बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा सलमान नदवी पर लगे आरोप सही कर रहे हैं सौदेबाजी

Anoop Kumar

Publish: Feb, 15 2018 05:33:10 PM (IST)

Faizabad, Uttar Pradesh, India
बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा सलमान नदवी पर लगे आरोप सही कर रहे हैं सौदेबाजी

फैजाबाद में उलेमाओं ने बैठक कर सलमान नदवी पर लगाए कौम के साथ गद्दारी का इल्ज़ाम बर्ख़ास्तगी पर जताई ख़ुशी

फैजाबाद . सद्भावना समन्वय महासमिति के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा द्वारा मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड से बर्खास्त हुए मौलाना सलमान नदवी पर लगाए गए डील के आरोप को बाबरी मस्जिद मामले की मुद्दई इकबाल अंसारी ने सही बताया है. उन्होंने मौलाना सलमान नदवी को कौम का सौदागर भी कहा ,उन्होंने कहा कि मौलाना सलमान नदवी कौम के सौदागर है और वह मस्जिद हटाने को लेकर सौदा कर रहे हैं.पत्रकारों से बात करते हुए बाबरी मस्जिद मुकदमे के मुद्दई रहे माढ़ूम हाशिम अंसारी के बेटे इकबाल अंसारी ने कहा कि अयोध्या आकर मौलाना सलमान नदवी ने कहा था कि मस्जिद अयोध्या से 200 किलोमीटर दूर बने,ऐसे मौलानाओं की ना तो पक्षकार बात मानेंगे और ना ही मुसलमान. इकबाल अंसारी ने कहा कि सुलह की बात करनी हो तो कमेटी या पक्षकार से बात की जाए. सलमान नदवी जैसे लोगों से नहीं. दरअसल श्री श्री के करीबियों में शुमार और अयोध्या सद्भावना समन्वय महासमिति के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा ने मस्जिद को दूर बनाने के लिए मौलाना सलमान नदवी पर 500 करोड़ रुपए डील करने का आरोप लगाया है जिसके बाद राम मंदिर बाबरी मस्जिद के सुलह कराने वालों लोगों के बीच हलचल मच गई है.

 

फैजाबाद में उलेमाओं ने बैठक कर सलमान नदवी पर लगाए कौम के साथ गद्दारी का इल्ज़ाम बर्ख़ास्तगी पर जताई ख़ुशी


बताते चलें कि आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से निष्कासित पूर्व सदस्य मौलाना सलमान नदवी के बयान को लेकर फैजाबाद के उलेमाओं में भी खासा आक्रोश है,उलेमाओं के एक गुट ने शहर की टाटशाह मस्जिद में आयोजित बैठक में मौलाना नदवी के निष्कासन के फैसले को लेकर बोर्ड के निर्णय का स्वागत किया गया है . बैठक में शहर काजी मुफ्ती शमशुल कमर कादरी ने कहा कि मस्जिद अल्लाह की मिल्कियत है. उसका मुसलमान न तो सौदा कर सकता है न ही मस्जिद या उसकी जगह को गैर अल्लाह की इबादत की इबादत के लिये दी जा सकती है. बैठक में मुस्लिम उलमाओं ने कहा कि बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि के विवाद की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में अंतिम दौर में पहुंच गयी है. ऐसे में सुलह की बात करना अदालत को प्रभावित करने की कोशिश के अलावा कुछ नहीं है. मुसलमानों की इस बैठक में यह बात साफ हो गयी है कि फैजाबाद का मुस्लिम समुदाय राम मंदिर निर्माण के बाबरी मस्जिद की जमीन किसी भी कीमत पर स्वयं देने को तैयार नहीं है. इन हालातों में अयोध्या विवाद के मुस्लिम पक्षकार भी समुदाय की भावनाओं के विपरीत जाकर मस्जिद की जगह राममंदिर के लिये देने को लेकर हिम्मत नहीं जुटा पायेंगे.

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