डीएम ने पेश की मानवता की मिसाल, लावारिस वृद्धा का करवाया इलाज, फिर किया अंतिम संस्कार

डीएम ने पेश की मानवता की मिसाल, लावारिस वृद्धा का करवाया इलाज, फिर किया अंतिम संस्कार

Anoop Kumar | Publish: Sep, 04 2018 08:05:19 PM (IST) | Updated: Sep, 04 2018 08:47:53 PM (IST) Faizabad, Uttar Pradesh, India

Exclusive : लावारिस वृद्ध महिला के साथ डीएम फैजाबाद ने निभाया बेटे का फर्ज दी चिता को मुखाग्नि

अनूप कुमार

फैजाबाद : कहते हैं कि इस दुनिया में मां बेटे का रिश्ता सबसे पवित्र और प्यारा होता है | लेकिन आज के बदलते सामजिक परिवेश में अक्सर देखा जाता है कि बूढ़े माँ बाप बच्चों पर बोझ की तरह लगने लगते हैं | बचपन में जिन उँगलियों का सहारा लेकर वो चलना सीखते हैं बुढापे में उन्ही हाथों की लाठी बनने की जगह वही बच्चे अपने माँ बाप को ठोकरें खाने को मजबूर कर देते हैं | लेकिन फैज़ाबाद के जिलाधिकारी डॉ अनिल कुमार पाठक ने एक ऐसी मिसाल कायम की है जिस ने न सिर्फ इंसानियत की एक बेहद मार्मिक नजीर पेश की है बल्कि यह भी दिखलाया है कि सिर्फ खून के रिश्ते ही सब कुछ नहीं होते | अगर इंसान किसी को अपना समझ ले तो इंसानियत के रिश्ते से बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता | जिलाधिकारी फैजाबाद में ऐसी ही मानवता की एक बेहद मार्मिक मिसाल पेश करते हुए एक सड़क दुर्घटना में घायल लावारिस वृद्ध महिला का न सिर्फ खुद अपनी गाड़ी से लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराकर उसका इलाज करवाया | बल्कि करीब 15 दिन तक चले इलाज के बाद जब उस महिला का निधन हो गया तो पूरे विधि-विधान से एक बेटे का फर्ज निभाते हुए उस लावारिस वृद्ध महिला के शव को मुखाग्नि दी | यह दृश्य देखकर अंतिम संस्कार स्थल पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई और हर किसी ने ऐसे कर्तव्यपरायण और मानवीय दृष्टिकोण को सर्वोपरि मानकर चलने वाले आईएएस अधिकारी की जमकर तारीफ की |

खुद सड़क के किनारे से लाकर कराया था अस्पताल में भर्ती लखनऊ से डाकटर बुलाकर कराया था वृद्ध महिला का इलाज

फैजाबाद लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 15 दिन पहले गोड़वा के पास एक लावारिस वृद्ध महिला जख्मी हालत में सड़क के किनारे पड़ी हुई थी | अचानक उधर से गुजरते हुए जिलाधिकारी फैजाबाद की नजर जब इस महिला पर पड़ी तो इन्होंने तुरंत गाड़ी रोककर उस वृद्ध महिला को अपने वाहन से जिला अस्पताल इलाज के लिए पहुंचाया | एक ज़िम्मेदार अधिकारी का फर्ज निभाते हुए खुद खड़े होकर उस महिला का इलाज कराया | इतना ही नहीं जब डॉक्टरों ने बताया कि महिला का जबड़ा दुर्घटना में टूट गया है जिसका इलाज फैजाबाद में संभव नहीं है तो डीएम फैजाबाद अनिल कुमार पाठक ने लखनऊ मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की टीम से संपर्क साध कर एक विशेषज्ञ डॉक्टर को फैज़ाबाद बुलाकर वृद्ध महिला का ऑपरेशन कराया | फिर तो मानो उस वृद्ध महिला से एक रिश्ता सा बन गया | अम्मा कहकर संबोधित करने वाले डीएम साहब रोजाना उस बूढ़ी महिला का हाल-चाल लेते और ये काम उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया | एक बेटे की तरह उन्होंने उस वृद्ध महिला का ध्यान रखा |

जब दुनिया से विदा हो गयी डीएम साहब की मुहबोली माँ तो खुद अपने हांथो से दी चिता को मुखाग्नि

लेकिन करीब 15 दिन चले इलाज के बाद नियति को कुछ और ही मंजूर था और सोमवार की शाम महिला का इलाज के दौरान निधन हो गया सरकारी प्रक्रिया के तहत 24 घंटे तक मृत महिला के परिजनों का इंतजार करने के बाद मंगलवार की अपराहन जिलाधिकारी फैजाबाद डॉ अनिल कुमार पाठक ने स्वयं जमथरा घाट श्मशान स्थल पर पहुंच कर नम आंखों से वृद्ध महिला के शव को अंतिम विदाई दी और पूरे विधि-विधान से उस लावारिस वृद्ध महिला की चिता को मुखाग्नि दी जिससे वह महज 15 दिन पहले मिले थे | बेहद गमगीन माहौल में वृद्ध महिला के शव का अंतिम संस्कार तो हो गया | लेकिन जिलाधिकारी फैजाबाद डॉ अनिल कुमार पाठक कि इस माननीय पहले उन तमाम अधिकारियों के लिए एक नजीर कायम कर दी जो अपने ओहदे और अपने रसूख के आगे आम जनता को कुछ नहीं समझते | जाहिर तौर पर इस प्रयास के लिए जिलाधिकारी फैजाबाद प्रशंसा के पात्र हैं |

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