हिन्दू मुस्लिम पक्ष के अलावा एक और पक्ष ने अयोध्या के विवादित स्थल पर ठोंका अपना दावा

हिन्दू मुस्लिम पक्ष के अलावा एक और पक्ष ने अयोध्या के विवादित स्थल पर ठोंका अपना दावा

Anoop Kumar | Publish: Mar, 14 2018 12:18:06 PM (IST) Faizabad, Uttar Pradesh, India

विहिप ने कहा रामलला की भूमि पर बनेगा सिर्फ राम मंदिर नही काम आयेगा किसी और का दावा

फैजाबाद : देश की सबसे बड़ी अदालत में देश के सबसे बड़े मुकदमे पर आज सुनवाई हो रही है , जिसमें अयोध्या के विवादित परिसर में हिंदू पक्षकार राम जन्मभूमि का दावा कर राम मंदिर निर्माण के लिए न्यायालय से अनुमति चाहते हैं वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम पक्षकारों का दावा है कि वहां पर बाबरी मस्जिद थी जिसे तोड़ दिया गया उस स्थान पर मस्जिद का ही पुनः निर्माण होना चाहिए . वही इस मुकदमे के दो पक्षकारों के अलावा अब एक और पंथ के लोगों ने विवादित भूमि पर अपना दावा पेश किया है . ये दावा है बौद्ध समुदाय का जो काफी लंबे समय से उस स्थान पर अपना हक जताते हुए दावा करते रहे है . अब बौद्ध संप्रदाय के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है . बताते चलें कि 14 मार्च यानी आज सुप्रीम कोर्ट में मंदिर मस्जिद विवाद में सुनवाई हो रही है और इस मामले की पैरवी के लिए मुख्य रूप से हिन्दू और मुस्लिम पक्षकार सुप्रीम कोर्ट में मौजूद हैं .

बौद्ध समुदाय से जुड़े युवक ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका

याचिकाकर्ता अयोध्या के कजियाना मोहल्ले में रहने वाले विनीत कुमार मौर्य का दावा है कि वह बौद्ध समुदाय के सदस्य हैं और बौद्ध धर्म के अनुसार ही उनका आचरण है, याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि उस स्थान पर बाबरी मस्जिद बनाए जाने से पहले एक बौद्ध स्मारक था जिसका प्रमाण भारतीय पुरातत्व विभाग की खुदाई के दौरान मिला था और खुदाई में बौद्ध धर्म से जुड़े स्तूप खंभे और दीवारें पाई गई थी जो देखने में वाराणसी में मौजूद बौद्ध स्तंभों की तरह ही लगते हैं . उन्होंने दावा किया कि उस भूमि पर बौद्ध विहार था ,विनीत के अनुसार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण 2003 में कहा था कि विवादित स्थल के नीचे एक गोलाकार पूजा स्थल पाया गया है कोर्ट ने यह भी कहा था कि विवादित स्थल वाराणसी में मौजूद बौद्ध स्तंभों के समान है . इसी आधार पर बौद्ध धर्म के अनुयाई विनीत मौर्य ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है और उन्हें विश्वास है कि उन्हें न्याय मिलेगा .

विहिप ने कहा रामलला की भूमि पर बनेगा सिर्फ राम मंदिर नही काम आयेगा किसी और का दावा

वहीँ इस मामले पर विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा का कहना है कि पूरी दुनिया जानती है कि उस स्थान पर भगवान श्री राम का जन्म हुआ था और वाहन उनका मंदिर था जिसे एक विदेशी आक्रान्ता ने तोड़ दिया था सिर्फ निजी स्वार्थ के लिए कुछ लोग इस मामले को तूल दे रहे हैं हाई कोर्ट ने उस स्थान पर भगवान श्री राम के मंदिर को स्वीकार किया है हमे पूर्ण विश्वाश है जल्द ही सुप्रीम कोर्ट रामलला के पक्ष में अपना फैसला देगा और भव्य मंदिर का निर्माण होगा ,रही बात बौद्ध समुदाय के दावे की तो देश के सभी नागरिकों समुदाय के लोगों को अपनी बात रखने का हक है वो भी रख रहे हैं लेकिन उनकी याचका का हमारे मुकदमे पर कोई असर नहीं पड़ेगा .

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