लूट के मुकदमे की जानकारी चुनाव आयोग को न देना भाजपा विधायक खब्बू तिवारी को पड़ सकता है भारी

लूट के मुकदमे की जानकारी चुनाव आयोग को न देना भाजपा विधायक खब्बू तिवारी को पड़ सकता है भारी

Anoop Kumar | Publish: Sep, 03 2018 03:37:49 PM (IST) Faizabad, Uttar Pradesh, India

फैजाबाद की गोसाईगंज विधानसभा सीट से भाजपा और अपना दल के संयुक्त विधायक हैं इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू


फैजाबाद : फैजाबाद की गोसाईगंज विधानसभा सीट से भाजपा के दबंग विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी पर बेहद गंभीर आरोप लगा है और यह आरोप है उन पर बीते 3 विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग को गलत जानकारी देने का | बीते 3 विधानसभा चुनाव में हर बार खब्बू तिवारी ने लूट के एक मुकदमे का हलफनामे में जिक्र नहीं किया है | विषय विशेषज्ञों के मुताबिक अगर यह आरोप सही साबित होते हैं तो वर्तमान में गोसाईगंज सीट से भाजपा के विधायक इंद्र प्रताप तिवारी का निर्वाचन रद्द हो सकता है | बताते चलें कि खब्बू ने साल 2007 से लगातार तीन बार सपा बसपा और फिर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा है | लेकिन साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में ही भाजपा के टिकट पर खब्बू तिवारी को सफलता मिली है |

यह मामला वर्ष 1997 में जौनपुर के सिंगरामऊ थाना क्षेत्र में जीप लूट की घटना का है | जिसमें जीप चालक मोहम्मद जुनेद ने थाने पर तहरीर दी थी कि उसकी जीप को लूट लिया गया और उसके बाद सोनभद्र के एक पीसीओ कर्मचारी की हत्या की घटना को अंजाम दिया गया | जिसका मुकदमा सोनभद्र के पिपरी थाने में दर्ज है और इसी मुकदमे में खब्बू तिवारी भी आरोपी है | इस प्रकरण को लेकर उप जिला निर्वाचन अधिकारी फैजाबाद मदन चंद्र दुबे ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन के दौरान हलफनामे में सूचनाएं छिपाना गंभीर प्रकरण है ऐसे मामलों में अपील होने पर सुनवाई का अधिकार भारत निर्वाचन आयोग के पास है और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो निर्वाचन रद्द करने का प्रावधान है. |


आरोपी भाजपा विधायक खब्बू तिवारी ने कहा मुझे नही पता मेरे ऊपर दर्ज है मुकदमा

वही इन सारे आरोपों के मद्देनजर गोसाईगंज से भाजपा विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू ने कहा कि 1997 में जौनपुर जिले के सिंगरामऊ थाने से संबंधित लूट के जिस मामले में उनका नाम शामिल किया जा रहा है उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है | 20 वर्षों में उन्हें कोई वारंट नहीं दिया गया और ना ही कोर्ट ने उन्हें तलब किया और उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है | साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने ऊपर लगे अपराध के सारे आरोपों का ब्यौरा हलफनामे में दिया है जिनकी संख्या 27 है |दावा इस बात का भी है कि खब्बू तिवारी कह रहे हैं कि अगर मैंने 27 मुकदमों का उल्लेख किया है तो एक और बढ़ जाता तो क्या होता विरोधी सिर्फ अफवाह फैला रहे हैं अगर मेरा नाम किसी केस में दर्ज है तो पुलिस और कोर्ट को कार्रवाई करनी चाहिए थी मुझे नियमानुसार जानकारी दी जानी चाहिए थी |


तो क्या खब्बू तिवारी ने जान बूझकर लिखवाया था गलत नाम पता

फैज़ाबाद : फैजाबाद की गोसाईगंज विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू को लेकर एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसमें खब्बू पर आरोप है कि उन्होंने 20 साल पहले अपने ऊपर दर्ज हुए लूट के एक मुकदमे को पिछले चुनाव में अपने शपथ पत्र में नहीं दर्शाया | वही इस मामले में खब्बू तिवारी के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील अपील करने वाले मोहम्मद जुनेद ने प्रमुख सचिव गृह से अपनी शिकायत में लूट व हत्या के मामले में गलत पता देने की शिकायत की है |जुनैद का आरोप है कि 1997 में जीप लूट की घटना की रिपोर्ट जौनपुर के सिंगरामऊ थाने में अपराध संख्या 77/97 में दर्ज है | जीप लूटने वाले बदमाशों ने सोनभद्र के पिपरी थाना अंतर्गत पीसीओ संचालक की हत्या की थी | यह मामला मुकदमा अपराध संख्या 142/ 97 धारा 302 ,506 आईपीसी के तहत दर्ज कराया गया था | जिसमें पुलिस ने घेराबंदी कर बदमाशों को पकड़ा था और उनमें गोसाईगंज के वर्तमान विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी भी शामिल थे | हत्या के मामले में जमानत के दस्तावेजों में अपना पता ग्राम गौहनिया थाना हरैया जनपद बस्ती दर्ज कराया था जो कि फर्जी था और इसी के चलते वह कोर्ट की पेशी के वारंट पर नदारद रहे | जब कोर्ट में हाजिर न होने की स्थिति में उनके ऊपर कुर्की की कार्रवाई तामील कराई गई तो 9 मार्च 2002 को हरैया के तत्कालीन थानाध्यक्ष ने कोर्ट में यह बताया कि इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी पुत्र कृष्ण गोपाल तिवारी ग्राम बरई पारा थाना महाराजगंज फैजाबाद के रहने वाले हैं और उनके द्वारा दिया गया पता गलत है | इसलिए सही पते पर कुर्की की कार्रवाई कराई जाए इस संबंध में थानाध्यक्ष ने सही पते की तस्दीक के लिए खब्बू तिवारी का जिला पंचायत सदस्य का प्रमाण पत्र भी कोर्ट को भेजा था |

 

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