नौकायन पर रोक लगाकर सो गया प्रशाशन कौन लेगा श्रद्धालुओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी

नौकायन पर रोक लगाकर सो गया प्रशाशन कौन लेगा श्रद्धालुओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी

Anoop Kumar | Publish: Sep, 06 2018 03:29:36 PM (IST) Faizabad, Uttar Pradesh, India

अयोध्या में सरयू नदी के किनारे मौजूद नहीं हैं सुरक्षा इंतजाम आज तक नही तैनात हुई जल पुलिस सिर्फ मेले में दिखते हैं इंतजाम

फैजाबाद : अयोध्या बुधवार की दोपहर धार्मिक नगरी अयोध्या में सरयू नदी में पर्यटकों को घुमा रही नाव के पलटने और इस हादसे में तीन बेगुनाहों की मौत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है | जिला प्रशासन ने तत्काल निर्देश जारी करते हुए जब तक सरयू नदी में बाढ़ की स्थिति बने रहने तक पर्यटकों को नौका विहार कराने पर प्रतिबंध लगा दिया है | जिससे इस तरह की घटनाएं ना हो | बताते चलें कि इन दिनों सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आस-पास है और नदी में तेज बहाव भी है | जिसके कारण हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता | इसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभावी निर्देश जारी करते हुए सरयू नदी में नौकायन करने पर प्रतिबंध लगा दिया है | लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि जिला प्रशासन ने सरयू नदी के जल में नाव चला कर अपने परिवार का पेट चलाने वाले सैकड़ों नाविकों के सामने रोजी रोटी का संकट तो खड़ा कर दिया | लेकिन इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा इंतजाम को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किया | जबकि अगर इन हादसों को रोकना है तो नदी के किनारे जल पुलिस और क्विक रिस्पांस टीम के साथ जाल ,रस्से सहित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए | लेकिन इन बातों पर ध्यान देने की जगह जिला प्रशासन ने तत्काल नदी में नौकायन पर प्रतिबंध लगा दिया है |

अयोध्या में सरयू नदी के किनारे मौजूद नहीं हैं सुरक्षा इंतजाम आज तक नही तैनात हुई जल पुलिस सिर्फ मेले में दिखते हैं इंतजाम

बुधवार को हुई दुर्घटना में तीन बेगुनाहों की मौत के बाद जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठना इसलिए भी लाजमी है क्योंकि इससे पहले कभी प्रशासन ने सरयू नदी में नाव चलाने वाले नाविकों के बारे में कोई जानकारी इकट्ठा करना जरूरी नहीं समझा | नदी में नाव चलाकर पर्यटकों को घुमाने वाले तमाम नाविक नाबालिग है और उन्हें अनुभव भी नहीं है | बावजूद इसके धड़ल्ले से वह सरयू की तेज लहरों में नाव दौडाते रहे और किसी ने गौर नहीं किया | जिस की एक वजह यह भी है बीते कई दशकों में कभी भी सरयू नदी में नाव पलटने जैसी घटनाएं नहीं हुई | पहली बार ऐसा वाकया सामने आया है जब नाव पलटने से कोई हादसा हुआ हो | इस घटना में भी घाट के किनारे लोगों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक नाव में मौजूद लोगों ने फोटो खिंचवाने के चक्कर में लापरवाही की और तेज धार में नाव डगमगा कर पलट गई |

नौका सञ्चालन पर प्रतिबंध के बाद बैंक से क़र्ज़ लेकर नाव खरीदने वाले नाविकों के सामने गहराया रोजी रोटी और बैंक का कर्ज चुकाने का संकट

खैर हादसे होने के बाद इस तरह के सवाल जवाब होते रहे हैं लेकिन मुद्दा यही है कि क्या सिर्फ नदी में नौका संचालन पर प्रतिबंध लगा कर हादसों के ना होने की गारंटी जिला प्रशासन लेगा | बल्कि इसकी जगह नदी में होने वाले हादसों से बचाव के लिए आवश्यक उपकरण और जल पुलिस की तैनाती पर जिला प्रशासन को ध्यान देना चाहिए | बताते चलें कि अयोध्या में राम जन्मभूमि विवादित परिसर की सुरक्षा को लेकर पूर्व से ही लगभग आठ कंपनी पीएसी की अयोध्या में रह रही है | ऐसे में सरयू तट के किनारे स्नान करने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए क्या एक कंपनी पीएसी बाढ़ राहत की तैनात नहीं की जा सकती | जिससे इस तरह के हादसे पर तत्काल राहत और बचाव कार्य किया जा सके | ये वह सवाल है जिनका जवाब जिला प्रशासन के अधिकारी देने से कतरा रहे हैं और अपनी जिम्मेदारी सिर्फ नौका संचालन पर प्रतिबंध लगा कर पूरी कर रहे हैं | दीगर बात यह भी है कि अब उन नाविकों का जीवन संकट में पड़ गया है जिन्होंने बैंक से कर्ज लेकर नाव खरीदी थी और यही नाव चला करवा बैंक का कर्ज चुका रहे थे | ऐसे में नौका संचालन पर प्रतिबंध लगने के बाद न सिर्फ उनके सामने 2 जून की रोटी का संकट खड़ा हो गया है बल्कि सरकारी कर्ज के बोझ तले अब उन्हें भविष्य की चिंता सता रही है |

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