लोक प्रशासन को लोक सेवक में बदलने की जरूरत- कुलपति प्रो सुषमा यादव

आईपीसी व सीआरपीसी 18वीं और 19वीं शताब्दी के है इनमे ज़रुरत है सुधार की ज़िम्मेदार सिर्फ नागरिक नहीं सरकार भी बने

By: अनूप कुमार

Published: 09 Jul 2018, 11:54 AM IST

फैजाबाद : जिले के डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में लोक प्रशासन व लोक सेवक पर एक सेमिनार संपन्न हुआ जिसमें लोक प्रशासन को लोक सेवक में बदलने की जरूरत महसूस की गई. सेमिनार में भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय हरियाणा की कुलपति प्रो सुषमा यादव व देश के कई शिक्षाविदों ने भाग लिया .देश मे लोक प्रशासन से लोक सेवक में सिस्टम बदलने के लिए मंथन किया गया. भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय हरियाणा की कुलपति प्रो सुषमा यादव ने कहा कि भारत में भी लोक प्रशासन में भारतीय समस्याओं के समाधान के तरीके खोजने की जरूरत है जिसमे शिक्षाविदों का योगदान भी महत्वपूर्ण है . पत्रकार वार्ता अवध विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित की गयी थी .

आईपीसी व सीआरपीसी 18वीं और 19वीं शताब्दी के है इनमे ज़रुरत है सुधार की ज़िम्मेदार सिर्फ नागरिक नहीं सरकार भी बने

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन अब न्यू पब्लिक सर्विस में बदला गया है .अब लोक प्रशासन को लोक सेवा में परिवर्तित करने की जरूरत है . वंही पत्रकार वार्ता में मौजूद अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मनोज दीक्षित ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि भारत के एक्ट 19वीं शताब्दी के है . भारतीय पुलिस एक्ट भी उन्नीसवीं सदी के प्रारंभ के है, आईपीसी व सीआरपीसी 18वीं और 19वीं शताब्दी के है . इसमें सुधार की जरूरत है. उन्होंने कहा कि 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ लेकिन संविधान के एक्ट ब्रिटिश संविधान की तरह है. व्यवस्था पर तंज कसते हुए अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो मनोज दीक्षित ने कहा कि फॉर्म भरने में गलती हुई तो आपकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन से आप कोई जवाब मांगे वह ना दे तो सरकार की जिम्मेदारी नहीं. सारी जिम्मेदारी पब्लिक की मानी जाती है .सरकार किसी भी चीज के लिए जिम्मेदार नहीं अब इसे बदलने की जरूरत है . पत्रकार वार्ता में अवध विश्वविद्यालय प्रशाशन से जुड़े अन्य लोग भी मौजूद रहे .

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अनूप कुमार Desk/Reporting
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