अयोध्या : केंद्र और प्रदेश की सत्ता के बाद नगर की सरकार में भी बीजेपी के आगे विपक्ष कमज़ोर

मंगलवार को रामनगरी में सरयू तट के किनारे होगा अयोध्या नगर निगम का शपथ ग्रहण समारोह

By: अनूप कुमार

Published: 11 Dec 2017, 07:20 PM IST

अनूप कुमार
फैजाबाद . पहली बार नगर निगम का दर्जा पाने वाले अयोध्या नगर निगम के पहले सदन के लिए मेयर और पार्षद मंगलवार को शपथ लेंगे .शपथ ग्रहण का ये पूरा कार्यक्रम मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या में सरयू तट के किनारे बने सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थल राम कथा पार्क में होगा.अयोध्या नगर निगम के पहले ऐतिहासिक सदन में सदस्यता के लिए होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाजपाइयों ने जोर शोर से तैयारी की है और पूरे कार्यक्रम स्थल को भगवा रंग से रंग दिया गया है .मंच की साज सज्जा से लेकर होर्डिंग तोरण द्वार और कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए टेंट का कलर भी भगवा ही रखा गया है . बताते चलें की साठ वार्डों से मिलकर बनी अयोध्या नगर निगम के पहले चुनाव में नगर की जनता ने सबसे ज्यादा भरोसा भाजपा के उम्मीदवारों पर जताया है और अयोध्या नगर निगम के पहले सदन में 32 पार्षदों के साथ बीजेपी का सदन में पूर्ण बहुमत है इसके अलावा बीजेपी से बागी होकर चुनाव लड़ने वाले करीब 3 पार्षद भी बीजेपी के ही खेमे में पाए जा रहे हैं ऐसे में कहीं न कहीं केंद्र और प्रदेश की सत्ता की तरह नगर की सरकार में भी विपक्ष कमज़ोर नज़र आ रहा है .

मंगलवार को रामनगरी में सरयू तट के किनारे होगा अयोध्या नगर निगम का शपथ ग्रहण समारोह

मंगलवार को अयोध्या के सरयू तट के किनारे स्थित राम कथा पार्क में अयोध्या नगर निगम के पहले शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसमे शामिल होने प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह मंगलवार की सुबह अयोध्या पहुंचेंगे . अयोध्या नगर निगम के पहले महापौर के शपथ ग्रहण को ऐतिहासिक माना जा रहा है और नगर निगम के महापौर बनने का पहला गौरव भाजपा नेता ऋषिकेश उपाध्याय को मिला है. योगी सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को तोहफे के रुप में फैजाबाद अयोध्या को मिलाकर नगर निगम बना कर दिया था और इस प्रतिष्ठापूर्ण सीट में भाजपा ने अपनी विजय हासिल की जिसका कल भगवा दुर्ग में शपथ ग्रहण होगा,दिलचस्प बात ये है कि शपथ ग्रहण का कार्यक्रम अयोध्या में होने को लेकर सपा ने पहले ही आयोजन से किनारा कर लिया है और भाजपा पर कार्यक्रम के भगवाकरण करने का आरोप लगाया है .हालाकि इतिहास इस बात का गवाह है कि सदन में जिस दल का बहुमत होता है आयोजन में सक्रिय भागीदारी भी उसी दल की रही है ऐसे में विपक्ष अगर नाराज़ होता है तो ये नयी बात नहीं है .

अनूप कुमार Desk/Reporting
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