बड़ी खबर : अभी नहीं शुरू हो पायेगी जनकपुर अयोध्या बस सेवा दोनों देशों के बीच नही हुआ है समझौता

अहम् सवाल जब नही थी पूरी तैयारी तो बस को हरी झंडी दिखाने में क्यूँ की गयी जल्दबाजी मोदी सरकार सवालों के घेरे में

By: अनूप कुमार

Published: 16 May 2018, 01:13 PM IST


अनूप कुमार
फैजाबाद ( अयोध्या ) आखिरकार पत्रिका का दावा सही निकला ,जनकपुर से अयोध्या की सीधी बस सेवा को बीते 11 मई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने बड़े धूमधाम से हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दिया और अयोध्या में भव्य कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बस सेवा से आए यात्रियों का स्वागत करते हुए इसे एक ऐतिहासिक कदम भी बता दिया ,लेकिन अब एक बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर इस बस सेवा का लाभ जनता को मिलेगा कैसे ,जब अभी तक इस बस को चलाने के लिए भारत और नेपाल की सरकारों के बीच इस बस सेवा के लिए आपसी समझौता ही नहीं हुआ है . बताते चलें कि अयोध्या और जनकपुर के तमाम श्रद्धालुओं पर्यटकों को यह उम्मीद थी कि 11 मई को जनकपुर से अयोध्या के लिए रवाना होने वाली बस अब हर सप्ताह अयोध्या से जनकपुर जनकपुर से अयोध्या की दूरी तय करेगी और लोग आसानी से इस बस सेवा का लाभ ले सकेंगे . लेकिन इन उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है और अभी इस सेवा का लाभ लेने के लिए लोगों को और इंतजार करना पड़ सकता है . दिलचस्प बात यह है कि इस बस सेवा को लेकर यूपी परिवहन निगम ने अभी तक कोई तैयारी नहीं की है हालांकि उन्हें एक बस तैयार करने के लिए कहा गया था लेकिन बाद में विदेश मंत्रालय ने मना कर दिया .

अहम् सवाल जब नही थी पूरी तैयारी तो बस को हरी झंडी दिखाने में क्यूँ की गयी जल्दबाजी मोदी सरकार सवालों के घेरे में

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 मई को नेपाल के जनकपुर धाम से अयोध्या के लिए सीधी बस सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था . यह बस सप्ताह में एक दिन जनकपुर से सीतामढ़ी होते हुए अयोध्या आएगी और अयोध्या से वापस सीतामढ़ी बिहार होते हुए जनकपुर जाएगी . लेकिन अभी तक इस बस के संचालन को लेकर सही समय और यात्री भाड़ा तय नहीं हो सका है . इसको चलाने के लिए ना सिर्फ यूपी सरकार और नेपाल सरकार के बीच संयुक्त समिति की बैठक में फैसला लेना होगा बल्कि बिहार राज्य से भी इस बस को चलाने के लिए समझौता करना होगा . यह बस अयोध्या से रवाना होने के बाद बस्ती ,आजमगढ़, मऊ ,गाजीपुर, बलिया, गोरखपुर होते हुए बिहार में बक्सर, पटना, वैशाली ,दरभंगा ,मधुबनी ,सीतामढ़ी ,पूर्वी चंपारण के बाद नेपाल के जनकपुर धाम पहुंचेगी .यह बस सेवा भारत में उत्तर प्रदेश और बिहार राज्य का सफर पूरा कर नेपाल के जनकपुर धाम पहुंचेगी .

अगले महीने भारत नेपाल के परिवहन मामलों की संयुक्त समिति की बैठक में बस सेवा को मिल सकती है मंजूरी

प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला की माने तो अयोध्या से जनकपुर के लिए यूपी परिवहन निगम की बस सेवा उपलब्ध नहीं है . इस सेवा के लिए एक बस तैयार करने के लिए आदेश आया था जिसमें एक बस नेपाल से अयोध्या चलाए जाने और दूसरी बस अयोध्या से जनकपुर के लिए भेजे जाने की बात सामने आई थी लेकिन बाद में विदेश मंत्रालय ने मना कर दिया .उम्मीद है कि अगले महीने दोनों देशों के परिवहन मामलों की संयुक्त समिति की बैठक है इसमें इस मार्ग पर बस सेवा को मंजूरी मिल सकती है . बड़ा सवाल यही है कि जब बस को चलाने के लिए पूरी तैयारी ही नहीं थी तो बस को हरी झंडी दिखाने में इतनी जल्दबाजी क्यों की गई . कहीं ऐसा तो नहीं कि विपक्ष के आरोप सही हो और 12 मई को कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव के मतदान में हिंदू मतदाताओं को लामबंद करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनकपुरधाम में जाकर भगवान राम की नगरी के लिए बस को हरी झंडी दिखा दी ......

अनूप कुमार Desk/Reporting
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