कांग्रेस के इस बड़े नेता ने बताई पार्टी की हार की सबसे बड़ी वजह

भाजपा के शीर्ष नेता कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन के बाद उन विधायकों पर डोरे डाल रहे हैं जो दोनों पार्टियों के गठबंधन से नाराज़ हैं

By: अनूप कुमार

Published: 16 May 2018, 11:03 AM IST

फैजाबाद : कर्नाटक चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद अब पार्टी में हार की समीक्षा शुरू हो गयी है , हालांकि भारतीय जनता पार्टी सरकार न बना पाए इसके लिए हर संभव प्रयास में लगी कांग्रेस ने जीडीएस को समर्थन देकर जोड़तोड़ की सरकार बनाने की जुगत में लगी है लेकिन एक राज्य की स्वयम सत्ता गंवाने का दर्द कांग्रेसियों के दिल में भरा हुआ है . वहीँ कर्नाटक चुनाव में हार के बादउत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ निर्मल खत्री ने स्वीकार किया कि अपनी गलती और कमजोरियों के कारण 2014 का चुनाव हारे ,लेकिन अब 2019 के चुनाव में कांग्रेस अपनी गलतियां और कमजोरियों को सुधार रही है.उन्होंने कहा कि अगर हमारी कमजोरी ना होती तो शायद हम 2014 का चुनाव ना हारते लेकिन अब 2019 में कांग्रेस अपनी कमजोरियों को सुधार रही है अब वह गलतियां नहीं करेगी जो 2014 में कर चुकी है. डॉ निर्मल खत्री ने कहा कि 2014 के चुनाव में हम अपनी योजनाओं को जनता के बीच समझाने में नाकामयाब रहे जिसके कारण जनता ने मेरा साथ नहीं दिया. डॉ निर्मल खत्री ने कहा कि 2014 के चुनाव में जनता जुमलेबाजी के बहकावे में आ गई थी लेकिन अब सब कुछ साफ हो गया है. जनता यह समझ चुकी है कि भाजपा की सरकार केवल जुमले बाजों की सरकार है इसलिए 2019 में कांग्रेस अब दमखम के साथ चुनाव लड़ेगी.

भाजपा के शीर्ष नेता कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन के बाद उन विधायकों पर डोरे डाल रहे हैं जो दोनों पार्टियों के गठबंधन से नाराज़ हैं

बताते चलें कि 11 मई को कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया के बाद अगले चरण में मंगलवार को हुई मतगणना में कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस को करारा झटका लगा है और बीते कई चुनावों से मिल रही हार का मिथक कांग्रेस नहीं तोड़ पायी और कर्नाटक में करारी हार का सामना करना पड़ा है . वहीँ गुजरात ,त्रिपुरा में हुए विधानसभा चुनावों में जीत का सिलसिला केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने जारी रखा है और लगातार तीसरे राज्य में विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर हैट्रिक मार दी है . सोमवार को हुई मतगणना में कर्णाटक में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और बहुमत के करीब है वहीँ सत्तारूढ़ कांग्रेस को कुल 222 सीटों में से 78 सीटें मिली हैं वहीँ जेडीएस को भी 38 सीटें मिली हैं अन्य के खाते में 2 सीटें गयी हैं वही भाजपा ने अकेले दम पर करीब 104 सीटों पर जीत हासिल की है .नए समीकरण में कांग्रेस द्वारा जीडीएस को समर्थन देने के बाद अब तस्वीर बदल चुकी है और गठबंधन के दम पर कांग्रेस और जेडीएस ने 118 विधायकों के साथ होने का दावा किया है लेकिन भाजपा के शीर्ष नेता कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन के बाद उन विधायकों पर डोरे डाल रहे हैं जो दोनों पार्टियों के गठबंधन से नाराज़ हैं

अनूप कुमार Desk/Reporting
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