अनोखी पहल : बेटी की शादी में पिता ने दिया ऐसा दहेज़ की पूरे गाँव में हो रही है चर्चा

अनोखी पहल : बेटी की शादी में पिता ने दिया ऐसा दहेज़ की पूरे गाँव में हो रही है चर्चा

Anoop Kumar | Publish: Feb, 15 2018 11:18:24 AM (IST) Faizabad, Uttar Pradesh, India

फैजाबाद के ग्रामीण क्षेत्र हैरिंगटन गंज इलाके के एक गाँव में हुआ शादी समारोह बना चर्चा का केंद्र

फैजाबाद . आम तौर पर शादी विवाह के मौके पर वर वधु को उपहार देने की पुरानी परम्परा रही है ,धीरे धीरे ये परम्परा दाहेज के रूप में समाज में व्याप्त हुई और समय बीतने के साथ उसके दुष्परिणाम भी दिखाई देते रहे हैं लेकिन फैजाबाद में एक पिता ने अपनी बेटी की शादी में ऐसा दहेज़ दिया जिसे देख लोग वाह वाह करने लगे ,वहीँ इस पिता की सोंच को वर पक्ष के लोग और गाँव के लोगों ने भी सराहा .दर असल फैजाबाद के ग्रामीण क्षेत्र हैरिंगटन गंज के ग्राम आछोरा निवासी सर्वादीन यादव ने अपनी बेटी प्रीती का विवाह ग्राम परसपुर सथरा मजरे टोलकापुर के निवासी सुल्तान यादव के साथ तय कर रखी थी,पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बेटी की शादी में बारात आई सब कुछ परम्परा अनुसार किया गया ,जिसके बाद बेटी के पिता ने उपहार स्वरुप घर गृहस्थी के सामान बेटी को भेंट किये वहीँ इन सब सामानों के बीच सर्वादीन ने दहेज के रूप में दामाद व पुत्री को विभिन्न प्रजातियों के सात पौधे भेंट किये.

फैजाबाद के ग्रामीण क्षेत्र हैरिंगटन गंज इलाके के एक गाँव में हुआ शादी समारोह बना चर्चा का केंद्र

इन पौधों में आम, हर सिंगार, समी, जामुन, नीम, मैलश्री व चंदन के पौधे शामिल रहे, यह पौधे 17 जनवरी को वर-वधू अपने ही हाथों से रोपेंगे, इन पौधों को 17 फरवरी को ग्राम परसपुर सथरा में वर-वधू अपने हाथों से रोपेंगे. इस दौरान वे अन्य नव दम्पत्तियों से एक पौधा लगाने की अपील भी करेंगे. परसपुर सथरा के श्रवणजीत कनौजिया ने पर्यावरण को बचाने में एक अलख जगाई है. इसके बल पर उन्होंने अपनी एक अलग पहचान भी बना ली है. इसके लिए पिछले वर्ष डीएफओ रवि कुमार सिंह ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया था. एनवायर्मेन्ट सेवा संस्थान की ओर से पर्यावरण बचाने के लिए चलाई जा रही इस मुहिम के साथ युवा वर्ग तेजी से जुड़ रहे हैं। इसी मुहिम से प्रभावित होकर शादी, सालगिरह व बच्चे के जन्मदिन के मौके पर सैकड़ों लोगों ने पौधे रोपे हैं. गांव में शुभ अवसरों पर उपहार स्वरूप पौधे भेंट किये जाने की यह परम्परा अब धीरे-धीरे रिवाज बनती जा रही है.वहीँ यह अनोखा दहेज उपहार गाँव के लोगों के बीच चर्चा का केंद्र है और इस पहल को लोग सराह भी रहे हैं .

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