बंद का विरोध : व्यापारियों ने कहा दूकान बंद कराने की जगह सरकारी दफ्तर बंद कराएं नेता

बंद का विरोध : व्यापारियों ने कहा दूकान बंद कराने की जगह सरकारी दफ्तर बंद कराएं नेता

Anoop Kumar | Publish: Sep, 10 2018 04:13:31 PM (IST) Faizabad, Uttar Pradesh, India

भारत बंद को फैजाबाद में जनता का समर्थन नहीं मिला और ना ही व्यापारियों का विपक्ष के भारत बंद के आह्वान को फैजाबाद की जनता व व्यापारियों ने उचित नहीं ठहराया है

फैजाबाद : भारत बंद को फैजाबाद में जनता का समर्थन नहीं मिला और ना ही व्यापारियों का।विपक्ष के भारत बंद के आह्वान को फैजाबाद की जनता व व्यापारियों ने उचित नहीं ठहराया है। फैज़ाबाद में दुकाने बंद हुई तो भय बस कि कहीं किसी पार्टी के कार्यकर्ता तोड़ फोड़ ना करें।आम जनता कहना है कि महंगाई से सभी परेशान हैं और केंद्र सरकार को महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए लेकिन इस तरह के बंद के आह्वान से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। व्यापारियों ने कहा कि व्यापारियों के प्रतिष्ठान बंद कराना उचित नहीं है अगर बंद ही करवाना है या सरकार को आड़े हाथों लेना है तो सरकारी दफ्तर बंद कराइए ताकि सरकार को दिक्कतें हो।महंगाई से आम जनता ही नहीं व्यापारी भी पीड़ित हैं लेकिन इस तरह से बंदी करवाना समस्या का समाधान नहीं। व्यापारियों व जनता ने भी अपील की कि केंद्र सरकार को महंगाई पर नियंत्रण करना चाहिए।

 

बताते चलें क कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर आज फैजाबाद में भी पेट्रोलियम प्रोडक्ट की कीमतों में भारी उछाल व प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल को लेकर विपक्ष का शांतिपूर्ण प्रदर्शन चल रहा है।भारत बंद के दौरान शहर की दुकानों को बंद करवाने के लिए कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ निर्मल खत्री के नेतृत्व में उतर पड़े और लगभग शहर की 50 प्रसिद्ध दुकानों को बंद करवा दिया।चौक में लगभग सारी दुकानें स्वतः बंद रही।चौक में पुलिस की मौजूदगी को देखते हुए सर्राफा व्यवसाइयों ने दुकानें बंद रखी हालांकि इस प्रदर्शन में विपक्ष एकजुट नजर नहीं आया। केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के खिलाफ जब केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर जब फैजाबाद की कांग्रेस इकाई सड़क पर थी तो समाजवादी पार्टी जिले की सभी तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर रही थी । कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ निर्मल खत्री ने केंद्र सरकार आरोप लगाया कि विदेश से आने वाले कच्चे तेल कीमत में गिरावट होने के बावजूद भारत में इसका रेट लगभग दुगुने से चल रहा है।उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में पेट्रोलियम प्रोडक्ट सामान्य रेट पर चल रहे थे लेकिन एनडीए की सरकार में लगातार कीमतों में उछाल हुआ है।वही प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए।

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