जाये साथ ही देश के संविधान में आल इण्डिया ज्युडिशियल सर्विसेस प्राविधान हैं लेकिन आज तक इसका गठन नहीं हो पाया हैं जब कि यह आवश्यक हैं कि दलितों पिछड़ी के न्यायपालिका में न्यायाधीशों के पद पर भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आल इण्डिया सर्विसस का गठन हो और सरकार से यह मांग हैं तथा इलाहबाद के बम्बरौली हवाईअड्डे का नाम बदल कर स्वर्गीय डाक्टर सोनेलाल पटेल के नाम पर किया जाये.


महागठबंधन में नहीं कोई चेहरा
वहीँ स्वास्थ्य राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने बताया कि 2014 व 17 में एनडीए के साथ रहे हैं और 2019 में भी एनडीए के साथ रहेंगे और हमें पूरा उम्मीद हैं देश की जनता पुनः सरकार बनाने का मौका देगी क्योकि देश विपक्ष का महागठबंधन बन रहा हैं उसमे आज तक यह तय नहीं हो पा रहा हैं कि इस महागठबंधन का चेहरा कौन होगा और दूसरी बात यह हैं कि यह गठबंधन कहता हैं कि मोदी को हटाओ लेकिन मोदी को हटाने के बाद देश को किस विकास के रास्ते पर ले जाने का कार्य करेगी, इसको नहीं बता पा रहा हैं इसके साथ एससी एसटी कानून को लेकर बताया कि आज जिस प्रकार से लोग विरोध कर रहे हैं इसके पहले भी इस प्रकार का विरोध किया चुका हैं जब सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून को निष्प्रभावी बना दिया था तब भी भारत बंद कर लोग सडको पर उतरे थे और आज भी उसी तरह की परिस्थिति हैं फिर हाल यह लोक तंत्र की खूबसूरती हैं कि लोग अपने विचार अपनी राय देने की स्वतन्त्रता हैं लेकिन सरकार ने अपनी मंशा को स्पष्ट कर दिया हैं कि यह कानून पारित हो चुका है और अपने मूल स्वरूप में ही लागू होगा.

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